Full story of my life...._ myself a half writer...

Follow me on Instagram!
Username: x_satyendra_prajapati
https://www.instagram.com/x_satyendra_prajapati?r=nametag

उफ्फ......😍😍😍

हुस्न और ऊपर से उस पर इतराना क्या खूब अदा पाई है,
झुकाकर नजरें यू मुस्कुराना ये नज़ाकत कहा से लाई है,
रोज रोज खंजर चलाती हैं मै रोज रोज मरता हूं,
हाय कमबख्त इतनी कातिलाना आंखे कहा से लगवाई है.....

Read More

फिर इक बार मेरी नजरों से अपनी नजरें मिलाकर तो देखो,
अपने गुरूर को मेरी इश्क़ की आग में जलाकर तो देखो,
तू खफा हैं मुझसे मुझे मालूम है अब तू मेरा न रहा,
मगर मै आज भी सिर्फ तेरा ही हूं मुझे फिर से बुलाकर तो देखो..

Read More

बैठ कर तन्हा यू किसके ख़्वाब चुराए जा रहे हो,
यू चुपके से किसके ख्याल में मुस्कुराए जा रहे हो,

KHUSH HONE KI BAAT HAI KI NHI???

Ab aap hi batao jiska yani apun ka pahla album songs "Dosti" duniya ke jane pahchane, yu kahiye suron ke badshah by- #Arjit_singhhh ki awaj me dm dm........wait for January 2020🔥🔥

Read More

क्यों तू खुद को हारा बुजदिल समझता है
क्यों तू अपने हाथों की लकीरों से उलझता है,
अगर कुछ करने की जिद उसे पाने का हौसला हो ,
क्या तुझे मालूम नहीं फिर क़िस्मत का लिखा भी बदलता है..

Read More

सांसे है जब तक मुश्किलें तो आनी जानी है,
कभी खुशी कभी गम की कहानी है..

कितनी किसकी वाकी है किसको पता,
जो गुजर गई वहीं तो जिंदगानी हैं..

मतलबी लोग थे मिलके भूल गए,
मगर कमबख्त इसमें कहां परेशानी हैं..

ना जाने किस बात का उन्हें गुरूर हो गया,
जो भी हुआ उनके दिल की नाफरमानी है..

कौन निभाता है दोस्तियां उम्र भर यहां,
धूप आते ही सूख जाता बारिश का पानी है..

चली आती है दौड़ी तन्हा देखकर मुझे,
बस इक तन्हाइयां ही तो मेरी दीवानी हैं..

#satyerndr @

Read More

देखकर मेरी आंखो के अश्कों के धारे,
पूछते हैं मुझसे ये चांद और सितारे,
तुझ पे मरने वाले तेरी आंखो से रोने वाले,
आज कहां गए हैं वो हमदम तुम्हारे....

✍️S.k

Read More

ये गरीबी भी कमबख्त अपनी औकात दिखा जाती हैं,
साहब.. ये "हुनर" और "होनहार" दोनों को खा जाती हैं..✍️

उजड़ा आशियां बनेगा फिर, कितनी मदारातों के बाद,
आकर ठहरे है इक अजनबी, गमों की कितनी रातों के बाद।

प्यास बुझेगी मेरी दिल की, अब कितनी बरसातों के बाद।।
मगर वो अजनबी ही है आज भी, कितनी मुलाकातों के बाद....

दिल को बड़ी शिफाकत से रखा था दुनिया से बचाकर मैंने,
मगर इश्क़ करने का जुर्म कर बैठे थे कितने एहतियातों के बाद..

आग दामन की बुझाने में मिट गई मेरी हाथों की लकीरें मगर,
मेरी किस्मत की लकीरें थी उनके हाथों में मेरे हाथों के बाद..

दर्द-ए-दिल में बस इक आरजू लिए जिए जा रहे हैं हम,
इक रोज़ लौटकर आयेगी खुशियां, गम-ए-हालातों के बाद..

कभी तो निकलेगा फलक पर, इक आफताब मेरे लिए भी,
यकीनन इक सुबह मेरी भी होगी, इन तमाम काली रातों के बाद..


#सत्येंद्र_ ✍️

Read More

हालातों और मुश्किलों से बख़ूबी लड़ना सिखा रही थी,
"दोस्तों"आज एक जर्जर कस्ती तूफानों से टकरा रही थी..
✍️

Read More