Hey, I am on Matrubharti!

Duniya me majaak banane wale bahut milte hai
Par dil ka drd koi koi hi samjhta hai... Feeling very sad

एक किताब इश्क़ की मेरी हो जिसकी शुरुआत मेरी मोहब्बत से हो और खत्म हमारी पे हो||

meri jindgi kuchh is tarah chal rahi hai
bina roye koi shaam hi nahi hoti😢😢😢😢😢

jindgi ko jitna suljhane ki koshish karte hai
ye utna hi uljhti ja rahi hai...

घर मे,घर की लक्ष्मी का अपमान करो।
कागज पे लड़की बचाओ का ज्ञान दो।।
वाह रे इंसान
आज तक तुझको समझ न पाई।।

जिंदगी है ये कैसी पहेली
खेलू मैं इसको अकेली।।

दिल में तन्हाई का आलम है
जिंदगी ने भी की कैसी बेवफ़ाई है।।

इस दर्द भरी धरती पे
कौन
किसी का होता है

अकेली आयी hu
अकेली चली जाऊंगी
और साथ अपने अपनी तन्हाई ले जाऊँगी।।

save tree
मुझे मत मारो।
मुझे आने दो।।
मुझे उगने दो
मुझे रहने दो।।

हर सुबह इतना ही चाहूँ
आँख खोलूँ और तुझको पाऊँ।।