Best Hindi Stories read and download PDF for free

एलियन
by Shakti S Nahar

रोहन अपने यान में बैठकर अंतरिक्ष में यात्रा कर रहा है यह सन 3001 का समय है पृथ्वी के सभी देश एक देश बन चुके हैं सभी धर्मों की ...

औघड़ का दान - 2
by Pradeep Shrivastava Verified icon

औघड़ का दान प्रदीप श्रीवास्तव भाग-2 जब काम निपटा कर पहुंची बेडरूम में तो साढे़ ग्यारह बज रहे थे। बच्चे, पति सोते मिले। एक-एक कर दोनों बच्चों को उनके ...

सबरीना - 29
by Dr Shushil Upadhyay

सबरीना (29) वो खत, जो उन्होंने मेरी मां को लिखे थे।’ सुशांत और सबरीना काफी देर तक ऐसे ही खड़े रहे। डाॅ. मिर्जाएव ने सबरीना को टोका, ‘चलो, अब ...

निश्छल आत्मा की प्रेम पिपासा - 5
by Anandvardhan Ojha
  • 19

['यह रूहों की सैरगाह है...!'] दो वर्षों के कानपुर प्रवास के वे दिन मौज-मस्ती से भरे दिन थे। दिन-भर दफ्तर और शाम की मटरगश्तियां, यारबाशियाँ। कुछ दिनों बाद मैंने ...

FEAR... YOU ARE NOT SAFE WITH YOU
by Amar Kamble
  • (5)
  • 131

( A story by A.K. )                   आयशा फिर चिल्लाकर उठी। बेड पे उसके पास सोया हुआ करन‌ भी उसकी आवाज सुनकर ...

एक रात भानगढ़ के किले मे
by adarsh pratap singh
  • (10)
  • 128

मैं और मेरा दोस्त अमित बचपन से ही रात में बिना कहानियों को सुने हुए सोते नही थे। पिता जी हमको कहानिया सुनाते थे और अमित अपने घर को ...

दोहरी मार
by Dr Narendra Shukl
  • (1)
  • 25

आलू है । गोभी है । प्याज़  है । ‘ रात के करीब आठ बजे कड़कती ठंड में सुनसान - सी पड़ी सड़क के एक कोने में किसी बच्चे ...

चिंटु - 26
by V Dhruva Verified icon
  • (8)
  • 48

बेला दरवाजे पर खड़ी खड़ी मुस्कुरा रही थी। फिर वह धीरे से रूम का दरवाजा बंद करती है जहां चिंटू और सुमति आराम से सो रहे थे। पर उस ...

स्टॉकर - 16
by Ashish Kumar Trivedi Verified icon
  • (11)
  • 96

                        स्टॉकर                           (16)आश्रम आने के बाद ...

मेरा साया.. एक आसमान..
by Tarun Kumar Saini
  • 13

मेरा साया.. एक आसमान.. जो महसूस होता है, हर पल, हर जगह, क,मेरा अपना है, एक हमदद क तरह, सदा मेरे साथ है, यक, यही एक मेरा, अपना है... ...

प्रेम मोक्ष - 5
by अ, का, पुत्र
  • (10)
  • 87

अजाब सिंह ने जी तोड़ मेहनत कर नेहा के माता पिता के बारे मे बहूत कुछ पता लगा लिया था, जैसे की जब उसने नेहा के आस पड़ोस मे पूछताछ ...

नारीयोत्तम नैना - 5
by Jitendra Shivhare Verified icon
  • (4)
  • 30

नारीयोत्तम नैना भाग-5 राकेश के बेडरूम में कोलाहल होता हुआ देखकर धनीराम ने द्वार खोला--" तुम दोनों भाई-बहन फिर लड़ने लगे।" राकेश को भय था कि नूतन कहीं पापा ...

हाडी राणी
by Dr Fateh Singh Bhati
  • (9)
  • 133

हुकम, अब तो पलंग छोड़ो | बाहर पधारो | सासुजी मेरे को कह रहे है तुमने मेरे बेटे को आलसी बना दिया | ये तो सूर्योदय पूर्व उठ कर ...

किरदार - 2
by Kirdar
  • (3)
  • 54

तब मैं नही जानता था और ये कह भी नही सकता था कि ये साल मेरी जिंदगी बदलने वाला होगा । इस साल में ऐसा कुछ होगा जो मेरी ...

ठौर ठिकाना - 1
by Divya Shukla
  • (1)
  • 18

ठौर ठिकाना (1) आज दिन भर की भागदौड़ ने बुरी तरह थका दिया था मुझे. घर में घुसते ही पर्स बेड उछाल दिया और सीधे वाशरूम में घुस गई. ...

प्रकृति मैम - ठिकाने, ज़ायके, पोशाक
by Prabodh Kumar Govil
  • (1)
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ठिकाने ज़ायके पोशाकजब हम घर से कहीं बाहर जाने के लिए निकलते हैं तो एक उलझन मन ही मन हमें बेचैन करती रहती है। हम सोचते हैं कि दुनिया ...

मुख़बिर - 20
by राज बोहरे
  • (2)
  • 29

मुख़बिर राजनारायण बोहरे (20) मुठभेड़ मजबूतसिंह उस दिन अपने कंधे झुकाये जमीन पर आंख गढ़ाये हुए आता दिखा तो हम सबको उत्सुकता हुई । कृपाराम लपक के मजबूतसिंह से ...

एक जिंदगी - दो चाहतें - 29
by Dr Vinita Rahurikar
  • (6)
  • 67

एक जिंदगी - दो चाहतें विनीता राहुरीकर अध्याय-29 खाना खाने के बाद सब लोग वापस ड्राईंगरूम में बैठ गये और फिर से गप्पे मारने का दौर शुरू हो गया। ...

चुड़ैल वाला मोड़ - 16
by VIKAS BHANTI Verified icon
  • (11)
  • 151

टु गैदर वी...... मोटो और आये हुए लोगो को ढूंढने का सबसे पहला साधन संकेत के पास गूगल था । संकेत ने फोटो शॉप यूज़ करते हुए लोगो को ...

सत्या - 17
by KAMAL KANT LAL
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  • 73

सत्या 17 शराब के नशे में लड़खड़ाता शंकर चला जा रहा था. अपनी गली में मुड़ते ही उसने सविता को घर के बाहर औरतों से घिरा हुआ देखा. उसे ...

इज़हार
by Dilbag Singh Virk
  • (3)
  • 173

इज़हार "हैलो, निखिल...किस सोच में डूबे हो।" - इंदु ने निखिल को चुपचाप बैठे देखकर पूछा। रूचि और सुरेश भी उसके पीछे-पीछे पहुँच गए। "कुछ खास नहीं, बस यूँ ...

अस्वत्थामा (हो सकता है) - 4
by Vipul Patel
  • (3)
  • 103

                  फिर थोडे ही दिनो मे मालती अपने मिलनसार स्वभाव और पढाई करवाने की अपनी बहेतरिन और अनोखी रीत से वो यूनिवर्सिटी के स्टाफ और स्टुडण्ट के साथ घुलमिल ...

सुन रहे हो न बापू
by Annada patni
  • (1)
  • 123

सुन रहे हो न बापू अन्नदा पाटनी            कितने दिनों से सोच रही थी कि फोन करूँगी पर हर रोज किसी न किसी कारण रह ही जाता । कभी सोचती कि बात करूँ न करूँ , कहीं उन्हें क्रोध आ गया तो या बात अटपटी लगी तो । अब ग़ुस्सा आए तो आए , बात अटपटी लगे तो लगे , मैं आज उ

फ़ैसला - 11
by Rajesh Shukla
  • (8)
  • 72

फ़ैसला (11) अगले दिन सवेरे सिद्धेश ऑफिस जाने के लिए तैयार ही हो रहा था कि अचानक किसी ने कॉल बेल बजायी। उसकी आवाज से सिद्धेश भी खिड़की से ...

परिवर्तन की लहर
by Anju Gupta
  • (2)
  • 40

मुक्ता लगभग 25 वर्ष की थी और शहर के नामी कॉलेज में अंग्रेजी विभाग में लेक्चरर थी l विभाग में ज्यादातर लोग बड़ी उम्र के थे , इसलिए उसका ...

राहबाज - 9
by Pritpal Kaur Verified icon
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  • 47

निम्मी की राह्गिरी (9) वो छिप छिप कर मिलना दोनों डब्बे उठाये अनुराग के बारे में सोचती मैं घर चली आयी थी. घर आ कर माँ को मिठाई वाला ...

गुरप्रीत
by Pallavi Saxena
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धीरे-धीरे दिन हफ्ते महीने बीत चले है। अब साल खत्म होने को है। जैसे-जैसे परीक्षा का समय निकट आ रहा है, वैसे-वैसे मेरे दिल की धड़कनों में इज़ाफ़ा होता ...

काश! ऐसा होता.....
by Sudha Om Dhingra
  • (1)
  • 37

काश! ऐसा होता..... सुधा ओम ढींगरा पति की नौकरी ही ऐसी थी कि देश-देश, शहर-शहर घूमते हुए अंत में, हम भूमण्डल के एक बड़े टुकड़े के छोटे से हिस्से ...

गाली की धिक्कार
by मन्नू भारती
  • 46

भारी कदमों के साथ वह आगे बढ़ा। जीवन में यह पहला अवसर नहीं था जब वह अपमानित हुआ या मानसिक प्रताड़ना के दंश ने उसके आंतरिक मन को कटिले ...

दिल की ज़मीन पर ठुकी कीलें - 13
by Pranava Bharti
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दिल की ज़मीन पर ठुकी कीलें (लघु कथा-संग्रह ) 13-टच-मी-नॉट अम्मा के घर पर ऊपर छज्जे के बीचों-बीच एक सीमेंट का सुंदर सा गमला बना हुआ था | शायद छज्जा ...