Hey, I am on Matrubharti!

#आसमानी
आसमानी झील सी आंखों में, डूब गया है दिल मेरा
सहारा मिल गया है उसका, जमाने की है अब किसे परवाह।
सरोज ✍️

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#वास्तविक
वास्तविकता व सच्चाई, आज विलुप्तता की कगार पर है।
सरोज ✍️

#टेढ़ा -मेढ़ा
रास्ते टेढ़े-मेढ़े हो या सरल दोनों का है अपना महत्व
एक सफर आसां बनाता है, दूजा अनुभव दे जाता है।
सरोज ✍️

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#उत्साही
हो निराश जब भी मैंने रुकना चाहा
उत्साही मन मेरे ने मुझे यहीं समझाया
रास्तों की बाधाओं से तू मत घबरा
हिम्मत रख और आगे कदम बढ़ा
बन उत्साही सफलता को गले लगा।।
सरोज ✍️

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#गलत
रिश्तों में पसरा सन्नाटा, खामोशी शोर मचाती है
मैं सही तू गलत के फेर में, दिलों में दूरियां बढ़ती जाती है।
सरोज ✍️

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#गलत
गलत नहीं हूं,फिर भी चुप रहती हूं
बंधी रहे रिश्तों की डोर, इसलिए
चुप्पी की चादर ओढ़े रहती हूं।।
सरोज ✍️

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#गीला
आंखें हैं सूखी,दिल कुछ गीला गीला सा है
अहसासों की कमी से ,अब हर रिश्ता कुछ
सीला सीला सा है।
सरोज ✍️

#जोरदार
जोरदार रहा आज मेरे दिन का आगाज
आज मेरी लेखन प्रतिभा को मिले कई सम्मान
दिन अभी तो बाकी है, शाम ढले तक देखो
प्रभु कृपा से और कितनी खुशियां झोली में आती है।
सरोज ✍️

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ये जो हर छोटी-बड़ी बात पर हम
छुट्टियों से खास लगाव जतलाते थे
लो अब कोरोना ने हर दिन संडे बना दिया
घर में बैठे हो रहे बोर, हाय हमारा तो
छुट्टियों का सारा क्रेज ही मिटा दिया।।
सरोज ✍️

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#विशाल
माना ये दुनिया है विशाल
फिर भी सिर छुपाने की जगह
कहां सबको मिल पाती है
कट जाती है, सारी उम्र इस
खुले विशाल आसमां के नीचे
आखिर में 2 गज जमीन के नीचे
ये जिंदगी सिमट कर रह जाती है।
सरोज ✍️

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