"બેનામ"

ये अश्क बिना बात के यूहीं बह जाते है क्यो ??

ये अपने बिना बात के दर्द यूहीं दे जाते है क्यो??

@बेनाम

લડવું છે વિચારો નું યુદ્ધ ઘણા અંગત ની સામે,

શ્રીકૃષ્ણ ને કહો કે ફરી ગીતા સંભળાવે..

अंजामे महोबत हमें भी सब मालूम था,

बस उसके इश्क ने पागल बनाये रखा था।

@बेनाम

याद आती ही नहीं मेरी तुझे फिर
ये जूठे दिलासे क्यों??

तुझे जाना ही है मुझसे दूर फिर इतने बहाने क्यों??

@बेनाम

Read More

ક્યારેક જીવન જીવવાની રીત અણગમતી અપનાવી લઉ છું,

સત્ય ને રેઢું મુકી સમાધાન તરફ ઢસડાઈ જાઉં છું.

डर अंधेरी रातों का नहीं लगता मुझे क्योंकि वो ही उससे मिलाती है,

डर ये उजालों से बेपनाह लगता है मुझे क्योंकि वो ही उससे जुदा कर जाती है।

@बेनाम

Read More

मुझे लौटना ही था तेरे दर से तो यहां आया क्यों??

तुझे चाहत नहीं थी मुझसे तो मुझे बुलाया ही क्यों??

@बेनाम

गम का समंदर तो हम पी ही लेंगे बेनाम,

बस तुम हमारी खुशियों में शामिल हो जाना।

@बेनाम

कुछ तो वजह है ये दिल की दूरियां नहीं मिटती,

बेनाम,

वर्ना कहीं सुना है ?? की हरी साख पर पत्तियां नहीं खिलती ।

Read More

लौटकर तो जाना ही था मुझे तेरे शहेर से,
अब यहां कोई मेरा हमसाज नहीं रहता,

मेरी राह के हमसफ़र बहुत है मगर,
बेनाम यहां कोई मेरा हमराज नहीं रहता।

@बेनाम

Read More