Hey, I am sohail

प्रेम पुत्र लिखित उपन्यास "ये इश्क नहीं आसान" मातृभारती पर फ़्री में पढ़ें
https://www.matrubharti.com/novels/16402/n-a

Sohail Saifi लिखित उपन्यास "जीनी का रहस्यमय जन्म" मातृभारती पर फ़्री में पढ़ें
https://www.matrubharti.com/novels/11570/jini-ka-rahashymay-janm-by-sohail-saifi

हाय, मातृभारती पर इस धारावाहिक 'प्रेम मोक्ष' पढ़ें
https://www.matrubharti.com/novels/12162/n-a

समय से पहले जितने की ख़ुशी हमें लापरवाह बना देती हैँ
और समय से पहले हार जाने का डर हमें सतर्क और चौककना कर जाता हैँ

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संसार का प्रत्येक गुण एक सीमा तक निर्धारित होता हैँ
उस सीमा को लांघने पर उसका गुण दोष मे परिवर्तित हो जाता हैँ

जैसे आत्मा विश्वास एक गुण हैँ परन्तु अधिक आत्मा विश्वास अहंकार कहलाता हैँ जो की एक दोष हैँ

धन अर्जित करने की लगन एक गुण हैँ किन्तु अधिक होने पर ये लोभ नामी बीमारी का रूप धारण कर लेती है

धन को सोच समझ कर कम से कम खर्च करना एक गुण हैँ लेकिन अधिक होने पर ये कंजूसी जैसे दोष मे आ जाती हैँ
ऐसे ही प्रत्येक गुण अपनी सीमा से अधिक होते ही दोष बन जाता हैँ

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यदि किसी व्यक्ति मे संतोष और सय्यम जैसे गुण ना हो तो उसका चित कभी भी स्थिर नहीं रहता
अधीर व्यक्ति का सदैव अंत परिणाम दुखद ही होता हैँ

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माता पिता संतान के लिए अपना सम्पूर्ण सुख सुविधा त्याग देते हैँ
किन्तु संतान थोड़े से आनंद के लिए माता पिता का ही त्याग कर देता हैँ

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हाय, मातृभारती पर इस कहानी 'जीनी का रहस्यमय जन्म (श्राप) - 2' पढ़ें
https://www.matrubharti.com/book/19875716/jini-ka-rahasymay-janm-2-shraap

हाय, मातृभारती पर इस कहानी 'भयंकर याद (मध्य )' पढ़ें
https://www.matrubharti.com/book/19875777/bhayankar-yaad-2

पैसा भी बड़ा अजीब हैँ
.................. अगर पास हो तो लाख भी कोड़ी समान लगता हैँ
.................. और ना होने पार कोड़ी भी लाख समान भारी हो जाती हैँ

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