Hey, I am on Matrubharti!

रुह खूबसूरत थी ग़म के समंदर में डूब गई
जिस्म की खूबसूरती नीलाम होती रही
कोसती रही वो माँ अपने आप को
जिसकी बेटी महफिलों की शान हो गई
@निमिषा

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किसी को गुलाब में कांटे किसी को फूल नजर आता है
किसी के वास्ते प्यार पवित्र है किसी को पाप नजर आता है
@निमिषा

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कभी शोखी तो कभी सादगी पर मरता है
ये इश्क़ है जनाब बर्बाद बेहिसाब करता है

ये मां की दुआओं का असर था मौत को मात दे दी हमने
नहीं तो वहां जाकर लौटता कौन है

breaking news 😂😂😂😀

इश्क़ में जीने वाले अलग अंदाज रखते हैं
इश्क़ की दुनिया का खुद को शहंशाह कहते हैं
@निमिषा

Happy father's day.......

माना जो मैंने खुदा उनको इसमें मेरी खता क्या है
ऐ खुदा! तू मुझसे खफा है बता तेरी रज़ा क्या है
© निमिषा

ये दौर भी मायूसियों का जाने कैसा है
हर शख़्स यहां तन्हा अकेला है
फुर्सत नहीं यहां किसी को अपनों के वास्ते
भरी महफ़िल में भी गम में डूबा रहता है

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उनकी आंखों से पीकर तन्हा यूं बैठें हैं
भूल कर खुद को उन्हें अपना समझ बैठे हैं
© निमिषा