Social Stories free PDF Download | Matrubharti

आसपास से गुजरते हुए - 12
by Jayanti Ranganathan
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मैं दिल्ली आने से पहले साल-भर चेन्नई में थी। मैंने जैसे ही कंप्यूटर का कोर्स पूरा किया, मुझे मुंबई में अच्छी नौकरी मिल गई। जब उन्होंने मेरे सामने चेन्नई ...

સંબંધ નામે અજવાળું - 16
by Raam Mori
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મુંબઈ ધારાવીની બેઠી દડીની ચાલ. ઝૂંપડપટ્ટીઓના મહાઢગ વચ્ચે પ્લાસ્ટીક અને પતરા ઓઢીને બેસેલું એક ઘર. ઘરના સદસ્યોમાં રાત દિવસ કાળી મજૂરી કરતી એક સ્ત્રી અને બે દીકરાઓ અને એક ...

एकजुटता
by KAMAL KANT LAL
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एकजुटता इस विघटनकारी समय में सामाजिक एकजुटता के नए आयाम परिभाषित करती कहानी     एकजुटता उस दिन मैं जयपुर से अपने शहर लौटने के लिए एयरपोर्ट की तरफ ...

पथ के दावेदार - 9
by Sarat Chandra Chattopadhyay
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भारती प्रसन्नता भरे स्वर में पुकार उठी, 'शशि बाबू, हम लोग आ गए। खिलाने-पिलाने का इंतजाम कीजिए। नवतारा कहां है? नवतारा!....नवतारा....!!' शशि बोले, 'आइए, नवतारा यहां नहीं है।' डॉक्टर ने मुस्कराते ...

आखर चौरासी - 8
by Kamal
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जिस समय जगदीश से उलझते गुरनाम को खींचते हुए प्रकाश कॉमन रुम से बाहर निकला था, लगभग उसी समय राजकिशोर ने कॉमन रुम में प्रवेश किया था। उसने दूर ...

मेरा नाम अन्नपुर्णी है।
by S Bhagyam Sharma
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बाहर से कुछ आवाज आई। मैंने सिर्फ थोड़ा सा सिर बाहर करके झांका तो देखा सास लक्ष्मी एक बडे थैले को लेकर आ रहीं थी। ऐ बात पन्द्रह दिन ...

लबरी
by Geeta Shri
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“लबरा लबरी चले बाजार...लबरा गिरा बीच बाजार, लबरी बोली खबरदार...” माला कुमारी ने जिस घड़ी गांव जाने के बारे में सोचा था तभी से कान में एक ही धुन बज ...

जयंता - 1
by Sane Guruji
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“जयंता, तू पास होशीलच पुढे काय करणार तू ? तुझा मोठा भाऊ तर चळवळीत गेला. तुझ्या मनात काय आहे ? वडिलांनी विचारले.” “चळवळीचा भर ओसरला आहे. माझे तिकडे लक्ष ...

પુરસ્કાર
by Kaushik Dave
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" પુરસ્કાર "    " પુરસ્કાર " .......... વ્હાલા વિદ્યાર્થીઓ, આજે આપણા ધોરણ ૯ ના ક્લાસમાં આપણાં સ્કુલ ના  આચાર્ય શ્રી આવેલા છે.આજ થી છ મહિના પહેલા આચાર્ય શ્રી ...

सैलाब - 10
by Lata Tejeswar renuka
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संयुक्त परिवार में बड़ों की बातें छोटों को बहुत प्रभावित करती है। हर वक्त बच्चों के सामने माधवी के ताने सुनते सुनते बच्चे भी कुछ इस तरह की बातें ...

पल जो यूँ गुज़रे - 14
by Lajpat Rai Garg
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कुछ वर्ष पूर्व तक सर्दी का मौसम होता था तो सर्दी ही होती थी। तापमान में दो—चार डिग्री का उतार—चढ़ाव तो सामान्य बात होती थी, जिसका कारण होता था, ...

સ્ત્રીની દુશ્મન... કોણ ?
by KRUNAL SHAH
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"અરે કોણ છે ?" પ્રાર્થનાએ બેડરૂમના બાથરૂમનો દરવાજો ખોલી બેડરૂમમાંથી જ બૂમ મારી. એના આલીશાન 3 બીએચકે ફ્લેટનો બેલ કોઈએ સળંગ બે ત્રણ વાર બજાવી મુક્યો હતો. આવનારાની ધીરજ ...

डोर – रिश्तों का बंधन - 1
by Ankita Bhargava
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ढ़ोलकी की थाप पर जैसे ही गीत शुरु हुआ सुरेश की आंखों के कोर भीग गए। कैसा माहौल होता है बेटी की शादी में। घर में रौनक भी होती ...

कंफर्ट जोन के बाहर
by Sapna Singh
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वह गुस्से में थी! बहुत-बहुत ज्यादा गुस्से में। ‘‘साले, हरामी, कुत्ते’’ उसके मुँॅह से धाराप्रवाह गालियाँॅ निकल रही थीं। हॉँलाकि उसे बहुत सारी गालियॉँ नहीं आती थीं। हर बार ...

पथ के दावेदार - 8
by Sarat Chandra Chattopadhyay
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जिन-जिन लोगों ने कमरे में प्रवेश किया वह सभी अच्छी तरह जाने-पहचाने लोग थे। डॉक्टर ने कहा, 'आओ।' लेकिन उनके चेहरे का भाव देखते ही भारती समझ गई, कम-से-कम आज ...

यादें - 1
by प्रियंका गुप्ता
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यादें...यादें...और यादें...। कितनी अजीब होती हैं न यादें...? कभी ब्लैक एण्ड व्हाइट, तो कभी सतरंगे इंद्रधनुष-सी रंग-बिरंगी...। वही यादें जो कभी तो जीने का संबल बन जाती हैं तो ...

સંબંધ નામે અજવાળું - 15
by Raam Mori
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ગિરનાર સાથે સીધો સંબંધ એ છે કે મારા જન્મનું કારણ ગિરનાર છે. બા કહેતી કે એ સાસરિયે આવી એ પછીના પાંચ વરસેય સંતાન નહોતું થતું ત્યારે પાણિયારે દીવો કરીને ...

पथ के दावेदार - 7
by Sarat Chandra Chattopadhyay
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जलमार्ग से आने वाले शत्रु के जलयानों को रोकने के लिए नगर के अंतिम छोर पर नदी के किनारे मिट्टी का एक छोटा-सा किला है। उसमें संतरी अधिक नहीं ...

आखर चौरासी - 7
by Kamal
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उस सुबह भी सूरज आम दिनों-सा निकला था। चिड़ियों ने हर रोज की भाँति ही चहचहाते हुए अपने दिन की शुरुआत की थी। रोजाना की तरह ही लोग अपने-अपने ...

आसपास से गुजरते हुए - 11
by Jayanti Ranganathan
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सुबह-सुबह अप्पा ने जगा दिया, ‘अनु, उठ! वॉक पर चलते हैं!’ सुबह के छह बज रहे थे। मैं ‘ना नू’ करती हुई उठी। अप्पा ने गर्म झागदार कॉफी का गिलास ...

ભૈરવનું ભાગ્ય
by Mr. Alone...
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              રજવાડી રાજ્ય પાલનપુર, જે આઝાદી પછી હાલ એક તાલુકો બની ગયો છે અને આ તાલુકા માં એક નાનકડું ગામ હતું. જે પાલનપુર ...

पथ के दावेदार - 6
by Sarat Chandra Chattopadhyay
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अपूर्व के इस तरह बाहर चले जाने पर सभी आश्चर्य में पड़ गए। बैरिस्टर कृष्ण अय्यर ने पूछा, 'यह कौन है डॉक्टर? बहुत ही भावुक।' उसकी बात में स्पष्ट उलाहना ...

कब सहर होगी
by Rajesh Bhatnagar
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वह पूरे राज्य में नौकरी देने वाले भर्ती दफ्तर में लगा एक अदना-सा वर्कचार्ज कर्मचारी है । पहले तो वह वर्कचार्ज की हैसियत से ही लगा था । मगर ...

सैलाब - 9
by Lata Tejeswar renuka
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कुछ साल बीत गये और पावनी की शादी रामू से हो गयी। पावनी एक संयुक्त परिवार की बहू बन गयी। जब तक नौकरी करती थी तब तक शतायु को ...

पल जो यूँ गुज़रे - 13
by Lajpat Rai Garg
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जब निर्मल सिरसा पहुँचा तो रात हो गयी थी। सर्दियों की रात। कृष्ण पक्ष की द्वादश और कोहरे का आतंक। रिक्शा पर आते हुए तीव्र शीत लहर उसकी हडि्‌डयों ...

रामाचा शेला.. - 13 - Last part
by Sane Guruji
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“मावशी ! मावशी !” “सारे बोलतो हो नलू.” सायंभोजने झाली. सायंप्रार्थना झाली. आणि सरला, उदय, नलू तिघे बोलत बसली होती. प्रकाश बोलत होता. खेळत होता. शेवटी तो आईच्या जवळ तेथे निजला. ...

दस दरवाज़े - 31 - लास्ट प्रकरण
by Subhash Neerav
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हम पूरी धूमधाम से बारात लेकर छोटे-से शहर लूटन में ज्ञान सिंह के घर प्रदीप को ब्याहने पहुँचते हैं। प्रकाश के सभी रिश्तेदार आते हैं। बारात में हमारे भी ...

૨૨૬ - મિસ્ટર. લિસ
by Dharm Patel
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     આજકાલ ગુજરાત ના દરેક યુવા ને એક જ લાલસા છે, સપનાઓ ના દેશ કેનેડા જવાની !! કેનેડા માં દર વર્ષે આશરે ૧૨.૧%  ભારતીય આવે છે, વર્ષ ૨૦૧૯ ...

7 Ways To Lead A Happy Life
by Rahul Desai
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7 ways to lead a happy life.In today’s rush life, we have lost our own self in this crowd. We are leading our life like a machine. Start, Work, Stop, ...

पर्व के रंग
by Dr. Vandana Gupta
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     दीवाली की रात.. सूरज और चाँद मानो एक साथ सम्पूर्ण निहारिका लेकर धरती पर जगमगाने चले आए हों. मन के भीतर भी और बाहर भी उत्सव का ...