Short Stories Books in Hindi language read and download PDF for free

    आज की द्रौपदी और सुभद्रा - (अंतिम भाग)
    by Sakhi

    अंशिका के मुँह से  शुभी के आने की बात सुन धवल व सुमन दोनों की ही नजर दरवाजे पर गयी। उनकी खुशी का ठिकाना न रहा ,जब शुभी को ...

    व्यथा
    by Shweta Srivastava

    लक्ष्मी को समझ नही आ रहा था कि वो हंसे या रोये। उसकी सहेलियां उसको बार बार एहसास दिल रही थीं कि उस से ज़्यादा भाग्यशाली कोई लड़की नही ...

    प्लीज़, मानव को मानव ही रहने दें
    by Annada patni

    अन्नदा पाटनी उफ़ ! बारह बज गए । जल्दी जल्दी खाना मेज़ पर लगाओ नहीं तो सुनना पड़ जायेगा," खाना भी टाइम से नहीं लगा सकते हो । यह ...

    अक्षयपात्र : अनसुलझा रहस्य - 3
    by Rajnish

    अक्षयपात्र : अनसुलझा रहस्य(भाग - ३)अवंतिका: थैंक्यू यश! (रुंधे गले से)ऐसे समय पर तुमने आकर मुझे जो सहारा दिया है। उसको मैं बयां नहीं कर सकती।कहकर अवंतिका सिसकते हुए ...

    देश और धर्म के परे
    by Laiba Hasan

    करीब चार साल पहले की बात है मैं अपनी फैमिली के साथ अजमेर शरीफ से वापस लौट रही थी। बारह बजे अजमेर सियालदह ट्रेन आई और हम सब उसमें ...

    अभिव्यक्ति - शाम और युवक
    by Yatendra Tomar

    यह शाम भी बीती पिछली दो शामो की तरह ही उमस भरी थी। इसी उमस भरी शाम में एक युवक अपने घर की छत के पिछले हिस्से पर पड़ी ...

    मौन प्रार्थनाएं... एक लघुकथा
    by NISHA SHARMA ‘YATHARTH’

    अरे ये क्या हुआ आपके पैर में और आप लंगड़ाकर क्यों चल रहे हैं ? अरे कुछ नहीं बस मामूली सी खरोंच है और तुम तो कुछ ज्यादा ही ...

    नया दोस्त
    by Shubham Rawat

    दो मंजिला मकान जिसमे दस कमरे हैं। दो कमरे सबसे नीजे, चार कमरे पहली मंजिल पे और चार कमरे दूसरी मंजिल पे। और इन सब कमरों पे केवल किरायेदार ...

    मेरी बेटी जिंदा है...
    by Smita

    'मेरी बेटी मुझे नहीं,  औरों को तो अपनी आंखों से देख रही है।  वह जिंदा है। उसने मृत्यु का वरण किया दूसरे का भला कर..।' वंदना ने पति सुकेश ...

    जिंदगी से मुलाकात - भाग 7
    by R.J. Artan

    मुझे पता था कुछ तो गड़बड़ है | तुमने मुझे एक बार भी बताना लाजमी नहीं समझा | "ऐसा कुछ नहीं है.. आंटी मैं... बस ..." "अब मैं 71 साल की ...

    अक्षयपात्र : अनसुलझा रहस्य - 2
    by Rajnish

    अक्षयपात्र : अनसुलझा रहस्य(भाग - 2)वो युवक कोई और नहीं बल्कि मेजर यशवर्धन हैं।यश: ओह माय गॉड !! ऐसे मिलोगी, सोचा न था ? (आश्चर्य और खुशी व्यक्त करते ...

    आज की द्रौपदी और सुभद्रा - 4
    by Sakhi

    धवल के बार - बार कहने पर भी जब शुभी धवल के घर पर जाकर रहने को तैयार नहीं हुई तो धवल ने  उसे  समझाते हुए समय दे दिया ...

    My Hopes for Life - My Friends
    by Rutvik Wadkar

    With this life nowadays, I just realised that after my school life, my friends are decreased. I have selective people to whom I like. I also realised that these ...

    दोषी कौन
    by Shraddha

    शिखा की शादी अठरह वर्ष की आयु में ही हो गयी थी।  इससे पहले कि वो समझ पाती शादी क्या है ? दूसरे परिवार में सामंजस्य कैसे बनाना है ...

    एहसास
    by रमेश पाली

                         एहसास                  __?1?__पापा…!... मेरे सारे डॉक्युमेंट्स क्लियर हो गए हैं.. सब ठीक रहा तो अगले महीने अमेरिका जाना पक्का हो गया। बेटे के स्वर में चहक थी ..उमंग थी। वो बहुत ...

    इलाज़
    by राज बोहरे

      इलाज़ राजनारायण बोहरे-                 आज आपके झोलाझाप डॉक्टर फकीरचन्द ने एक और आदमी मार डाला ’ मिश्रा जी कोई विलक्षण जुमला बोलकर इंट्री करते हैं। मैंने पूछा-‘किसे मार ...

    दीपक बनाम झालर
    by Ratna Raidani

    कुछ दशकों पूर्व तक दीपक तथा झालर की अनन्य मित्रता थी। दोनों में अभूतपूर्व तारतम्य था। दोनों का अपने अपने क्षेत्र में वर्चस्व था। दोनों के मध्य कोई व्यवसायिक ...

    अस्मत
    by राज बोहरे

    लघुकथा                                                    अस्मत                                              राजनारायण बोहरे        सब ठीक है न खेताsss    नौनीता दादा हाट से लौटते हुए दूर से टेर लगा कर पूछ रहा था। हाँ कक्काsss!  ...

    अधूरे संवाद भाग -2 (कथनिकाऐं )
    by Alok Mishra

       1प्रश्‍नों    के चक्रव्‍युहवो कौन थी ?वो कैसे मरी ?उसके साथ क्‍या हुआ ?क्‍या ऐसा रोज होता है ?ऐसा कब तक होता रहेगा ?ये लोग कौन है ?क्‍या ...

    यादगार दिवाली
    by Ratna Raidani

    राघव आज बहुत उदास था। वह अपने फ़ोन में अपने ऑफिस और कॉलेज के दोस्तों की अपने माता पिता, अपने परिवार के साथ दिवाली की तस्वीरें देख रहा था ...

    पुनर्जन्म
    by Mamta

    पुनर्जन्म        गुरुद्वारे की ठंडी ठंडी सीढ़ियों पर कदम रखती हरदीप  आँखो में नमी और हृदय में आशा लिए वाहे  गुरु का जप करती जा रही थी ...

    कंप्यूटर क्लास
    by Shubham Rawat

    सूरज कंप्यूटर क्लास जाने लगा था। आज उसका पहला दिन था। वह क्लास में गया, सर ने उसे पहले दिन टाईपिंग करना सिखाया। और वह टाईपिंग करने लगा। सर ...

    समझौता नहीं समर्पण
    by Dr Vinita Rahurikar

    समझौता नहीं समर्पण   “ रिश्ते बनते तो प्यार से है लेकिन निभाए समझौते से ही जाते है. जो जितना ज्यादा समझौता करेगा उसका जीवन और रिश्ता उतना ही ...

    स्त्री स्वयं ब्रह्म है, गुरु हैं
    by हरिराम भार्गव हिन्दी जुड़वाँ

    स्त्री स्वयं ब्रह्म है, गुरु हैं(लघु कथा) एक बार की बात है, एक प्यासा किसी कुएं के पास गया जहाँ एक स्त्री पानी भर रही थी, उसने स्त्री से पानी ...

    पहाड़ों में कैद रूह
    by Sakhi

    ये जीवन भी अजब दास्तां है। कब क्या किसके साथ हो जाये क्या पता। साथ चलता साथी कब फिसल कर दूर हो जाये कुछ कहा नहीं जा सकता । ...

    सात समंदर पार से बिन माँगे मदद
    by S Sinha

                                                               ...

    निम्मो (भाग-4 अंतिम)
    by Deepak Bundela AryMoulik

    कंटीन्यू पार्ट -4अपनी नाकामियों का कसुरबार अपनों को ही बना देना कहां तक सही है.. आज कल नहीं ये तो ज़माने से चला आ रहा है जिस तरह शाहिद ...

    दहेज (लघुकथा)
    by Kumar Kishan Kirti

      विनायक बाबू के घर शादी की तैयारी बड़े ही धूमधाम से हो रही थी धीरे-धीरे मेहमान आ रहे थे कई प्रकार की उपहार से कमरा भरा दिखाई दे ...

    झूठी शान
    by Shubham Rawat

    सन 1998, जहां भारत एक परमाणु देश बन चुका था। वहीं दूसरी तरफ निहारिका, 16 साल की लड़की, जिसकी शादी तय कर दी गई थी। निहारिका ने अभी-अभी आठवीं ...

    चुभन
    by Surbhi Singh

    ये कहानी है अमृत नाम के लड़के की जिसको सभी प्यार से गुड्डा कहा करते थे| उसके परिवार में उसके अलावा उसके पिता, माँ और एक बड़ा भाई थे|उसके ...