One can experiences direct experience like suspense, thriller, action, romance, murder mystery in short story, long story and red it in my written book most of the stories, novels, social, spiritual, inspirational, creative, imaginative, Psychological, etihasic, technological, love emotional, Buddha, I have written books on all these topics and write Poetry, well thought out and creative quotes.. There are occupations and passions that flow in my blood like a veil Always... by--- Shekhar Kharadi

उसके लिए क्या रोज़-रोज़ मरना..??
जिसे हरगिज़ मंजूर नहीं है साथ रहना...

तू पास आ, तो, तुझमें समां जाऊं
तू एकबार हां कर, तो, दिल से मिट जाऊं

हल्की सी तेरे
कदमों की...
आहट सुनकर ,
ऐ दिल मिलने के लिए
तड़प उठता हैं

डूबे है तेरे इश्क़ में ऐसे
जैसे कभी तैर न पाए ,
तेरी आंखों में देखकर...

इश्क़ मेरा आज़ाद पंछियों जैसा ,
खुशियाँ ढूंढें नादान बच्चों जैसा ।

कुछ सपने भी थे, कुछ अपने भी थे
इन दुविधा में अकेली जीती रही ।

कुछ बेगाने भी थे, कुछ दिवाने भी थे
इन चुनौती में तन्हा मरती रही ।

कुछ जुबानी भी थे, कुछ जज़्बाती भी थे
इन अल्फ़ाज़ों में गहरी ढ़लती रही ।

कुछ दिखावे भी थे, कुछ नफ़रतें भी थे
इस मतलबी दुनिया में इतनी छलती रही ।

कुछ अनचाहे भी थे, कुछ अनदेखे भी थे
इन रिश्तों के सौदेबाज़ी में भूलती रही ।


-© शेखर खराड़ी (६/५/२०२१)

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तुम सामने नज़रें गड़ाए बैंठी हो
जरा नज़रें हटे तो दौड़कर आऊं ।

तुम भींगी यादों में बहकर आई हो
जरा गर्मी बढ़ें तो कूदकर आऊं ।

तुम लम्बी दूरियाँ खोदकर आई हो
जरा वक्त़ मिले तो भरकर आऊं ।

तुम पुरा एहसास खोकर आई हो
जरा गहराई मिले तो डूबकर आऊं ।

तुम प्यार को टेढ़ा खोलकर आई हो
जरा दिल दिखे तो सीधा तैरकर आऊं ।

-© शेखर खराड़ी ( ५/५/२०२१)

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प्यार कितना भी कर लूँ...
नफ़रत मिटती ही नहीं