a writer by passion , a teacher by profession and a learner by nature

महब्बत

चल आसमाँ के पार कहीं उड़ चलें सनम
न साये की हो फ़िक्र कोई धूप का न ग़म
हों बादलों की खिड़कियाँ दीवारें और दर
इक घर हो चाहतों का हों बस जिसमें तुम और हम
...अंजलि 'सिफ़र'

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#freedom #आज़ादी #देशभक्ति #मुक्तक


***मुक्तक***

नहीं आसान थी मिलनी जो हमने पायी आज़ादी
वतन वालों बहुत क़ीमत चुका कर आई आज़ादी
शहीदों की शहादत का करें सम्मान कुछ तो हम
जिन्होंने जाँ से जाकर हिन्द को दिलवायी आज़ादी


#freedom

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#freedom
क्षणिका

पिंजरे में क़ैद परिंदे को
अधिक बेबस और लाचार लगा
तस्वीर के फ्रेम में क़ैद पंछी
कुंडी भी नहीं थी बनी जिस पर कोई
कि रख सकता वो
उसके खुलने की उम्मीद...

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एक शे'र

श्रद्धांजलि

पूछे कोई 'इफ़' , 'बट' करने वालों से
उनका क्या जो खुले घूमते सालों से

...अंजलि सिफ़र

#हैदराबादएनकाउंटर

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जो हुआ अच्छा हुआ, कुछ सुकूँ दिल को मिला
पल रहे जो जेल में, उनको भी अब दो सिला
.....सिफ़र
#हैदराबाद_एनकाउंटर