I love to write poems, letters, motivational articles and short stories.

સ્ત્રી પુરુષના સંબંધમાં સૌથી અગત્યની કોઈ વાત હોય તો તે છે વિશ્વાસ. આમાં પણ સ્ત્રીનો વિશ્વાસ મેળવી લેનાર પુરુષ બાજી મારી લે છે અને પુરુષનો વિશ્વાસ મેળવનાર સ્ત્રી કાયમ રાણીની જેમ રાજ કરે છે.

વિશ્વાસ એ કોઈપણ સંબંધનો પાયો છે.

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हर साल नूर ठहरता है मेरे आंगन में जैसे

खुशियों की बरसात होती है रूह में जैसे।


मैं हर बार उसकी उम्मीद में दिए जलाती हूं,

ना जाने कब तक़दीर बनेगी तस्वीर में जैसे?

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रोज़ उसके मेल आते हैं,
जो मैं पढ़ती ज़रूर हूँ,
पर ज़वाब नहीं देती।
रोज़ उसके कोल आते हैं,
जो मैंने ब्लॉक कर रखें है।
रोज़ उसकी याद दिलाते हैं वो रास्ते,
जहाँ से मैं हर रोज़ गुज़रती हूँ।

रोज़ उसके सपने आते हैं,
उसे देखती हूँ,
उससे बातें करती हूँ,
उसे समझने की कोशिश करती हूँ,
पर,
हाँ पर फ़िर भी ना जाने क्यों
उसे कुछ कह नहीं सकती।

ख़्वाबों की बातें हक़ीक़त क्यों नहीं बनती?
हक़ीक़त ख़्वाब सी क्यों नहीं हो जाती?
आख़िर क्यों कोई बात आसान नहीं लगती?
मोहब्बत में ऐसा कोई मकाँ क्यों आता है?
जहाँ मैं मैं नहीं रहती,
वो वो नहीं रहता?

कल पढ़ा था कहीं,
सुना भी था।
हर कहानी मुकम्मल नहीं होती,
हर प्यार की तक़दीर मंज़िल नहीं पाती।

दिलों के अरमान फ़िर क्यों आँधी की तरह
सब कुछ उड़ा ले जाते हैं?
चैन, नींद, सुकून या ख़ुशी
सब बारिश की तरह हो जाते हैं।
जहाँ बरसते हैं तो दिल-ओ-जान भीग जाते हैं ।
या फिर नहीं बरसते तो बस तरसा जाते हैं।

ए बारिश अब के ज़रा हिसाब से बरसना,
कहीं मैं प्यासी ना रह जाऊँ
और कहीं वो यादों में ना भीग जाये।

जिगीषा राज

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કોઈ પણ બે વ્યક્તિ વચ્ચે રહેલ સંબંધને ટકાવી રાખવાનું કામ એ બે વ્યક્તિનું જ છે. ત્રીજા વ્યક્તિની જો જરૂર પડે તો તે સંબંધ નહીં સમાધાન કહેવાય.

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वस्ल की उम्मीद में रोज़ मेरी सुबह होती है।
दिन ढलते ही जैसे मेरी कत्ल की रात होती है।

जिगीषा राज

मेरे हिस्से के हिज़्र को तुम जी नहीं सकते,
ज़िंदा हूं जो मैं, वैसे तुम जी नहीं सकते।

जिगीषा राज

याद है वो इश्क़ की दास्तान,जो तुमने मेरे कंधे पे अपने हाथ रखकर,मेरी आंखों में अपनी आंखे मिलाकर,रोते हुए कही थी,ये तुम ही हो?
तो क्या मैं वो नहीं?
हिस्सा जिस्म में जो तुमने मेरा कर रखा है, उसी दिल से पूछो कि आख़िर गुनाह क्या है?

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સંબંધ એ બે વ્યક્તિ વચ્ચેનું સંધાન છે. બંને સાથે હોય અને એકબીજાના અસ્તિત્વને સ્વીકારે તો જ સંબંધ ટકે.સંબંધ તૂટવા માટેના કારણો પણ બે વ્યક્તિની વચ્ચે જ રહેલા પરિવેશમાં હોય છે.

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