लेखनी मेरा विस्तार ..(3) पुसतकों का प्रकाशन.. "एक मुसाफिर ऐसा भी" बाल ठाकरे,"नस बंदी से नोट बंदी तक"काव्य संग्रह,"विकास पथ नरेन्द्र मोदी"Biography तीनों पुस्तकें"amazon" पर उपलब्ध हैं। ebook.."एक कदम आत्मनिर्भरता की ओर".coming soon new ebook... गजल़

जयश्रीराम जयश्रीराम जयश्रीराम जयश्रीराम जयश्रीराम जयश्रीराम जयश्रीराम जयश्रीराम जयश्रीराम
डॉ रीना

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रक्षा बंधन की बहुत बहुत बहुत शुभकामनाएं🙌

अब तो ये आलम है कि नेपाली भी चाइना वालें दिखने लगे हैं और उनकी आंखें चमगादड़..
#अनामिका

सारे भविष्यवाणी करने वाले कहाँ गए.... लाइक और ख्याति से लॉकडाउन का खर्चा निकल गया..पर आपकी भविष्यवाणी से कोरोना नहींं गया... कृपया भविष्य वक्ताओं फिर से प्रकट होकर सबका मनोरंजन करें.. #डॉरीना

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आजतक किसी भिखारी को
कोरोना से पीड़ित नहीं देखा..
न ही परिसर साफसफाई कर्मचारियों
(समाज सेवकों)को देखा
कोरोना से होते बीमार..
मध्यम वर्ग निशाने पर हैं..
अब नामचीनों पर
सरेआम हो रहा अत्याचार.. 🤣
#डॉरीना

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विज्ञान इतना ही सक्षम है तो विज्ञान अब तक रक्त की उत्पत्ति क्यों नहीं कर सका??
विज्ञान असमर्थ क्यों है?
मृत व्यक्तियों को जीवित क्यों नहीं कर सका विज्ञान?
तो क्या माना जाए विज्ञान
सक्षम है या असक्षम

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तेरैं लाल मेरौ माखन खायौ।
दुपहर दिवस जानि घर सूनो ढ़ूँढ़ि ढँढ़ोरि आपही आयौ।
खोलि किवारि, पैठि मंदिर मैं, दूध दही सब सखनि खवायौ।
ऊखल चढ़ि, सींके कौ लीन्हौ, अनभावत भुइँ मैं ढ़रकायौ।
दिन प्रति हानि होति गोरस की, यह ढ़ोटा कौनैं ढ़ँग लायौ।
सूर स्याम कौं हटकि न राखै तैं ही पूत अनोखौ जायौ।
#सूरदास

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मैया, कबहिं बढ़ैगी चोटी?
किती बार मोहिं दूध पियत भई, यह अजहूँ है छोटी।
तू जो कहति बल बेनी ज्यौं, ह्वै है लाँबी मोटी।
काढ़त गुहत न्हवावत जैहै, नागिनी सू भुइँ लोटी।
काँचौ दूध पियावत पचि पचि, देति न माखन रोटी।
सूरज चिरजीवौ दौ भैया, हरि हलधर की जोटी।
#सूरदास

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हर ओर यहाँ छिपे बैठें हैं गद्दार-ए-वतन,
बहरुपियों के वेश में कुछ ओढ रहे झूठा कफ़न"
#डॉरीना #अनामिका #हिंदी_का_विस्तार #हिंदीमंच #साहित्यअकादमी

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रूद्राक्ष गले में नहीं मन में होना चाहिए
#डॉरीना