परख से परे है ये शख्सियत मेरी, मैं उन्हीं के लिये हूँ जो मुझपे यकीन रखते है !!

*"दिसंबर" आ रहा है अब "याद" बिल्कुल भी मत आना...!!*
*सुना है "पुरानी चोट" अक़्सर* *"सर्दियों" में दर्द देती है...!!*

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फिर से तेरी यादों का मेरे दिल में बवंडर है..!

वही मौसम, वही सर्दी,वही दिलकश नवम्बर है..!!

#feeling crazy

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