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एक बूँद इश्क - 7
by Chaya Agarwal

एक बूँद इश्क (7) उसे चिन्ता है कल परेश आ जायेगा और वह वापस दिल्ली लौट जायेगी। इन नये रिश्तों का क्या जो अभी-अभी ही बने हैं? पनपने से ...

जादूगर जंकाल और सोनपरी (4)
by राज बोहरे

 जादूगर जंकाल और सोनपरी बाल कहानी लेखक.राजनारायण बोहरे    4 कुछ ही देर में वे समुद्र को पार कर चुके थे और मगरमच्छ गहरे पानी से जमीन की तरफ ...

साजिशे खुदा की भी होगी यू हीं तो हम मिले न होते।
by Shanti bamaniya

इत्तेफाक से  तुम यूं ही हमें मिले ना होते टकराए ना होते कुछ तो साजिशे खुदा की भी होगी यूं ही तो हम मिले ना होते।तूफा आया है मेरे ...

बेस्ट फ्रेंड - 4 - अंतिम भाग
by SURENDRA ARORA

बेस्ट फ्रेंड सुरेन्द्र कुमार अरोड़ा (4) 25. आजादी पिता के ऑफिस में आजादी के अवसर पर एक पारिवारिक मिलन का आयोजन किया गया था । पत्नी स्कूल-टीचर होने के ...

श्रीमद्भगवतगीता महात्त्म्य सहित (आठवा अध्याय)
by Durgesh Tiwari

जय श्रीकृष्ण बन्धुजन!श्रीगीताजी और प्रभु श्रीकृष्ण के कृपा से आज मैं श्रीगीताजी का आठवां अध्याय और उसके माहात्म्य के साथ उपस्थित हूँ। आप सभी श्रेष्ठजन श्रीगीता जी के आठवें ...

औरतें रोती नहीं - 16
by Jayanti Ranganathan
  • 104

औरतें रोती नहीं जयंती रंगनाथन Chapter 16 दगाबाज आईना वो दिन, वो शाम... मैं थरथराकर उठ गई। मेरा मोबाइल बज रहा था। थककर रुक गया। दो मिनट बाद मैसेज ...

आजादी - 7
by राज कुमार कांदु
  • 44

राहुल को प्याज छिलते हुए काफी समय हो गया था । उसके साथ ही प्याज छिल रहे लडके ने अब प्याज काटना शुरू कर दिया था । राहुल की ...

कहानी की कहानी की कहानी - 4 - समंदर के सौदे?
by कलम नयन
  • 50

मेरी आँखें खुलीं तो मेरे ठीक ऊपर एक नन्हा सा चेहरा मुझे निहार रहा था। मैं चौंक पड़ा। उसने सफेद रेशम का लंबा चोगा पहना था। मुझे बाद में ...

आधी दुनिया का पूरा सच - 8
by Dr kavita Tyagi
  • 46

आधी दुनिया का पूरा सच (उपन्यास) 8. रानी अौर साँवली पर दिन-रात हर क्षण माई की कठोर दृष्टि का पहरा रहता था । माई की अनुपस्थिति में इस कार्यभार ...

मॉरीशस किनारे....
by Dr Jaya Anand
  • 184

आज साँची गंगा तलाव मे पाँव डाले विचारों की लहरों में डूबती उतराती जा रही थी ।गंगा तलाव मॉरीशस की वो  जगह जहाँ पहुंच कर एक छोटा भारत दिखाई ...

तीन औरतों का घर - 2
by Rajni Gosain
  • 128

तीन औरतों का घर - भाग 2 कही मैं बस सोचता ही रह जाऊं और हामिदा का डोला कोई और ही ले जाए!" साबिर को ये सोचते ही कंपकंपी ...

अणु और मनु - भाग -14
by Anil Sainger
  • 40

“अप्पा मेरी गाड़ी ख़राब हो गई है | क्या आप मुझे कॉलेज छोड़ देंगे”, गौरव अपने अप्पा को अपनी गाड़ी में बैठ कर ऑफिस जाते देख कर बोला | ...

समीक्षा
by Madhu Sosi
  • 22

  उपन्यास लिखना किसी भी प्रकार सरल हैं ,न सहज , मात्र कुछ पृष्ठों में किसी कहानी को बुनना , शब्दों में पिरोना , उसको आदि से अंत तक ...

तानाबाना - 5
by Sneh Goswami
  • 74

तानाबाना 5   पास पङोस की हैरानी , चिंता , ईर्ष्या , निंदा चुगली चलती रही । इन सब से बेपरवाह दुरगी पहले की तरह घर के काम काज ...

एक घूँट भंग
by rajendra shrivastava
  • 110

कहानी                               एक घूँट भंग   -राजेन्‍द्र कुमार श्रीवास्‍तव,                                जब कोई अपनी चाहत ...

सुहागिन या विधवा - 4
by किशनलाल शर्मा
  • 264

उसकी राधा के छोटे भाई की पत्नी बन जाने पर उसे गहरा सदमा लगा था।उसे एक ही बात  कचोटती रहती।राधा ने इस निर्णय का विरोध क्यो नही किया?राधा की ...

चक्रव्यूह.
by Neelima Tikku
  • 126

चक्रव्यूह बाहर मूसलाधार बारिश होने लगी थी, इसी के साथ ही रोड़ लाइट्स बंद हो गईं थीं। वह काफी समय से एयरपोर्ट रोड़ पर कार में बैठी छोटी बहन ...

तेरे शहर के मेरे लोग - 2
by Prabodh Kumar Govil
  • 146

( दो )एक बात कुदरती हुई कि मैं जो उखड़ा- उखड़ा सा जीवन- अहसास लेकर मुंबई से रुख़सत हुआ था, वो आहिस्ता- आहिस्ता यहां जमने लगा।न जाने कैसे, मुझे ...

फिर मुलाकात होगी - 3
by Lalit Raj
  • 122

राज अपने सपने से हैरान था, अचानक अपने सपने में काजल को ऐसी हालत में देखकर वह उसके लिये और चिंतित होने लगा, जहां वो तीन वर्ष से उसे ...

केसरिया बालम - 1
by Hansa Deep
  • 238

केसरिया बालम डॉ. हंसा दीप 1 “केसरिया बालम पधारो म्हारे देस” बचपन से ही गाते हुए, अंदर ही अंदर, गहरे तक यह गीत रच-बस गया था। इसके तार दिल ...

भदूकड़ा - 47
by vandana A dubey
  • 158

कुंती ने जब छोटू से शादी बावत बात की तो वो एकदम बिफर गया। "अम्मा, हमें भैया न समझना। उनको तो घेरघार के तुमने शादी कर दी, पर हमारे ...

मज़बूरी
by Ajay Amitabh Suman
  • 76

पैसे की तलाश में आदमी को क्या क्या न करना पड़ता है। मोहन एक छोटा सा व्यापारी था। घर में पत्नी के अलावा दो बच्चे थे। गाँव में उसकी कपड़ों की ...

संतोष
by Annada patni
  • 172

संतोष अन्नदा पाटनी दरवाज़े की घंटी बजी, देखा एक नवयुवती खड़ी थी । माँग में सिंदूर, माथे पर बड़ी लाल बिंदी, होंठों पर लाली, कान में सोने के झुमके, ...

मानव का खोखला जिवन
by रनजीत कुमार तिवारी
  • 42

जिवन अनमोल है, यूं व्यर्थ न गवाइए।अपने कुछ पल मानवता में भी लगाइए।।धरा है पाप से सहमी,आओ मिलकर उद्धार करें।मातृभूमि की रक्षा करें,ऐसा मन में सब बिचार करें।।हवा हो ...

सीता: एक नारी - 5
by Pratap Narayan Singh
  • 32

सीता: एक नारी ॥पंचम सर्ग॥ संतप्त मन, हिय दाह पूरित, नीर लोचन में लिएमुझको विपिन में छोड़कर लक्ष्मण बिलखते चल दिए निर्लिप्त, संज्ञा शून्य, आगे लड़खड़ाते वे बढ़ेउठते नहीं थे पाँव, ...

कहानी ‘शम्मा दुलदुल वाला
by ramgopal bhavuk
  • 74

कहानी ‘शम्मा दुलदुल वाला’ रामगोपाल भावुक शम्मा का पूरा नाम तो श्यामलाल धानुक है। लेकिन लोग उसे शम्मा बरार के नाम से पुकारते हैं। वह शादी-ब्याह में पैत्रिक सम्पति ...

कर्म पथ पर - 47
by Ashish Kumar Trivedi
  • 50

                           कर्म पथ पर                        Chapter 47कमला ...

बडी प्रतिमा - 5
by Sudha Trivedi
  • 32

बडी प्रतिमा (5.) एक सुहानी सुबह ! शनिवार का दिन था। पूर्णिमा का चांद अभी पश्चिम में चमक ही रहा था। आज नजदीक के कस्बों से छात्रावास में आई ...

किस्से कोरोना के
by Henna pathan
  • 66

नमस्कार पाठक मित्रों हम आपको किस्से कोरोना में आपको कोरोना से जुड़े किस्से बताएगे ! मानवता के ऊपर सबसे बड़े संकट के रुप में मंडरा रहे कोरोना महामारी को ...

तस्वीर का सच - ६ - अंतिम भाग
by Saroj Verma
  • (11)
  • 374

अब समीर को समझ में आया कि वहां आत्माएं पहले से थी लेकिन अच्छी वाली, हमारे साथ बुरा उस तस्वीर के आने के बाद शुरू हुआ शायद।।       समृद्धि ...