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જે સાંધા અને વાંધા વચ્ચે પણ

અકબંધ રહે તેનું નામ "સંબંધ"

✍️ ગીતા પરમાર..

नज़र से नज़र मिला कर
तुम "नज़र" लगा गए...

ये कैसी लगी नज़र की हम
हर "नज़र" में आ गए...!!

✍️ गीता परमार..

जिन्दगी से शिकवा नहीं की उसने गम का आदि बना दिया..

गिला तो उनसे है जिन्होंने रोशनी की उम्मीद देकर दिया ही बुझा दिया..!!

✍️ गीता परमार

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ભગવાન નરી આંખે બધું જોવે જ છે..!!

તો પણ

વફાદારી નિભાવનાર જ જીંદગી ભર રોવે છે..!!

✍️ ગીતા પરમાર

कोई मिला ही नहीं हमें कभी हमारा बन कर..

वो मिला भी तो बस एक किनारा बन कर..

हर ख्वाब बन कर टूटा है यहाँ,

बस अब इंतजार ही बचा है एक सहारा बन कर..!!

✍️ गीता परमार

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उस को "रांझा ना कहो जो ना हुआ फकीर..

जो ना बनीं जोगन तो फिर काहे की वो " हीर "..

- अज्ञात

वक्त नहीं है किसी के पास..

जब तक ना हो कोई मतलब खास..!!

✍️ गीता परमार..

जो कभी डरा ही नहीं मुझे खोने से,

भला वो क्या अफसोस करेगा मेरे ना होने से..!!

✍️ गीता परमार..

रातों को आवारगी की आदत तो हम दोनों में थीं,

पर अफसोस की चाँद को ग्रहण और मुझे इश्क हो गया..!!

સાચા પ્રેમી પ્રેમ માટે તરસી જાય છે,

માટે તેમનો પ્રેમ આંસુ બની વરસી જાય છે..!!

✍️ ગીતા પરમાર..