હુ ખુદ ની જ ખોજ માં છુ

ये खमोशिया भि न जाने कितना शोर करती ही
जीते हुये इन्सान को भि
जीते जी मार देती हे..

रंग जो चढ़ा तेरे इश्क़ का..
न चडेगा अब दूजा रंग..
कोइ फ़किर कि हु फ़किरि
मीरा कि भक्ति का त्याग हु
प्रित हु राधा कि लगन कि
और रुक्शमणि सा भि सम्मान हु
bhumi patel

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सुरत फ़िर भि सुरत हे
मुझे तो तुम्हारे नाम के
लोग भि अच्छे लगते हे

ये टूटे दिल वालों कि मेह्फ़िल हे जनाब..
फ़िर क्यु यहाँ दिल जोड़ने के जज्ज़बात रखते हो
कोइ बताओ उसे कि दुर रहे वो रहे हमसे
क्यु जीने कि उम्र मे ज़ेर कि चाह रखते हे
bhumi patel

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ઘાવ ગમે તેવો ઉંડો હોય પણ
સમય સાથે ભરાય જતો હોય છે
પણ આ નિશાન બાકી રહિ જાય એનું શુ???
bhumi patel

ન જાણે કેમ હવે આ અેકલતા ગમવા લાગી છે
મનમાં ઉઠેલી દરેક આશ શમવા લાગી છે
ખુશ રહૂ છુ હુ આજકાલ પોતાના મા જ
કેમ કે હવે કાગળ અને કલમ જોડે રમવા લાગી છૂ...
bhumi patel

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अब तक किसिने समझा हि नहि
हम क्या हे क्यु बताये किसिको
अजमाकर देख लेना किसी दिन
टूटे हुये मिलेंगे पर गिरे हुये कभी नहीं!
bhumi patel

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કોઈ આવીને પુછી ગયુ કે ધરતી(ભુમી)
હુ તારો વરસાદ બનવા માંગૂ છુ,,
ધરતી યે પણ જવાબ આપી જ દીધો કે
મારે વરસાદ ની જરુર છે"ઝ।પટા" નહિ..
"Don't take a personally please""
Bhumi patel

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किसिको पाने कि चाह मे
खुद को खो देते हे हम..
किसि कि मुस्कुराहट के लिए
खुद हो रो देते हे हम ...
वजुद मिटाकर खुद का
फ़िर भी जी लेते हे हम..
और लोग कहते हे कि
बहुत हस लेते हो तुम..
bhumi patel

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हमे तो पसंद हे खामोशि हमारी
इस दर्द को सरेआम करना नहीं चाहते..
हमारा हे तो हम तक हि रहे
इसे सबको बताकर शर्मिन्दा करना नहीं चाहते..
Bhumi patel

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