English Thought videos by Vishakha Pareek Watch Free
Published On : 23-Oct-2026 09:25am62 views
मतलब पुरानी यादों का गहरा भाव... कितना अलग है ना यह कहना कि.... हम आज में जी रहे हैं, हम आज में मौजूद हैं और आने वाले कल में यह आज गुजरा हुआ कल हो जाएगा....।
अभी मैंने यह बोला, यही मुझे बहुत बड़ी बात लगी जब मैंने इसको सोचा ना तब महसूस किया कि कुछ अलग सी बात है इसमें और फिर मुझे अहसास हुआ कि बीतते-बीतते यह इतनी पुरानी बात हो चुकी होगी कि हम इसे यादों में गिना करेंगे।
शायद इसीलिए कहते हैं 'आज' में चलो, क्योंकि यह आने वाले कुछ ही पलो में गुजरा हुआ वक्त बन जाएगा।
अच्छा word है ये 'nostalgia' ।
यह जो नीचे वीडियो मैंने शेयर की है ना....
इस पर ऐसे ही मुझे कुछ लिखने का मन किया, इसलिए क्योंकि यह मेरे कॉलेज की वीडियो है जो मैंने कल बनाई थी।
हम 2018-21 बैच के बच्चे हैं, इस कॉलेज से जब हमने ग्रेजुएशन कंप्लीट की थी। मतलब ग्रेजुएशन को 5 साल कंप्लीट हो चुके हैं।
और इतने सालों बाद,
ऐसे ही किसी काम से मेरे भाई के साथ मेरा कॉलेज जाना हुआ।
उसने मुझसे पूछा भी था कि कितने time बाद आ रही हैं यहां ?
"हमारा कॉलेज का लास्ट डे "28 august 2021 tha " Last exam or graduation Complet"....
वहां जाने के बाद, जैसे ही मैं अंदर गई, मुझे मेरे कॉलेज के दिन याद आने लगे। मेरे दोस्तों के साथ गुजरा हुआ वो वक्त याद आने लगा।
सच कहूं एक-एक जगह पर मुझे मेरे दोस्तों के साथ की हुई बातें, की हुई मस्ती सब याद आने लगा।
और सच कहूं, उस वक्त मुझे नहीं पता था कि यह सब मुझे इतना याद आ सकता है!
7 मेंबर्स का ग्रुप था हमारा कॉलेज में, जिसे हम 'बदमाश मंडली' नाम से कहते थे।
वह बच्चे नहीं होते जो थोड़ा एकदम साथ में चलते हैं....
और लगभग सभी उन्हें पहचान लेते हैं—"अरे हां! यह तो उसी ग्रुप से है,सब दोस्त हैं।" हां, तो ऐसा कुछ टाइप का ग्रुप था हमारा।
पढ़ने में सब एवरेज, ना कोई ज्यादा, ना कोई कम... सब एवरेज! परफेक्ट कॉम्बो..सब एक जैसे।
वही मस्ती-मजाक, पढ़ाई, टाइम... सब बैलेंस करके चलना।
और सच में कितनी मस्ती की थी हमने यहां पर!
हां, 5 साल हो गए हैं, इतना कांटेक्ट नहीं रहता अब, कोई कहां... कोई कहां वाला। तब यह नहीं लगता था कि यह वाली चीज भी हो सकती है, लेकिन सच कहें तो कनेक्शन में हम आज भी हैं।
यह जो कॉलेज का कैंपस है, अभी थोड़ा ऐसा दिख रहा है, उस टाइम भी था क्या? हां, पर इतना नहीं दिखता था। शायद हमने कभी ध्यान ही नहीं दिया था, दिया था भी या नहीं, पता नहीं।
हम इसी जगह पर बैठे रहते थे, बाते करते , एक- दूसरे का wait करते थे यहां पर...यहां एक-एक जगह पर हम थे।
जब कल मैं college गई, तो मुझे वो हर बात नजर आई थी कि—यहां उस दिन हम बैठे थे, यहां बैठकर हमने क्या क्या बात की थी, यहां पर ऐसा हुआ था, वैसा हुआ था, यहां पर मैं गिर गई थी, यहां पर उस दिन उसने मुझसे यह कहा था, यहां पर उस दिन उससे यह कहा था, यहां पर यह वाली चीज हुई थी... सब कुछ याद आया!
यह क्लास, लोग, वह टीचर्स, वह बेंचेज... एकदम ऐसे नहीं होता कि एक फिल्म की तरह आंखों के सामने आ रही थी।
मैं अपने भाई को बताए जा रही थी—"पता है? उस टाइम यह हुआ, उस दिन ऐसे कुछ चल रहा था, उस दिन यह..." और वो भी अपने बता रहा था, वो भी इसी कॉलेज से पास आउट है। हम दोनों ही हमारे किस्से एक-दूसरे को सुना रहे थे।
वो मेरी सुन रहा था और मैं उसकी सुन रही थी....।
इन्हीं यादों के चलते मुझे कल Nostalgia का असली मतलब समझ में आया।
मैंने बहुत बार सुना है, समझा है, लेकिन महसूस मैंने Nostalgia को कल किया था...
जब मैंने ना होकर भी उन सबके साथ खुद को वहां महसूस किया था।
"एक-एक लम्हा मैंने कल याद किया था
मैंने अपनी उन पुरानी यादों को अपनी यादों के,
संदूक से आजाद किया था"
काफी गहरा मतलब है इसका, बहुत गहरा शब्द हैं यह "Nostalgia"
यह दिखने, लिखने और बोलने में जितना छोटा है, उतना ही बड़ा इसका अर्थ हैं......!!!
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5 Comments
Kiya deen tha aab pata chalta he. Ke
Ye din bhi the . Ye din fir ham army trening me jiye bahut aacha likha he
Haaa yaar.....kabhi na bhul skne wale din hain vo.... matlab agar hum zindagi sach me kuch haseen lamho ke sath jeete hain to usme college life sbse phle no. Pe hoti hain🏵️🌺
"Nostalgia...."
मतलब पुरानी यादों का गहरा भाव... कितना अलग है ना यह कहना कि.... हम आज में जी रहे हैं, हम आज में मौजूद हैं और आने वाले कल में यह आज गुजरा हुआ कल हो जाएगा....।
अभी मैंने यह बोला, यही मुझे बहुत बड़ी बात लगी जब मैंने इसको सोचा ना तब महसूस किया कि कुछ अलग सी बात है इसमें और फिर मुझे अहसास हुआ कि बीतते-बीतते यह इतनी पुरानी बात हो चुकी होगी कि हम इसे यादों में गिना करेंगे।
शायद इसीलिए कहते हैं 'आज' में चलो, क्योंकि यह आने वाले कुछ ही पलो में गुजरा हुआ वक्त बन जाएगा।
अच्छा word है ये 'nostalgia' ।
यह जो नीचे वीडियो मैंने शेयर की है ना....
इस पर ऐसे ही मुझे कुछ लिखने का मन किया, इसलिए क्योंकि यह मेरे कॉलेज की वीडियो है जो मैंने कल बनाई थी।
हम 2018-21 बैच के बच्चे हैं, इस कॉलेज से जब हमने ग्रेजुएशन कंप्लीट की थी। मतलब ग्रेजुएशन को 5 साल कंप्लीट हो चुके हैं।
और इतने सालों बाद,
ऐसे ही किसी काम से मेरे भाई के साथ मेरा कॉलेज जाना हुआ।
उसने मुझसे पूछा भी था कि कितने time बाद आ रही हैं यहां ?
"हमारा कॉलेज का लास्ट डे "28 august 2021 tha " Last exam or graduation Complet"....
वहां जाने के बाद, जैसे ही मैं अंदर गई, मुझे मेरे कॉलेज के दिन याद आने लगे। मेरे दोस्तों के साथ गुजरा हुआ वो वक्त याद आने लगा।
सच कहूं एक-एक जगह पर मुझे मेरे दोस्तों के साथ की हुई बातें, की हुई मस्ती सब याद आने लगा।
और सच कहूं, उस वक्त मुझे नहीं पता था कि यह सब मुझे इतना याद आ सकता है!
7 मेंबर्स का ग्रुप था हमारा कॉलेज में, जिसे हम 'बदमाश मंडली' नाम से कहते थे।
वह बच्चे नहीं होते जो थोड़ा एकदम साथ में चलते हैं....
और लगभग सभी उन्हें पहचान लेते हैं—"अरे हां! यह तो उसी ग्रुप से है,सब दोस्त हैं।" हां, तो ऐसा कुछ टाइप का ग्रुप था हमारा।
पढ़ने में सब एवरेज, ना कोई ज्यादा, ना कोई कम... सब एवरेज! परफेक्ट कॉम्बो..सब एक जैसे।
वही मस्ती-मजाक, पढ़ाई, टाइम... सब बैलेंस करके चलना।
और सच में कितनी मस्ती की थी हमने यहां पर!
हां, 5 साल हो गए हैं, इतना कांटेक्ट नहीं रहता अब, कोई कहां... कोई कहां वाला। तब यह नहीं लगता था कि यह वाली चीज भी हो सकती है, लेकिन सच कहें तो कनेक्शन में हम आज भी हैं।
यह जो कॉलेज का कैंपस है, अभी थोड़ा ऐसा दिख रहा है, उस टाइम भी था क्या? हां, पर इतना नहीं दिखता था। शायद हमने कभी ध्यान ही नहीं दिया था, दिया था भी या नहीं, पता नहीं।
हम इसी जगह पर बैठे रहते थे, बाते करते , एक- दूसरे का wait करते थे यहां पर...यहां एक-एक जगह पर हम थे।
जब कल मैं college गई, तो मुझे वो हर बात नजर आई थी कि—यहां उस दिन हम बैठे थे, यहां बैठकर हमने क्या क्या बात की थी, यहां पर ऐसा हुआ था, वैसा हुआ था, यहां पर मैं गिर गई थी, यहां पर उस दिन उसने मुझसे यह कहा था, यहां पर उस दिन उससे यह कहा था, यहां पर यह वाली चीज हुई थी... सब कुछ याद आया!
यह क्लास, लोग, वह टीचर्स, वह बेंचेज... एकदम ऐसे नहीं होता कि एक फिल्म की तरह आंखों के सामने आ रही थी।
मैं अपने भाई को बताए जा रही थी—"पता है? उस टाइम यह हुआ, उस दिन ऐसे कुछ चल रहा था, उस दिन यह..." और वो भी अपने बता रहा था, वो भी इसी कॉलेज से पास आउट है। हम दोनों ही हमारे किस्से एक-दूसरे को सुना रहे थे।
वो मेरी सुन रहा था और मैं उसकी सुन रही थी....।
इन्हीं यादों के चलते मुझे कल Nostalgia का असली मतलब समझ में आया।
मैंने बहुत बार सुना है, समझा है, लेकिन महसूस मैंने Nostalgia को कल किया था...
जब मैंने ना होकर भी उन सबके साथ खुद को वहां महसूस किया था।
"एक-एक लम्हा मैंने कल याद किया था
मैंने अपनी उन पुरानी यादों को अपनी यादों के,
संदूक से आजाद किया था"
काफी गहरा मतलब है इसका, बहुत गहरा शब्द हैं यह "Nostalgia"
यह दिखने, लिखने और बोलने में जितना छोटा है, उतना ही बड़ा इसका अर्थ हैं......!!!
इस पोस्ट पर क्या कमेंट करु

Haaa khulke jee sake aise din hi to jindagi rhte hai or unhe hum kabhi nahin bhul sakte🌺