Best adventure stories in English, Hindi, Gujarati and Marathi Language

कर्मा - 5 - जादू है नशा है.. मदहोशियां
by Sushma Tiwari
  • 75

जादू है नशा है.. मदहोशियां... (गतांक से आगे) सिद्धार्थ अभी भी उन लड़कों को घूर कर देख रहा था। अब ऐसा भी क्या कह दिया था उसने? मैच में ...

पृथ्वी के केंद्र तक का सफर - 23
by Abhilekh Dwivedi
  • 138

चैप्टर 23 अकेलापन। इस बात को सच में स्वीकारना होगा कि अब तक हमारे साथ सब अच्छा ही हुआ था और मैंने भी कुछ ज़्यादा शिकायतें नहीं की थी। ...

कर्मा - 4 - स्वागत नहीं करोगे हमारा
by Sushma Tiwari
  • 150

स्वागत नहीं करोगे हमारा... (गतांक से आगे) प्रिया और चंदन सिद्धार्थ को घूर रहे थे। चंदन ने सिद्धार्थ के पीठ पर थपकी देते हुए उसे विचारों के भंवर से ...

पृथ्वी के केंद्र तक का सफर - 22
by Abhilekh Dwivedi
  • 246

चैप्टर 22 रविवार, भूमि के नीचे। रविवार की सुबह जब सबकी नींद खुली तो किसी भी चीज़ के लिए कहीं कोई जल्दी या हड़बड़ी नहीं थी। चूंकि पहले से ...

The night of her decision (last part)
by किशनलाल शर्मा
  • 174

"Then what you want?""You have saved my  honor today.If you do not come_ _ _ _now I give myself to you.""What are you saying.Saudan said after listening Lajjo"I'm telling ...

Emporer of the world (જગતનો સમ્રાટ) - 29
by JD The Reading Lover
  • (17)
  • 320

જગતનો સમ્રાટ (ભાગ-29)              આગળના ભાગમાં આપણે જોયું કે જૈનીષને હોસ્પીટલમાં દાખલ કરવામાં આવ્યો હતો તે દિવસે ઇન્સ્પેક્ટર નરવાલ અને દિનેશભાઈ વચ્ચે બીનીતભાઈના અન્ય ...

प्रायश्चित - भाग-2
by Saroj Prajapati
  • 465

याद करते हुए शिवानी का मन अतीत के गलियारों में पहुंच गया। कितनी चंचल अल्हड़ और बातूनी हुआ करती थी वो। आज से बिल्कुल अलग। घर में सबकी लाडली ...

पृथ्वी के केंद्र तक का सफर - 21
by Abhilekh Dwivedi
  • 267

चैप्टर 21 महासागर में। अगले दिन तक हम अपनी सारी थकान भूल चुके थे। सबसे पहले तो मैं प्यासा नहीं महसूस कर रहा था और मेरे लिए ये ताज्जुब ...

कर्मा - 3 - भागता जाए समय का पहिया
by Sushma Tiwari
  • 177

भागता जाए ये समय का पहिया... (गतांक से आगे) जसपाल! क्या तुम मुझे साफ-साफ बताओगे कि सिद्धार्थ कहां है? अगर तुम जानते हो तो प्लीज मुझे बता दो.. इस ...

एक फूल दो माली (अंतिम भाग)
by किशनलाल शर्मा
  • 405

"मर्द औरत सिर्फ बच्चा पैदा करने के लिए हमबिस्तर नही होते।शारीरिक भूख मिटाना भी जरूरी है।पति पत्नी एक दूसरे की शारीरिक भूख मिटाते है।लेकिन तुम नामर्द हो।मेरे शरीर की ...

શ્રાપિત ખજાનો - 19
by Chavda Ajay
  • (21)
  • 1k

ચેપ્ટર - 19          આખો કાફલો એ દહાડ સાંભળીને ચોંકી ઉઠયો હતો. બધાની બંદૂક અત્યારે હાથમાં જ હતી અને સાવચેતીથી એ આગળ વધી રહ્યા હતા. વિક્રમ ...

पृथ्वी के केंद्र तक का सफर - 20
by Abhilekh Dwivedi
  • 294

चैप्टर 20 पानी कहाँ है? उस थकान और बेहोशी की हालत में उस वक़्त मेरे सुस्त दिमाग में कई बार सवाल आ रहे थे कि किस वजह से हैन्स ...

एक फूल दो माली (भाग 2)
by किशनलाल शर्मा
  • 432

लेकिन वह औरत कोई अजनबी नही उसके दोस्त की पत्नी यानी उसकी भाभी थी।लेकिन थी तो औरत।और एक कश्मकश उसके दिलोदिमाग में होने लगी।एक तरफ रेवती की देह को ...

पुलिस रिपोर्ट
by Yogesh Kanava
  • 393

पुलिस रिपोर्ट पूरा डांग का क्षेत्र, भिण्ड से मुरैना के रास्ते हिचकोले खाती सी बस । यूं समझो चल रही थी वरना तो डांग क्षेत्र में भी ऊॅंट की ...

શ્રાપિત ખજાનો - 18
by Chavda Ajay
  • (21)
  • 814

ચેપ્ટર - 18          "મને જરા સમજાવ તો કે આપણે એક્ઝેકલી કઇ જગ્યાએ જવાનું છે?" ધનંજયે વિક્રમને પુછ્યું.           ધનંજય વિક્રમ અને રેશ્મા ...

The Mission of Chambal Ghati - 7 - Last Part
by Rajnarayan Bohre
  • 135

The Mission of  Chambal Ghati 7 All six of them caught on the back of the ketchie with the swiftness of a group of cows and cheetahs. Even before ...

पृथ्वी के केंद्र तक का सफर - 19
by Abhilekh Dwivedi
  • 288

चैप्टर 19 पश्चिमी सुरंग - नया रास्ता। अब हमारा प्रस्थान दूसरे गलियारे की तरफ हो चुका था। हैन्स ने पहले की तरह आगे रहते हुए मोर्चा संभाला। हम सौ ...

एक फूल दो माली (भाग 1)
by किशनलाल शर्मा
  • 555

"मुझे बच्चा  चाहिए।अपना बच्चा"दीना नामर्द था।फिर भी  चाहता था।उसकी पत्नी रेवती अपनी कोख से उसे बच्चा  पैदा करके दे।पति की बात सुुुनकर रेेवती बोली,"तुम जानते हो  नामर्द हो।फिर  मेरी ...

रहस्यमयी टापू--(अंतिम भाग)
by Saroj Verma
  • (16)
  • 975

रहस्यमयी टापू--(अंतिम भाग) राजकुमारी सारन्धा की अवस्था बहुत ही गम्भीर थी और सारन्धा की अवस्था देखकर राजकुमार विक्रम बहुत ही विचलित थे,अघोरनाथ जी ने शीघ्रता से अपने अश्रु पोछे ...

The Mission of Chambal Ghati - 6
by Rajnarayan Bohre
  • 192

The Mission of  Chambal Ghati 6  Surpura was a village of Ghosians. There was already information about their arrival in the village, probably because food was being prepared for ...

कर्मा - 2 (पैसा ये पैसा)
by Sushma Tiwari
  • 243

पैसा ये पैसा.. हाय पैसा... (गतांक से आगे) जसपाल फोन पर सिर्फ ह्म्म ह्म्म करता है.. जी भाई, हाँ भाई के अलावा पूनम को कुछ सुनाई नहीं दे रहा ...

रहस्यमयी टापू--भाग (१९)
by Saroj Verma
  • 1.1k

रहस्यमयी टापू--भाग(१९) शाकंभरी की बात सुनकर सब विश्राम करने लगें और अर्धरात्रि के समय सब जाग उठे,जिससे जो बन पड़ा वैसे अस्त्र शस्त्र लेकर शंखनाद से प्रतिशोध लेने निकल ...

पृथ्वी के केंद्र तक का सफर - 18
by Abhilekh Dwivedi
  • 252

चैप्टर 18 वो अनुचित मार्ग। अगले दिन तड़के ही हमने शुरुआत कर दी थी। हम समय बर्बाद नहीं कर सकते थे। मेरे हिसाब से हमें पाँच दिन लगने थे ...

Emporer of the world (જગતનો સમ્રાટ) - 28
by JD The Reading Lover
  • (15)
  • 364

જગતનો સમ્રાટ (ભાગ-28)        આગળના ભાગમાં આપણે જોયું કે જૈનીષ તેના પરિવાર સાથે કેદારનાથની યાત્રા કરવા જાય છે, જ્યાં તેમની બસને અકસ્માત થતાં બસ ખીણમાં પડી જાય ...

प्रायश्चित भाग-1
by Saroj Prajapati
  • 636

अक्टूबर का महीना आते आते अंधेरा कुछ जल्दी ही घिरने लगता है। ऊपर से इस महीने में त्योहारों की भरमार। कितना भी समय ज्यादा लेकर चलो बाजार में, फिर ...

શ્રાપિત ખજાનો - 17
by Chavda Ajay
  • (21)
  • 924

ચેપ્ટર - 17          વિક્રમના મનમાં વિચિત્ર ખયાલો આવી રહ્યા હતા. પ્લેનની બારી બહારથી નીચેનો નજારો ખુબ સુંદર દેખાય રહ્યો હતો. પ્લેનમાં એ અને રેશ્મા સાથે ...

पृथ्वी के केंद्र तक का सफर - 17
by Abhilekh Dwivedi
  • 342

चैप्टर 17 गहराई में - कोयले की खदान। हम सच में सीमित राशन पर निर्भर रहना था। हमारे रसद मुश्किल से तीन दिन के लायक थे। इसका एहसास मुझे ...

रहस्यमयी टापू--भाग (१८)
by Saroj Verma
  • (13)
  • 990

रहस्यमयी टापू....!!--भाग(१८) घगअनंग जी के निवास स्थान पर सभी  रात्रि को विश्राम करने लगें, तब घग अनंग जी बोले_____        मैं अब आप सब को शंखनाद के सभी रहस्यों ...

The Mission of Chambal Ghati - 5
by Rajnarayan Bohre
  • 171

The Mission of  Chambal Ghati 5   The night in the plains is a little late, while the evening is long. All awake Kriparam took out the incense sticks ...

रहस्यमयी टापू--भाग (१७)
by Saroj Verma
  • (11)
  • 1k

रहस्यमयी टापू--भाग(१७) इसका तात्पर्य है कि शंखनाद ने सबके जीवन को हानि पहुंचाई हैं,अब हम सबके प्रतिशोध लेने का समय आ गया है, शंखनाद और  चित्रलेखा ने बहुत पाप ...