Best Classic Stories stories in hindi read and download free PDF

बेहया के फूल
by राजेश ओझा
  • 433

 'सुनिए, आप जहां भी हैं, वहां से जल्दी आ जाइए!' फोन पर पत्नी वैदेही की अकुलाहट भरी आवाज़ सुनकर मनोहर चौंक गए। पूछने पर पता चला कि मंजू का ...

अग्नि परीक्षा
by Rekha Pancholi
  • 395

जय श्री राम !जय श्री राम !का उद्घोष, सिंधु की उत्तंग लहरों से टकराकर स्वर्ण नगरी में फैल गया । यह संदेश था, जो सांझ  के धुंधलके में इस सन्नाटे ...

सलोनी का फोन
by राजेश ओझा
  • 636

आज होली के त्योहार में जहां सब मगन थे वहीं महंगू का चित्त खोया खोया था..महंगू की दुलहिन अंदाजा लगा तो रहीं थीं पर एक अन्जाने भय से कांप ...

First - एक अनोखा रक्षाबंधन
by Vishal
  • 174

कहानी शुरू होता है छोटे से बच्चे से जिसकी उम्र लगभग 7-8 साल का है,और वो घर में अकेले टीवी पर कार्टून देख रहा है और वो अपनी दुनिया ...

इच्छापूर्ति
by Monty Khandelwal
  • 287

एक शहर था जहां पर बहुत ही अमीर  व्यक्ति रहता था जिसके पास खूब सारी गाड़ियां बंगले और कई फैक्ट्रिया थी हर तरह से वह धनवान था ना किसी ...

एक लड़की भीगी भागी सी...
by Swati Solanki Shahiba
  • 352

मुंबई की बारिश। यार इस बारिश में तो यहां मुंबई में रहना मुश्किल कर दिया। ओह नो !!तुझे भी अभी टूटना था अपनी चप्पल की ओर देखते हुए ,अफसोस ...

ममता की छाँव - 3
by Sarita Sharma
  • (17)
  • 707

मौली अपनी माँ को खो चुकी थी। हालांकि उसका इसपर विस्वास कर पाना मुश्किल था, क्योंकि अभी कल की ही तो बात थी, जब वह मां के मना करने ...

मौत की छलांग
by Rohit Kumar Singh
  • 287

टोनी ने जब से दुनिया देखनी शुरु की थी,उसने खुद को मीना बाज़ार मे ही पाया था,उसकी आंखे उस माहौल मे खुली थी,जहाँ की राते रंगीन और दिन की ...

उस एक सुबह के बाद
by राजेश ओझा
  • (16)
  • 900

रमा सारे काम निपटा कर बैठी ही थी कि मोबाइल बज उठा..स्क्रीन पर विटिया दीपाली का नम्बर चमक रहा था..हौले से फोन उठाया"हां बेटा..! हलो..""मम्मी अखिलेश अंकल को कल ...

ऑनलाइन क्लास की टेंशन
by r k lal
  • (16)
  • 690

ऑनलाइन क्लास की टेंशन आर ० के ० लाल                       अनु और मौली दो सगी बहने लखनऊ के दिल्ली पब्लिक स्कूल में पढ़ती हैं। अनु कक्षा तीन ...

वह सब जो मैंने कहा
by VIRENDER VEER MEHTA
  • 700

                     आज 'लोकल' में भीड़ नहीं थी। ऐसा कम ही होता है, मेरे आस पास भी केवल तीन लोग ही ...

मबोहरा
by राजेश ओझा
  • (11)
  • 1.1k

मनोहरा ----------------"दादी..! दादी..!  मनोहरा बुआ आयी हैं और वह भी कार से..करिया बाबा के नीम के छांह में बैठी हैं "ज्योति दौड़ते हुये अपनी दादी सुखवन्ती को बताने आयी थी.."कौन ...

एडल्ट के लिए सीख
by r k lal
  • (14)
  • 821

एडल्ट के लिए सीख आर 0 के 0 लाल                     चारों  दोस्त रमन, सुंदर, भूपत और रामबाबू एक बड़े होटल में डिनर पर बहुत दिनों के बाद आज ...

वेशभूषा
by राज कुमार कांदु
  • 363

किशन बेहद गरीब युवक था । धन संपत्ति के नाम पर उसके पास थोड़ी सी उपजाऊ जमीन और एक गाय थी ।  खेती किसानी में मन नहीं लगता था ...

गुमनाम रचनाकार-भूपेन्द्र डोंगरियाल की कहानियाँ - 4
by Bhupendra Dongriyal
  • 238

        कोरोना वायरस रोग जो अब कोविड-19 के नाम से जाना जाता है को अस्तित्व में आए हुए छः माह से भी अधिक समय बीत गया ...

हमदर्दी
by राज कुमार कांदु
  • 424

सूखे की मार झेल रहे किशन ने गाँव से पलायन कर शहर में अपना डेरा जमा लिया । शहर में पहले से ही रह रहे उसी की गाँव के ...

एहसासों के साये में
by rajendra shrivastava
  • 880

-कहानी एहसासों के साये में                                                     -राजेन्द्र कुमार श्रीवास्‍तव,                  ‘’हैल्‍लो!....कौन?.....कौन बोल......किससे बात करनी है?             ‘’मैं.....मैं बोल रही हूँ....’’             मुझे धुंधला सा कुछ

ढिंकचिका - ढिंकचिका
by HARIYASH RAI
  • 274

ढिंकचिका - ढिंकचिका   वर्ली की आलीशान इमारत दरवाजे पर कॉल बैल बजा कर अनिमेष  थोड़ी देर  हतप्रभ से खड़़े रहे. उन्हें अंदाजा था कि दरवाजा या तो  उनका ...

बाली का बेटा (21)
by राज बोहरे
  • 314

21                                                           ...

एटिकेट्स
by Prabodh Kumar Govil
  • 916

किसी की समझ में नहीं आया कि आख़िर हुआ क्या? आवाज़ें  सुन कर झांकने सब चले आए। करण गुस्से से तमतमाया हुआ खड़ा था। उसने आंगन में खड़ी सायकिल ...

बाली का बेटा (20)
by राज बोहरे
  • 317

20                                                        बाली का बेटा                                                               बाल   उपन्यास                                                               राजनारायण बोहरे     लड़ाई     अगले दिन सुबह अंग

आनंद
by HARIYASH RAI
  • 419

कहानी  आनंद पहाडि़यों के पीछे  सुबह  का सूरज झांकने लगा था. हवा में कुछ ज्यादा ही ठंडक थी. यात्रा के सीजन को शुरू हुए अभी दो दिन ही हुए ...

पागल-ए-इश्क़ (पार्ट -3)
by Deepak Bundela AryMoulik
  • 303

डूब कर तेरी तन्हाइयों में मुझें मर जानें दो.. !तिरे इश्क़ में जो मुझें  सवर जानें दो.. !!रेनू शून्य थी पर मन में कई सबाल उठ रहें थे और ...

उलझने से सुलझने तक
by Sandeep Tomar
  • 578

    “उलझने से सुलझने तक” / कहानी / सन्दीप तोमर   स्टेला जिन्दगी के थपेड़े झेलते हुए एक बार फिर दिल्ली आ गयी, रोहन का ठीक से कहीं ...

बाली का बेटा (19)
by राज बोहरे
  • 305

19                                                             बाली का बेटा                                                               बाल   उपन्यास                                                               राजनारायण बोहरे     लंका में अंगद     राम

देवास की वीरा
by Dr Jaya Anand
  • (19)
  • 1.6k

देवास की वीराप्रकृति और मन दोनों एकाकार हो रहे थे ,बाहर बादलों का गर्जन और मन के भीतर असहनीय पीड़ा का नर्तन ...देवास की महारानी वीरा की आँखे पथरा ...

बाली का बेटा (18)
by राज बोहरे
  • 342

18                                                       बाली का ...

भंवर में
by HARIYASH RAI
  • 271

कहानी   भँवर में ..... हरियश राय   चाहता तो वह गूगल के जनक सरगै ब्रिन की तरह बनना जिसकी वजह से गूगल दुनिया भर में मशहूर हो गया ...

जैकगोवर्धन और शेखन एलिज़ाबेथ
by Prabodh Kumar Govil
  • 525

मैं बरामदे में बैठा हुआ अख़बार पढ़ रहा था कि मेरी आठ वर्षीया बेटी दौड़ी दौड़ी आई और बोली- पापा पापा, आप कहते थे न कि सवेरे सवेरे देखा ...

बाली का बेटा (17)
by राज बोहरे
  • 300

17                                                         बाली ...