I M pravin prajapati

“नाम बदनाम होने की चिंता छोड़ दी मैंने अब जब गुनाह होगा तो महशोर भी तो होगे।”
* Pravin Prajapati *

जब हम दोस्ती निभाते है तो अफ़साने लिखे जाते है और जब हम दुश्मनी करते है तो तारीख़ बन जाती है
*pravin Prajapati *

किरदार देखना है, तो सूरत न देखिए,

मिलता नहीं ज़मीं का पता आसमान से
* Pravin Prajapati *

हवाओं से कह दो अपनी #औकात में रहे
हम पंखों से नहीं #हौसलों से उड़ान भरते हैं..!!
*Pravin Prajapati *

कहीं फिसल ना जाओ, जरा संभल कर चलना..*

मौसम बारिश का भी है और जिम्मेदारियों का भी*
*Pravin Prajapati*