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पुस्तक समीक्षा - 9
by Yashvant Kothari

मानवीय मंत्रालय       लेखक: अरविन्द तिवारी प्रकाशक: विवेक  पब्लिशिंग हाउस चौड़ा रास्ता जयपुर-3 पृप्ठ: 177 मुल्यः एक सौ साठ रुपए ^ अरविन्द तिवारी का यह व्यंग्य-सग्रह राजस्थान साहित्य अकादमी ...

भारतका सुपरहीरो - 8
by Sunil Bambhaniya

8. क्रिस्टल मेन  दस साल के बाद........                       विक्रम की पढाई खत्म हो गई थी और विक्रम को 'डॉक्टर एमन लेबोरेटरी' ...

गुमनाम रचनाकार-भूपेन्द्र डोंगरियाल की कहानियाँ - 2
by Bhupendra Dongriyal

                            बाबा की बेटी             "अजी सुनते हो ! याद है न आपको,बाबा जी ने कहा था दोनों मियाँ बीबी सप्ताह में एक बार घूमने-फिरने सहारा ...

द स्योर मैन - पार्ट 3
by Hareesh Kumar Sharma

Note- इस कहानी में कुछ परिवर्तन किए गए हैं। और आगे से सभी पार्ट इसी पर आधारित होगें।***************************************फिर कुछ परग्राही लोग स्योर मैन के मार्क को ढूंढने के लिए ...

हद कर दी आपने - सुभाष चंदर
by राजीव तनेजा

जब कभी आप धीर गंभीर मुद्रा में कोई किताब पढ़ रहे हों और बीच-बीच में ही अचानक पढ़ना छोड़, ठठा कर हँसने लगें  तो आसपास बैठे लोगों का चौंक ...

निश्छल आत्मा की प्रेम-पिपासा... - 32
by Anandvardhan Ojha

उस रात वह मेरे पास थीं…उस रात की परा-वार्ता के बाद शर्माजी तो अलभ्य हो गए! मैं चिंता में पड़ा रहा कि आख़िर हुआ क्या! आत्मा से मिली सूचनाएँ ...

में समय हूँ ! - 5
by Keval
  • 30

(अबतक : अक्षरवंशिका के राजा अभयराज के गुप्तचर बंदी बना लिए गए है। गुप्त सूचनाए प्राप्त करनेके सारे स्रोत बंध हो गए है। अपरिचित महाराज को समजाता है कि ...

दहेज एक विनाशकारी चिंगारी - 1
by Uday Veer
  • 8

सुबह के 8:00 बजे हैं, लक्ष्मी अपने कमरे में बिस्तर पर लेटी हुई है, उसे बहुत तेज बुखार है, उसका बदन बुखार से बुरी तरह तप रहा है, वह ...

उत्तम पुरूष
by Satish Sardana Kumar
  • 32

उत्तम पुरूष एक:बहुत देर से मैं यहां खड़ा हूँ।बस स्टैंड से रेलवे रोड को जोड़ने वाली एक संकरी सी गली है यह।बस स्टैंड का मुख्य प्रवेश   और निकास दूसरी ...

एक छोटी सी दुनिया !
by SARWAT FATMI
  • 94

एक छोटी सी दुनिया ! वो सपना हैँ या मेरा अपना कुछ बातें करूँ या बस निहारु उसे अब कैसे बताऊँ के एक पल भी तेरे बिना गुज़रता नहीं ...

जिया लागे ना...तेरे बिना... - 1
by Dipu Goswami
  • 98

मम्मी देखो ना भाई मुजे कॉलेज ले जाने से मना कर रहे है  ?.... आज मेरा पहला दिन है और में पहले दिन ही लेट हो जाउंगी ;     ...

रात का सूरजमुखी - 1
by S Bhagyam Sharma
  • 198

रात की सूरजमुखी मूल तमिल लेखक राजेश कुमार हिन्दी अनुवाद एस. भाग्यम शर्मा संपादिका रितु वर्मा तमिल लेखक राजेश कुमार इस कहानी के मूल तमिल लेखक राजेश कुमार है। ...

बाबुल मोरा... - 1
by Zakia Zubairi
  • 78

बाबुल मोरा.... ज़किया ज़ुबैरी (1) “मां मैने कह दिया, मैं यह घर नहीं छोड़ूंगी।” “क्यों नहीं छोड़ेगी और कैसे नहीं छोड़ेगी..?” “क्योंकि यह मेरा भी घर है।” “यह किसने ...

क्रान्तिकारी - 4 - अंतिम भाग
by Roop Singh Chandel
  • 18

क्रान्तिकारी (4) "कुछ नहीं, सर! पत्रिका के काम में लगा हुआ हूं." शांतनु घबरा रहा था कि कहीं कोई विषय इस बार भी न थमा दें बच्चा बाबू. पकड़ा ...

इंसान_बनाम_मशीन - 1
by सिद्धार्थ शुक्ला
  • 10

#इंसान_बनाम_मशीन ?वस्तु विनिमय प्रणाली के तहत जहाँ इंसान की जरूरतें पूरी होतीं थी वहीं परस्पर अनुग्रह और प्रेम का भाव बना रहता होगा ऐसा मैं समझता हूं। फिर वैज्ञानिक ...

इज़्तिरार - 3
by Prabodh Kumar Govil
  • 90

(13)जब घर से बाहर निकलता तो गर्मी हो, सर्दी हो, या बरसात हो, एक ताज़ा हवा आती थी।अब मैं किसी बंधन में नहीं था। न सपनों के, न उम्मीदों ...

जी-मेल एक्सप्रेस - 17
by Alka Sinha
  • 38

जी-मेल एक्सप्रेस अलका सिन्हा 17. पीली फाइल बाकी तो सब ठीक है, मगर क्वीना उसे सोता छोड़कर बाहर क्यों निकल आई? इस वक्त तो क्वीना को निकिता के साथ ...

चोरी या पहेली - रहस्यमयी कहानी - 3
by Satender_tiwari_brokenwords
  • 36

चोरी या पहेली ...(9)पहले खत के खुलासे अभी पचे ही नहीं थे कि अगले खत के खुलासे ने तो निवाला निगलने की ताकत भी जैसे छीन ली थी।इधर रिया ...

आओ थेरियों - 5 - अंतिम भाग
by Pradeep Shrivastava
  • 68

आओ थेरियों प्रदीप श्रीवास्तव भाग 5 मैं यह जानती समझती हूं कि हम तुम छप्पर में रहने वाली औरतों के लिए यह संभव नहीं है। हम सदियों से इतने ...

अधूरी कहानी - 3
by Heena katariya
  • 144

जय घर पहुँचते ही अपने रूम की ओर जा रहा होता हैं तभी मैड उसे खाना खाने के लिए पूछ्ती हैं जिससे जय और ज्यादा गुस्सा हो जाता है ...

तृप्ति - भाग (३)
by Saroj Verma
  • 180

रोते हुए कमलनयनी मंदिर से वापस आ गई,उसे आज बार बार रोना आ रहा था,वो कितने अच्छे मन से मंदिर गई थी लेकिन पुरोहित जी ने दूर से ही ...

जो घर फूंके अपना - 5 - ह्मसफर की तलाश--लखनऊ से गुवाहाटी तक
by Arunendra Nath Verma
  • 64

जो घर फूंके अपना 5 ह्मसफर की तलाश--लखनऊ से गुवाहाटी तक सन 65 के युद्ध के बाद जब शादी की बाज़ार में फौजियों के लिए घोर मंदी के दिन ...

दास्ताँ ए दर्द ! - 5
by Pranava Bharti
  • 34

दास्ताँ ए दर्द ! 5    उस दिन प्रज्ञा वास्तव में बहुत थक गई थी, बाद में मानसिक रूप से भी उन महाराज के वचनों व वहाँ की परिस्थिति ने उसमें ...

कभी अलविदा न कहना - 11
by Dr. Vandana Gupta
  • 196

कभी अलविदा न कहना डॉ वन्दना गुप्ता 11 अगला सप्ताह काफी व्यस्तता में गुजरा। मैंने राजपुर में शिफ्ट कर लिया। रेखा और अनिता के साथ होम शेयर कर मैं रिलैक्स महसूस ...

इक्क ट्का तेरी चाकरी वे माहिया... - 4 - अंतिम भाग
by Jaishree Roy
  • 26

इक्क ट्का तेरी चाकरी वे माहिया... जयश्री रॉय (4) उसे उस गैर मुल्क में इस हालत में छोड़ कर आते हुये उन सब का दिल भर आया था। आते ...

दस्विदानिया - 2
by PANKAJ SUBEER
  • 54

दस्विदानिया (कहानी पंकज सुबीर) (2) मैं बॉटनी में पीजी करना चाहता था। बॉटनी मेरा पसंदीदा विषय थी और बॉटनी पढ़ाने वाली शैफाली मैडम भी । तुम्हें तो याद ही ...

बात एक रात की - 4
by Aashu Patel
  • 154

बात एक रात की Aashu Patel सी - 4 'सर, मैनें आपको पहले से ही कह दिया था कि आज शाम मुझे एक इवेन्ट में उपस्थित रहना है|' नम्बर ...

कशिश - 26
by Seema Saxena
  • 114

कशिश सीमा असीम (26) रात भर चैन की नींद न आने से मन एकदम से भरा भरा था ! समझ में नहीं आ रहा था कि वो प्रेम में ...

परियों का पेड़ - 8
by Arvind Kumar Sahu
  • 30

परियों का पेड़ (8) परियों के पेड़ पर जिस जगह पर राजू और परी उतर कर खड़े हुए, उसे एक गोल चौराहा भी कह सकते थे | यहाँ से ...

chrismax ka tohapha
by Mohd Siknandar
  • 30

इस कहानी की शुरुआत बर्फीली जंगल से हुई । जहां पर खून जम देने वाली जबरदस्त हवाए ठंड बह रह थी । उसी रात बर्फीली तूफान मे एक मादा ...