Navita Vijay

Navita Vijay

@navitavijay


About You

अपनी भावनाओं को शब्दों में ढालकर कभी कभी कुछ लिखने का प्रयास होता था तो कभी रंग भरकर चित्रों में सहेजने में आंनद आता था l पर सबकुछ कहीं खो सा गया था जिसे ढूंढने का फिर से प्रयास है l

जिसको भी अपना कहते हैं वो ही रूठ जाता है,
किसका दिल तोड़ने की ये सजा मिलती है बार बार

हम उनको दोस्त समझकर जीना सिखा रहे थे और
वो किसी की यादों का हमें दुश्मन समझ बैठे।