just 16...teen working hard but a begginer

Backbench wali baat hi alag thi,
sari mastiyan Vahi to ki thi ,
Chup Chup ke woh lunch khana,
teacher ke padhte Samay so jana,
Baten Karke jor se hansna
Pen fight wala game khelna
Khatarnak se "dare' bh Dena
Piche baith Awaaz Nikal ke
punishment se doston ko bachate,
black board per Naam Likhna ,
classes ki diwaron per bhi mil Jaega Naam sabka
Yad Piche chhodkar Jo Jaenge Ham Sab yahan se
Wapas Mud Ke Dekhenge Jab Rah Jaenge sirf Yaadein
Benches pe bhi Naam Honge
diwaron per Naam likhe the
unko Dekh Kar Khoob hasenge
Aankhon Mein Aansoo Honge
Doston Ko Ham Yad Karenge
itne Anokhe din hai school ke
college mein voh baat kahan
Ek Bar Jab chale gaye to
Wapas Fir Na Aa payenge Yahan

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मां तू जो साथ है,
जीना अच्छा लगता हैं,
तू घर में ना रहे तो
घर सूना सा लगता है,
घर वापिस जब आऊँ तो
आंखों के सामने चाहूं तुझको
तू ना दिखे जब तो
कुछ बेचैनी लगे मुझको
तू साथ रहे मेरे तो
हर खुशियां अच्छी लगती है,
तू पास ना हो मेरे तो
दुनिया खाली सी लगती है,
छोटी सी बातों पर नाराज़ हो जाऊं तो
समझाने वाली तू होती है।
तेरे साथ अपनी खुशियां बांटना चाहती हूं मैं।
तू प्यारी है,तू ही घर की रानी है,
थोड़ी नासमझ हूं मैं,
पर मां से प्यार मुझको है
घर से दूर जाकर ,
तेरे प्यार की कीमत आयेगी समझ ।
पढ़ लिख कर जब कुछ बन जाऊंगी,
तब तुझको नाज़ होगा मुझ पर,
तू भी बोल सकेगी शान से
' मेरी बेटी मेरा अभिमान है।'
दुनिया की सारी खुशियां मै तुझको देना चाहूं,
तेरे बचे अरमानों को मै पूरा कर दिखाऊ।
मां तू जों साथ है तो जीना अच्छा लगता है
दुनिया में सबसे ज्यादा प्यार तुझसे ही तो मिलता है।

written by ✍✍Anamika Agnihotri
#Kavita

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