Social Stories free PDF Download | Matrubharti

और,, सिद्धार्थ बैरागी हो गया - 1
by Meena Pathak
  • (6)
  • 43

पतीली से गिलास में चाय छान कर सबको थमा आई थी पर मुकेश कहीं नहीं दिख रहा था, वह उसको ढूँढ़ती हुई बाहर कोठरी की ओर चल दी, “बाबू ...

काले कवर की डायरी और एक नाम
by प्रियंका गुप्ता
  • (4)
  • 41

हम उसी शाम मिले थे...। बहुत सारी उदास शामों की तरह वो भी तो एक अटपटी सी शाम थी...और पता नहीं क्यों उस दिन लाल बाग जाने का इरादा ...

दस दरवाज़े - 8
by Subhash Neerav
  • (3)
  • 43

ऐनिया के साथ मेरी निकटता दिन-ब-दिन बढ़ने लगती है। हम बहुत-सी रातें एक साथ ही गुज़ारते हैं। वह आकर मेरे घर की सफाई कर जाती है। मेरे कपड़े धोकर ...

अदृश्य हमसफ़र - 20
by Vinay Panwar
  • (10)
  • 72

अनुराग ने एक पल सोचने के लिए लिया और फिर दूसरे पल में गहरी सांस लेकर ममता की तरफ देखा। ममता भावहीन चेहरा लिए बिना पलक झपके अनुराग को ...

दस दरवाज़े - 7
by Subhash Neerav
  • (5)
  • 54

पैडिंग्टन के इलाके का ख़ास पब - ‘द ग्रे हाउंड’। मैं और ऐनिया एक तरफ बैठे पी रहे हैं। मेरे पास बियर है और ऐनिया के पास जूस ही ...

अदृश्य हमसफ़र - 19
by Vinay Panwar
  • (9)
  • 99

ममता जो सोई तो उसे उठाने में भाभी को पसीने बहाने पड़ गए। लाजमी भी था, रुकी हुई नींद, अनुष्का के ब्याह की थकान ऊपर से अनुराग के जीवन ...

फोन की घंटी - 2
by Saroj
  • (5)
  • 51

रात के खाने की तैयारी कर ही रही थी कि फोन की घंटी बज उठी। मैं बिना फोन देखे ही समझ गई कि पापा का होगा । तभी बेटा ...

દિલાસો - 7
by shekhar kharadi Idariya
  • (21)
  • 181

જે રીતે આપણે અગાઉ દિલાસો 6ના પ્રકરણમાં જોઇ ગયા કે રાજુ લઘુશંકાનું બાનું કાઢીને સીધો જીવાના અડ્ડે પહોંચી જાય છે. જ્યાં ડિલર ધનજી દારૂ બનાવી રહ્યો હતો. ત્યારે અચાનક ...

भूमिजा - 2
by Meena Pathak
  • (14)
  • 117

फुलमतिया उर्मिला देवी की खास परजा थी वह लगभग रोज ही आती और घर के अनेक छोटे बड़े कार्यों के साथ उनकी सेवा भी कर जाती बदले ...