"બ્રહ્માંડ. એ અનંત સુધી વિસ્તરેલું છે. જ્યારે તમે એના અંત પર પહોંચો છો ત્યારે એક વાંદરૂ તમારા પર પથરા ફેંકવાનું ચાલુ કરે છે." સમજાય એ જરૂરી નથી, અનુભવવાથી કામ ચાલી જશે. પ્રકૃતિ તથા પ્રેમને પંક્તિઓમાં કંડારનાર

આ આકુળ વ્યાકુળ વસ્તીમાં હું એક આળસુ અણું છું,
બધા કરે છે દોડાદોડ ને હું ઊંઘભરી આંખે માથું ખણું છું

Maharaja Krishna Kumarsinhji Bhavsinhji
#રાત_કે_જઝબાત #AjArpit
#RaatKeJazbaat #AppJockey

जरा सा थम के मेंने देखा
एक ख्याल उदास सा बैठा था
ध्यान दिया तो बुजा सहसा
वो कुछ तेरे मेरे जैसा था
दुख उसका दूर करने को
सोचा चलो कुछ कर जाते है
एक हाथ तेरा एक हाथ मेरा
ऐसे जुला हम बनाते है
कुछ पल ऐसे सोचते
में वही पर रूक गया
और खुशी बाटने का प्लान
मेरा, में अचानक से भूल गया
जब तंद्रा टूटी और आया हॉश
तो देखा वो खयाल अब भी वही है
बातचीत हुई थोड़ी बहुत, इधर उधर
तब जाना वो रहता तो मुझ में ही है
मेने बोला चलो तुम को थोड़ा मजा दिलवाते है
मिल के हम दोनो चलो तुम्हे जुला जुलाते है
उसने आखिर समजाया वो खुद के लिए दुखी न था
पलटा में और जो देखा मुड़ के तो पीछे तू न था
ढूंढा मेने थोड़ा बहुत, इधर उधर
में भी हु खयाल भी है लापता बस तू ही है
अब हम दोनो ही वहा पर बैठे है
वो भी उदास और में भी उदास

थोड़ा बहुत लिखा है आज। अपने विचार प्रदर्शित करे।
चलो कमेंट सेक्शन में महफ़िल बिठाते है :)

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