Like to write But took a long pause from it Now wanna resume my writtings and would Like to publish them If found situable

तेरे दर्द को हम तोअपना समझ
जिन्दगी को हम जिए जा रहे थे ।
बेमुरव्वत सी तेरी बेवफाई को
शाकी समझ कर पिए जा रहे थे ।।
Namita

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सारे शिकवे भुला कर
चलो साथ चलते हैं ....
चार दिन की जिंदगी मे,
यह पल फिर
कब मिलते हैं ?????
Namita

खामोशियों के भी अपने ....
जवाब होते हैं ????
कुछ ना बोलो तो .......
बेहिसाब होते हैं.????
Namita

इस दिल को खिलौना समझकर
तुमने जो खेल खेला था ।
टूट गई है उम्मीदें सारी ,
एहसासों का मेला था ।।
Namita

इश्क को हम तो खुदा समझ बैठे थे ।
लेकिन वो ....
जाने औंर क्या समझ बैठे थे ????
Namita

आज अपने मन का सच ....
मुझको तो कह लेने दो ???
तुम हो मेरे मैं हूँ तुम्हारी....
कुछ पल तो जी लेने दो ????
Namita

आज अपने मन का सच ....
मुझको तो कह लेने दो ???
तुम हो मेरे मैं हूं तुम्हारी .....
कुछ पल तो जी लेने दो????
Namita

उलझनों में इतना मसरूफ हो गए.....
दिल न टूट जाए मगरूर हो गए......
नमिता

क्या कहे,कुछ कह नही सकते .....
बिन तेरे भी रह नही सकते ......
Namita

कुछ ऐसे दर्द हैं अपने
जो हम अपनों से छिपाते हैं ।
बहाकर रातभर आँसू ,
सुबह को मुस्कुराते हैं ।।
Namita