Hindi Poem videos by Nukkad Cafe Watch Free

Published On : 20-Dec-2019 08:00am

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5 Comments

Krupa Parmar 7 month ago

nice

Krupa Parmar 7 month ago

nice

suken patel 7 month ago

Pavansing Rajput 7 month ago

Rooh The Spiritual Power 7 month ago

🌹मैं कैसै सर्द हाथों से
तुम्हारे गाल छूती थी ..

दिसम्बर में तुम्हें मेरी
शरारत याद आयेगी .💕

और तुम मख़मलों-से
अंदाज़ में लट फेरते थे .. 💕

में कुछ छुई-मुई-सी शरमा
कर तुमसे लिपट जाती थी.. 💕

बाँहों के घेरे में बड़े प्यार से
तुम भी मुझे जकड़ लेते थे .. 💕

फ़िर गर्म साँसों की अग्न में
हलके-से लबों से लबों का.. 💕

हाय...!!यह सुबहा क्यों बनी हैं
क्यों ना वह सर्द शब थम सकी💕

आज फिर वही कातिल ठंड वही
शब और सहरा-सी तन्हाई .. 💕

दिल के झरोखे-से तेरी याद चली
आई तुम तो ना आए ख़्याल वही.।