zinadgi khak na thi... khak udaate gujri....

हां ये नहीं कहती कि ज़िन्दगी बेहतर नहीं,
पर तुम होते तो बेहतरीन होती ..
ये भी नहीं कहती कि हंसती नहीं अब..
पर तुम होते तो ज़िन्दगी हसीन होती..

Read More

कुछ ख़्वाब जो अब छोड़ दिये मैंने,
कुछ हकीकत को अपना लिया..
कुछ आदतें जो अब नहीं रही,
कुछ जरूरतें जो पूरा करती हूं..
कुछ मनमर्जियां जो अब नहीं करती,
कुछ ज़िम्मेदारियां जो निभाना सीख लिया..
कुछ अपनो की अपनी ना हो सकी,
तो कुछ गैरों को अपना लिया..
एक ज़िन्दगी जो जीनी छोड़ दी मैंने,
एक उम्र जिसे गुजार दिया..

Read More

हाय, मातृभारती पर मेरी कहानी 'ममता की छाँव - 2' पढ़ें
https://www.matrubharti.com/book/19877607/mamta-ki-chhav-2

-- Sarita Sharma

https://www.matrubharti.com/bites/111322651

हाय, मातृभारती पर मेरी कहानी 'ममता की छाँव - 2' पढ़ें
https://www.matrubharti.com/book/19877607/mamta-ki-chhav-2

कैसी कश्मकश है इश्क़ में भी दिलों की..
कोई इनकार के डर से ख़ामोश है..
तो कोई इज़हार के इंतजार में ख़ामोश है..

यूं जान जान कहकर, इश्क़ की नुमाइश ना कर..
बस इतना सा कह दे, मेरा सारा ज़हान तुम हो..

बातों में तो शायद झलक जाए इश्क़ पर..
जो इन ख़ामोशियों में इश्क़ है,
वो लफ़्ज़ों में कहां..

अब धुंधली पड़ चुकी है, तेरे ख्यालों की तस्वीरें..
इन तस्वीरो में फिर रंग भरने को जी चाहता है..
एक ज़िन्दगी जो तेरे साथ मुक़म्मल नहीं हो सकती..
फिर भी तेरे साथ जीने को जी चाहता है..

Read More

तिल तिल के मरना हर रोज़.. मर मर के जीना..
यूंही किसी याद के साथ जीते चले जाना..

ऐ जाते हुए साल
जाते-जाते,
सबके जीवन से,
दुख, तकलीफें,
और परेशानियां..
भी लेते जाना,
और
देते जाना,
सुकून भरी ऐसी ख़ुशी..
जो खत्म ना हो क़भी..
बढ़ती ही जाए
साल दर साल..😊

Read More