Hindi Poem videos by ज़ख्मी__दिल…सुलगते अल्फ़ाज़ Watch Free

Published On : 16-Jan-2026 09:14pm

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🦋...𝕊𝕦ℕ𝕠 ┤_★__
ज़ुबां से कहो तो शायद लफ्ज़ मुकर
                  भी जाएं,

मगर आँखें जो कह दें, वो गवाही
              सच्ची होती है,

हजारों कश्मकश हो चाहे इस दुनिया
                  की राहों में,

मोहब्बत में तो दिल की ही तबाही
                सच्ची होती है,

किताबों में कहाँ मिलते हैं, जज्बातों
              के सब मतलब,

जो कोरे कागज़ों पर हो, वो स्याही
              सच्ची होती है,

वो चेहरा चुप रहे फिर भी हकीकत
               बोल पड़ती है,

हया की ओट में  लिपटी, गुनाही
              सच्ची होती है,

कहाँ मुमकिन है लफ़्ज़ों से बयां
          करना सुकूँ अपना,

जो तेरे  साथ  गुज़रे, वो  पवाही
          सच्ची होती है...❤️‍🔥

पवाही= राह,
╭─❀💔༻ 
╨──────────━❥
♦❙❙➛ज़ख़्मी-ऐ-ज़ुबानी•❙❙♦
#LoVeAaShiQ_SinGh
╨──────────━❥

10 Comments

archana videos on Matrubharti
archana 2 day ago

ज़ख्मी__दिल…सुलगते अल्फ़ाज़ videos on Matrubharti
ज़ख्मी__दिल…सुलगते अल्फ़ाज़ 3 day ago

जी शुक्रिया..💐😇

Soni shakya videos on Matrubharti
Soni shakya Matrubharti Verified 3 day ago

बहुत खूब 👌

ज़ख्मी__दिल…सुलगते अल्फ़ाज़ videos on Matrubharti
ज़ख्मी__दिल…सुलगते अल्फ़ाज़ 3 day ago

आर्यमौलिक साब,
जिसे आप सच कहते हैं
वो नज़रों का एक धोखा है,

कभी दरिया का बह जाना
महज़ रस्मों का झोंका है,

खामोशी को आप अपनी
बड़ी सच्ची ज़बानी कह गए लेकिन,

इसी चुप्पी के साये में
गला हक़ का भी घोंटा है,

एहसास अगर अटल होते
तो फिर मंज़िल बदलती क्यों🤔?

ये दिल की हर एक धड़कन
वफ़ा की राह से फिर टलती क्यों🤔?

राख से ज़िंदगी पाना
यकीनन एक करिश्मा है,

मगर पूछो उन ख़्वाबों से
जिन्हें जलने की हसरत थी,

तजुर्बों की पाठशाला ने
यही सबक सिखाया है,

किताबों को जलाने वालों ने
अँधेरा ही कमाया है,

हया के नाम पर जो आपने
इज़्ज़त की चादर बुनी,

उसी पर्दे की सिलवट में
लहू हमने अपना पाया है,

सुकूँ लफ़्ज़ों में न ढूँढो
ये तो रूह की रवानी है,

जो बह जाए वो पानी है
जो रुक जाए वो जवानी है..🥀🖤✍🏼

बहुत-बहुत धन्यवाद आपका 🙏🏼💐 सच में
आपका यह तर्क बहुत ही लाजवाब है..😇👌🏼

Deepak Bundela Arymoulik videos on Matrubharti
Deepak Bundela Arymoulik Matrubharti Verified 3 day ago

अगर आँखों की गवाही सच की राह दिखाती है,
तो खामोशी भी कई बार इक सच्ची ज़बानी होती है।
लफ़्ज़ मुकर जाएँ तो क्या, एहसास कहाँ मुकरते हैं,
दिल की हर एक धड़कन अपनी ही कहानी होती है।
मोहब्बत में तबाही को तुम सच कह गए हो लेकिन,
कभी-कभी इसी राख से ही नई ज़िंदगानी होती है।
किताबों से जो न समझ आए, वो तजुर्बे सिखा देते हैं,
ज़िंदगी की पाठशाला बड़ी पुरानी होती है।
हया की ओट में लिपटी गुनाही सच सही मगर,
कभी उसी पर्देदारी में इज़्ज़त की निशानी होती है।
सुकूँ लफ़्ज़ों में उतरे ये भी तो मुमकिन नहीं,
जो साथ गुज़र जाए बस वही असल रवानी होती है।

आर्यमौलिक

Nisha ankahi videos on Matrubharti
Nisha ankahi 3 day ago

Bitu videos on Matrubharti
Bitu 3 day ago

बेहतरीन 👏👏

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