Hey, I am sohail

हाय, मातृभारती पर इस कहानी 'जीनी का रहस्यमय जन्म (श्राप) - 2' पढ़ें
https://www.matrubharti.com/book/19875716/jini-ka-rahasymay-janm-2-shraap

हाय, मातृभारती पर इस कहानी 'भयंकर याद (मध्य )' पढ़ें
https://www.matrubharti.com/book/19875777/bhayankar-yaad-2

पैसा भी बड़ा अजीब हैँ
.................. अगर पास हो तो लाख भी कोड़ी समान लगता हैँ
.................. और ना होने पार कोड़ी भी लाख समान भारी हो जाती हैँ

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हाय, मातृभारती पर इस कहानी 'भयंकर याद (प्रथम )' पढ़ें
https://www.matrubharti.com/book/19875519/bhayankar-yaad-1

हाय, मातृभारती पर इस कहानी 'भयंकर याद (प्रथम )' पढ़ें
https://www.matrubharti.com/book/19875519/bhayankar-yaad-1

हाय, मातृभारती पर इस कहानी 'बाल रूप' पढ़ें
https://www.matrubharti.com/book/19875480/baal-roop

मनुष्य की लालसा अनन्त हैँ उसकेे लालच की पूर्ति से मिलने वाली संतुष्टि अस्थिर होती हैँ जो आगे चल कर और भी अधिक लालच मे परिवर्तित हो जाती हैँ और साथ मे अहंकार जैसे दोष को भी जन्म देती हैँ
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मानव लोभ एक ऐसा राक्षस हैँ जो दिन प्रतिदिन बढ़ता ही जाता हैँ और लोभ नामी राक्षस का भकक्षन केवल मानवता हैँ

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हाय, मातृभारती पर इस कहानी 'डकैत' पढ़ें
https://www.matrubharti.com/book/19875236/dakait
इस कहानी को पड़ कर देखे एक अलग अनुभव होगा

हाय, मातृभारती पर इस कहानी 'भविष्य एक विनाशक अंत हैं' पढ़ें
https://www.matrubharti.com/book/19873066/bhavishy-ek-vinashak-ant-hai

हाय, मातृभारती पर इस कहानी 'ईर्ष्या ने पाप का भागी बना दिया (अंतिम भाग )' पढ़ें
https://www.matrubharti.com/book/19874336/irsha-ne-paap-ka-bhagi-bana-diya-last-part

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