Best Short Stories stories in hindi read and download free PDF

नन्हा फ़रिश्ता
by zeba praveen
  • 150

                                                          ...

सम्पादक
by राजेश ओझा
  • 150

                                   नीलेश अपने प्रथम लघुकथा संग्रह के कवर पेज को लेकर द्वन्द में था..तीन ...

निम्मो (भाग-1 )
by Deepak Bundela AryMoulik
  • 480

निम्मो.. !निम्मो... निम्मो.... अरे कहां मर गई कमब्खत मारी.. निम्मो- जी आई अम्मी... और निम्मो अपने सिर को दुपट्टे से ढकते हुए दौड़ती सी बैठक बाले कमरे की तरफ आती है. ...

मोहब्बत
by अनामिका
  • 243

रात का घना अंधेरा छाया हुआ था UP के किसी रास्तें पर फुल्ल स्पीड से बाईक भागे जा रही थी वो बाईक एक शानदार घर के सामने खड़ी रहीबाईक ...

एक शायराना सफ़र
by Aksha
  • (24)
  • 705

नजरो से नजर मिला कर जान ना सके,हाथ से हाथ मिलाकर नियति अपना ना सके,लफ्ज़ से लफ्ज़  प्यासे सागर का इरादा ना समझ सके,जिस्म से जिस्म का ये इत्तेफाक ...

घर है कहाॅं ?
by Archana Singh
  • 285

                                                          ...

कार अलाउएंस से एक्स्ट्रा कमाई
by S Sinha
  • 132

                                  कहानी  - कार अलाउएंस से एक्स्ट्रा  कमाई     गौतम और नरेश दोनों अच्छे मित्र थे .दोनों  एक ही  सरकारी कारखाने  में अफसर पद  थे . संयोगवश  दोनों की सेवानिवृत्ति  ...

लिखी हुई इबारत - 8
by Jyotsana Kapil
  • 276

दंश                                बाबूजी ने बहुत उमंग व आतुरता से दरवाजे पर लगा घण्टी का बटन दबाया। ...

भगवान पे उजाला
by Manoj Sharma
  • 216

प्रश्न : क्या सच में, उस दिन, मैंने भगवान पे उजाला कर दिया था ??हमारे शहर ग्वालियर और गुना के बीच एक जिला और पड़ता है, जिसे शिवपुरी के ...

जिंदगी से मुलाकात - भाग 5
by R.J. Artan
  • 162

डिप्रेशन की बात उसने किसी को बताना लाजमी नहीं समझा।  अगर वह ऐसा करती तो उसका एंप्लॉय ऑफ द ईयर का अवार्ड  चला जाता।मेकअप  इंसान ने बनाई हुई  ऐसी ...

बैल-हैं-बैल
by rajendra shrivastava
  • 228

लघु-कथा--   बैल-हैं-बैल                                                     ...

आजाद परिंदा – आत्मनिर्भर
by Mens HUB
  • 564

नमिता सुबह 7 बजे ही ब्यूटी पार्लर पहुँच गयी थी | ब्यूटी पार्लर चलाने वाली महिला उसकी सहेली थी और विशेष तौर पर नमिता के अनुरोध पर ही ब्यूटी ...

ग़लतफ़हमी भाग-2
by Ramanuj Dariya
  • 240

आज चार दिन हो गये, आशी ने बात नहीं की। ओ बहुत जिद्दी है ,हो सकता है कि ओ फिर कभी भी बात न करे क्योंकि उसकी कथनी और ...

रघुवन की कहानियां - आसमान से गिरे
by Sandeep Shrivastava
  • 165

रघुवन में पक्षियों के झुण्ड आसमान में कलरव करते हुए उड़ान भरते रहते थे| एक दूसरे को देखऐसे उड़ते जैसे कि कोई प्रतियोगिता चल रही हो| अलग अलग प्रजाति ...

प्यार का फलसफा
by S Sinha
  • 204

 कहानी -   प्यार का  फलसफा     गर्मियों की शुरुआत थी .एक  दिन शाम हम अपनी पत्नी के साथ चाय की चुस्कियां ले रहे थे . मौसम कोई ...

अनचाहा रिस्ता
by Sunil Gupta
  • 390

अनचाहा रिस्ता अपने पुराने मोबाइल पर वह कांपते हुए हाथों से टाइप कर रही थी, ' मैं आपसे बहुत प्यार करती हूँ लेकिन...आप की बेरुखी ने मुझे ये कदम ...

पंखेवाला (लघुकथा)
by Kumar Kishan Kirti
  • 612

अप्रैल का महीना था चिलचिलाती धूप निकली थी बाहर गर्म हवाएं चल रही थी कही-कही कोई दूर यात्री छाता लेकर आते-जाते दिखाई दे रहे थे,तो कही वृक्षों की छाया ...

मास्टर जी की धोती
by Geeta Kaushik Rattan
  • 555

माँ रोज़ सुबह सवेरे ही रतन को नहला-धुला कर तैयार करके बिठा देती। एक स्टील की डिबिया में चूरमा भरकर और साथ में घी में डूबी दो रोटी भी ...

अनामिका
by Sudheer Maurya
  • 483

अनामिका ने शशांक का फोन कट करके मोबाईल बेड के सिरहाने तिपाई पर रख दिया और अपनी देह को बिस्तर पर ढीला छोड़ कर उसने अपनी आँखें मूँद ली। ...

सुनवाई
by Alka Pramod
  • 366

सुनवाईकनिका ने घड़ी देखा रात के ग्यारह बज गये थे पर नितिन अभी तक नही आया था ,कनिका को चिन्ता होने लगी ।नितिन उसकी आँखों का तारा था क्षण ...

लिखी हुई इबारत - 7
by Jyotsana Kapil
  • 510

श्वान चरित         आज अरसे बाद पंचायत बैठी थी और कई वर्षों बाद ऐसी कोई घटना हुई थी, जिस पर, सभी के बीच व्याप्त आक्रोश को महसूस ...

Motivational Shayari for students In Hindi
by hardik Demo
  • 171

Motivational Shayari In Hindi मैं तो मुसाफिर हूं चलता रहता हूं|मैं तो मुसाफिर हूं रास्ता ढूंढता रहता हूंमैं तो मुसाफिर हूं मंजिल ढूंढता रहता हूं लिखते लिखते पूरी किताब ...

अंतिम इच्छा
by Dr.Ranjana Jaiswal
  • (11)
  • 666

  सुबह से यह चौथा फोन था। फोन उठाने का बिल्कुल मन नहीं था ।...पर माँ... माँ समझने को तैयार ही नहीं थी। फोन की घंटियां उसके मन-मस्तिष्क पर ...

ना उम्र की सीमा हो - 2
by S Sinha
  • 438

भाग 2 ( अंतिम भाग ) - पिछले अंक में आपने पढ़ा कि सुकन्या सतीश से अपने मुसीबतों की बातें कर रही थी , अब आगे पढ़ें क्या उम्र ...

लघुकथाएँ - 3
by Abha Dave
  • 537

लघुकथाएँ /आभा दवे -----------------     1)खुशी ----------दीपेश ने अपने पिताजी से फोन पर तुरंत शहर आने के लिए कहा ।आने का कोई कारण नहीं बताया और फोन रख ...

प्रेम की गति
by Manoj Sharma
  • 276

प्रश्न : क्या उस दिन मैंने, प्रेम से प्रेम को, लिखवा दिया था ??उस दिन मेरे पास एक फ़ोन आया, उधर से वीरेंद्र सिंह भदौरिया जी बोल रहे थे, ...

बेचारा
by Rajesh Kumar
  • 309

#बेचारा एक वार बादशाह ने अपने राज्य के किसानों से बड़े जोर से किसानों की आय दोगुनी करने का विगुल क्या फूंका। किसानों में अच्छे भविष्य की लहर दौड़ पड़ी। ...

बेटी का अधिकार
by Bhavna Patkar
  • 411

बेटी का अधिकारसात सात बेटे हैं ,हमारे सातों के पास सर्वसुविधा युक्त घर हैं ,कारें हैं ,जमीनें हैं हम निश्चिंत हैं उनकी तरफ से ,बेटी भी आत्मनिर्भर है, ससुराल ...

समाधीशाला
by rajendra shrivastava
  • 258

लघु-कथा--   समाधीशाला                                                     ...

ना उम्र की सीमा हो - 1
by S Sinha
  • (11)
  • 594

भाग 1 . इस कहानी में यह  दिखाने का प्रयास किया गया है कि दो सच्चे प्रेमियों के बीच उम्र का फासला कोई खास मायने नहीं रखता है  ….  ...