I am reading on Matrubharti!

હોય ભલે તારા ઘણા દીવાના અહીં,
શબ્દોમાં તને ઢાળનાર હું એક જ છું.
નજરોથી કદાચ પામશે લોકો તને,
ગઝલમાં તને પામનાર હું એક જ છું.

Read More

कुल्हड़ में चाय पीने का एक नायाब फायदा ये भी है,कि

इसी बहाने चूम लेते हैं, देश की मिट्टी जाने अनजाने l

Happy Republic Day.
Jay Hind.
Vande Mataram.

छोड़ दिया चाँद का साथ हमने ये सोचकर

जो रात का ना हुआ वो हमारा क्या होगा l

लोगों ने रोज़ ही नया कुछ माँगा है ख़ुदा से,

एक हम ही हैं जो तेरे ख़याल से आगे ना गये l

મારી આંખોમાં ભરાઈ આવેલા ખાબોચિયાને......

આવીને ઘટ-ઘટ પી ગયું;

"તારું સ્મરણ".

आवाज भी नही होती
और हम चीख लेते है,

इसलिये हम बोलते नही
सिर्फ लिख लेते है ।

नुक्स निकालते हैं वो इस कदर मुझ में,

जैसे उन्हें खुदा चाहिए था और हम इंसान निकले l