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हर्ष

तुम्हारे लिए में तुम्हारे उन पलों का हिस्सेदार था जो कभी तुम्हारे थे ही नही..

-हर्निल_हरि

मेरी आँखें सच मे बयाँ करती है तेरे लिए प्यार
पर तुम पढ़ न सको तो में क्या करूँ..

सस्ते में लूट लेती है ये दुनिया अक्सर उन्हें....,

जिन्हें खुद की कीमत का अंदाज़ा नहीं होता....!

#copied_from_twiter