કલ્પના અને શબ્દના અનુભવ નો નીચોડ એટલે કવિતા. અને બન્ને નો સાક્ષી એ કવિ. .. ...

રંગમંચ પર નાટક ચાલતું હતું,
ને ત્યાં મંચ તુટી પડયું...
પાત્રો વીખરાય ગયા,
અને નાટક પતિ ગયુ.

✍️Milan.

तेरा धोखा था...
और हमे लगा साला प्यार था.

मिलन

बिखेर के सब इधर उधर तेरी तस्वीर को ढूंढ रहा था l

थक जाने के बाद मिली जरूर... 2

पर वो तो किसी और के साथ खींची पड़ी थी.

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હતી જેટલી ઉધારી ચૂકવી બેઠો તારા પ્રેમની,

હવે બાકી ના વ્યાજ મારે એકલા યે ભરવાના.

तू जच रही है थोड़ा संवर ने के बाद,
लगता है वापस आयी हे थोड़ा भटक ने के बाद.

अब तो बिगड गये हे,

थोड़ा दूर रहना I

वर्ना तुमसे भी सरारत कर बैठेंगे I
👉मिलन

उसने हमे मुहोब्बत मे ठुकराया ।

और हमने मुहोब्बत से सारे जहाँ को पा लीया।

👉 मिलन ए गौस्वामी।

उसने मुजे कहा तुम क्या छोड़ सकते हो मेरे लिये...

मेने उसे ही छोड़ दिया उसके लिये.

✍️मिलन.

थक गया हू तेरी यादों से, मुजे थोड़ा होस तो आने दो...2

में लाया हू सारे सबूत....(2)

मुजे जरा कोर्ट तो आने दो.


✍️Milan A. Gauswami

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