Hey, I am on Matrubharti!

#सक्षम

आज ये समा भी कितना हसीन लगता है,
सच्चे वाले लब्जो का बना मशवरा लगता है,
ये कायम बने इश्क़ की आवारगी सा लगता है,
दो जहन से जहा में भूलना कितना अच्छा लगता है,
तेरे मेरे दिल में रिश्तों से जुड़े ख्वाब सा लगता है,
यूंही सदा चले अपनी महॉबात ये सोच कितना अच्छा लगता है,
अंधेरों में उजाले भरे रहे एक कयामत सा लगता है,
यूंही सक्षम बने रहे अपने दौर तो कुदरत का सिलसिला बना है जैसे दो प्यासे जहन से लगता है

DEAR ZINDAGI 🤗

Read More

#अवरोध

कल्पना ओ से बनी एक दुनिया सी है,
अंदर मन में बेबसी बनी जिंदगानी भी है।

लब्जो से निकले घायल हुए अल्फ़ाज़ है,
दुनिया के सामने जजब्तो में संघर्षों की नुमाइश है।

सफ़र के दौरान एक नया दौर भी खड़ा लगता है,
हर एक वक़्त किसी विचारो से जूझता भी रहता है।

संभाले ना संभले दिल का आशियाना भी सा है,
धराशाई हुए मौसम की तरह अश्कों में पानी की बूंदे भी है।

कम्बख़त जान कर अंजान बन हारता रहता भी है,
अंतर आत्मा से जूठा दोहरा कर उसे दूर से प्रतिरोध करता है।

परिस्थितियों से कदम पीछे ले कर इतना विचलित
सा भी है,
जहा स्थिति में इश्क़ के मामले एक जहर की जरूरत सी है।

पाना है बड़ी मुद्दत के बाद उसे और जिंदगी बनना भी है,
और अवरोध है कि कश्मकश जिंदगी को मिलने देता ही नहीं है।

DEAR ZINDAGI 😔🌹

Read More

#अवरोध

जिंदगी जीने से ज्यादा मरने पर तुली है,
कमबख्त इश्क़ के मामले में दुनिया रों रही है,

ए चांद मिलन की बातो का प्रस्ताव सा रख,

टूटना बिखराना कितना अवरोध बने मुहावरे से आए है,
तू सिलसिला प्यार करने का एक कयामत लाने का रख।

DEAR ZINDAGI 🤗

Read More

#अवरोध

ए दिल मन क्यू बार बार हलचल कर रहा है,
शोर शराबे दुनिया के क्यू अंतर्मन में हो रहे है,
उसके पहेली नज़र के सामने पलके भिगो रहा है,

अवरोध जान कर भी होठ को क्यू गुनगुना रहा है,
ए खुदा उसे पा कर भी पा ना सका कभी
फिर भी क्यू ये दिल यादों में खोया रहता है।

DEAR ZINDAGI 🤗

Read More

#अवरोध

जानती है इश्क़ का मतलब ,
ना कोई दौर है अलग होना,
फिर भी हर दम जलाया करती है,
मेरे होने के बावजूद खुद में अवरोध डाला करती है,

सही राह में राही बने से है,
मेरे विश्वाश को बढ़ावा दिया करती है,
मेरे होने ना होने का वजूद मिटा सकती है,

पापा की इज्जत के खातिर मुझे छोड़ सकती है,
बहुत है इश्क़, पर हमसे जता नहीं सकती,
मौन रहकर कास्ट का प्रॉब्लम जताया करती है।

DEAR ZINDAGI 😏

Read More

#संतुलन

हज़रत ए इश्क को महफूज़ रखा गया,
परवाह कर उसे अपने वश में किया गया,
आसमाँ-जमी में कोई फर्क नजर ना आने दिया,
अंधेरों में उजाला होने का वजूद दिलाया गया,
ए जिंदगी उसके जमीर का यू संतुलन बिगाड़ा गया।

DEAR ZINDAGI 💞

Read More

#आसमानी

ये बरसात का मौसम हर एक की जिस्म में अदा किया खुदा ने,
आसमानी रंगीन दुनिया में गम का सैलाब जलता किया खुदा ने।

ये चांद रात भर बारिश में भिगोया और उसके अश्कों की लकीर नहीं दिखाई खुदाने,
तन्हा सूरज भी सागर की बूंद को तरस गया, पर उसे जलन ही दी खुदाने।

DEAR ZINDAGI 🙏

Read More

#ज़िंदा

रोज रोज तुम्हारे नखरे उठाए जा रहा हूं,
जूठे प्यार को झेल झेल कर थक कर टूटा जा रहा हूं।

रंगीन सफ़र से जुड़े ख्वाब को जाले लगाए जा रहा हूं,
उलफत मन में बसे जज्बातों को ठोकर मारता जा रहा हूं।

वफा के चौराहे पर बैठ बेवफाई का सिलसिला जिए जा रहा हूं,
आंखो से निकलते अश्को को आइने में बताए जा रहा हूं।

जिंदा रहकर खुदगर्ज दर्द को जुठी कहानियां सुनाए जा रहा हूं,
ये तोहमियात लगी खुद के किरदार को हकीकत में वो नाम से हटाए जा रहा हूं।

DEAR ZINDAGI 😔

Read More