teacher by profession, lover by nature, writer by mind, singer by heart, indian by soul. जै श्री राम

पता है ...
जिसे तुम आज गमगीन ग़ज़ल कह रहे हो ....
वह कभी गहरा सदमा हुआ करता था....

हाय, मातृभारती पर इस कहानी 'one day...' पढ़ें
https://www.matrubharti.com/book/19875156/one-day

ना जाने किस मोड़ पे ये जिंदगी हैं

डर लगता आगे बढ़ने से , पीछे जा नहीं सकते ये एक मजबूरी हैं !

क्या छूट गया हैं पीछे ? जो सब कुछ खाली सा लगता हैं

पाना क्या हैं मुझे ? ये जानना भी अब बहूत जरूरी हैं !!

सायद समझदार नहीं हु जो समझ नहीं आती हर बात मुझे,

पर क्या हर बात को समाझना इतना जरूरी हैं ??

क्या करू मैं समझदार होकर इतना जबकि,

किसी को हँसाने के लिए समझदार नहीं बेवक़ूफ़ होना जरूरी हैं

Read More

मुद्दतों बाद वो मुझे बदला बदला सा लगा .....

अफ़सोस ये था कि वो और भी खुश था मेरे बगैर ...

"वो एक बात पे यूँ रूठ कर चल दिए ........

जैसे उन्हें सदियों से किसी बहाने की तलाश थी ....."

हाय, मातृभारती पर इस कहानी 'तुम्हारा....' पढ़ें
https://www.matrubharti.com/book/19874699/tumhara

हाय, मातृभारती पर इस कहानी 'तुम्हारा....' पढ़ें
https://www.matrubharti.com/book/19874699/tumhara

जिनका मिलना किस्मत में ना हो....
उनसे मोहब्बत भी बड़ी कमाल की होती है