Short Stories Books in Hindi language read and download PDF for free

    दिमाग बनाम दिल
    by राजेश ओझा

    मंहगू, छोटे भाई सहतू को जैसे ही हमेशा की तरह थाने से छुड़वा कर लाया ,घर वाले पिल पड़े..पत्नी बोली.."तुम्हारे तो बीबी बच्चे हैं नही..बस जो कमाओ सब इन्हीं ...

    जीवन ऊट पटाँगा - 2 - ऐसे भी
    by Neelam Kulshreshtha

    एपीसोड -२ ऐसे भी [ नीलम कुलश्रेष्ठ ] “उठ कम्मो उठ ।” कम्मो ने अपना हाथ छुड़ाते हुए दूसरी तरफ़ करवट ले ली, बिछौने से कच्ची ज़मीन पर उतर ...

    तारू - 2
    by Sruti

    तारू का अभी अभी ब्रेकअप हुआ था। वो बोहत ही दुखी थी। उसके बॉय फ्रेंड ने उसे चिट किया था। कॉलेज में उनकी लव स्टोरी बोहत ही मशहूर थी। हाला ...

    मोहपाश
    by Anand M Mishra

    आज का समय कलियुग  कहा जाता है। वेद-पुराणों में युग चार युगों की अवधारणा है। उस कड़ी में यह चौथा और अंतिम युग है। इससे पहले तीन युग आकर ...

    रसोईघर
    by Bhawna Shastri

    नए घर में शादी के बाद आज रचना का चौथा दिन था।अब तक तो सब ठीक ही था।रचना को मायके की ही तरह प्यार और दुलार यहाँ भी मिल ...

    छोटा बड़प्पन
    by Archana Anupriya

    छोटा बड़प्पनत्योहार के दिन थे और अमेजॉन से सबके लिए कपड़े,गिफ्ट्स वगैरह मँगवाये जा रहे थे।कोरोना की वजह से हर साल की तरह सबको बाजार ले जाकर उनके पसंद ...

    थप्पड़
    by किशनलाल शर्मा

    " हाय दीदी।"उमेश शाम को ऑफिस से लौटा तो प्रिया को देखकर बोला,"न कोई फोन,न चिट्टी अचानक कैसे आना हुआ?""तू इस फोटो को देख,"उमेश की बात का जवाब न ...

    अभागिन...
    by निशा शर्मा

    अलीगढ़ से करीब बीस से पच्चीस किलोमीटर दूर एक छोटा सा गाँव, बीरपुर ! उसके एक बड़े से मकान के बाहर चबूतरे पर चारपाई पर बैठी एक वृद्ध महिला ...

    मेरी नजर से देखो - भाग 3 - सरकारी दफ्तर की महंगी चाय
    by Rajat Singhal

    ...कि मेरी पत्नी के भाई यानी मेरे साले मजबूरदास की काॅल आ गई। अपनी जीजी से मिलने को आ रहा था। मैने अपनी पत्नी को कहा तेरा भाई आ ...

    बड़े होकर तुम क्या बनोगे
    by DIPAK CHITNIS

      बड़े होकर तुम क्या बनोगे   DIPAKCHITNIS(dchitnis3@gmail.com)  एक दफा में एक स्कूल में गया था l  पहली कतार में बैठा हुआ पहले लड़के से मैंने पूछा, “ तू ...

    पहली नज़र
    by Aj.

    आयुष ने गांव से बारहवी की परीक्षा उत्तीर्ण करके कालेज में एडमिशन लिया था। आज वो अपने किराए के रूम पे रहने जा रहा था। मन में एक अलग ...

    नया सवेरा
    by सुधाकर मिश्र ” सरस ”

    भास्कर और चांदनी के बीच रोज - रोज की बहसबाजी से दोनों की एकमात्र संतान किरण जो की अभी चौथी क्लास में थी , परेशान होती रहती। उसके समझ ...

    जीवन ऊट पटाँगा - 1 - डाकुओं के चंगुल से
    by Neelam Kulshreshtha

    एपिसोड -1 डाकुओं के चंगुल से नीलम कुलश्रेष्ठ ज़िंदगी होती है बेतरतीब, बड़ी ऊट पटाँग, थोड़ी सी बेढब, थोड़ी सी खट्टी मीठी, हंसी और आँसुओं की पोटली, अकल्पनीय बातें ...

    सरप्राइज
    by S Sinha

                                                           कहानी - सरप्राइज    मैं ग्रेजुएशन कर चुकी थी  . मेरे माता पिता मेरी शादी के लिए अच्छे वर की तलाश  में थे  . मेरे पिता के पास ...

    जिंदगी से मुलाकात - भाग 14
    by R.J. Artan

    रिया की आंखें अचानक से साइझ से कुछ ज्यादा ही बड़ी हो गई और आश्चर्य से मुंह खुल गया। आँखे कुछ सोचकर मिचमिचाने लगी। यह मिसेज जोशी का लड़का ...

    नागिन का इंतकाम
    by Datta Jaunjat

    हम काहाणी शुरु करते हे नंदिनी और ‌‌राज शिवमंदिर मे होते हे तब कोछ शेतान उन्हे मार देते है तब वाहा पे नागेश्वरी आती है तब वो मोहिनी को ...

    आत्महत्या
    by किशनलाल शर्मा

    "मेरा हाथ क्यों पकड़ा?"वह एक लड़की से प्यार करता था।लड़की भी उसे चाहती थी और उससे शादी का वादा कर चुकी थी।एक दिन एक अमीर उसकी जिंदगी में आ ...

    पिताजी
    by Darshita Babubhai Shah

    यहां आएं, फॉर्म भरें। क्या आप रोगी से संबंधित हैं? भइया क्या हुआ बेन सिर में मारा गया है। क्यों? मुझे नहीं पता, मैं इसे उसके ससुर से लाया ...

    चाचीजी का प्रेम
    by Anand M Mishra

    सदा की तरह वार्षिक अवकाश में अपने गृहनगर पहुंचा। अपने चाचाजी के यहाँ मिलने के लिए गया तो दादी की तस्वीर पर ‘हार’ चढ़ा देखा। मन में दादी के ...

    एक नई राह
    by राज कुमार कांदु

    अमित भट्टाचार्य जी की पत्नी बीमार थीं। परिवार में और कोई नहीं था इसीलिए उन्होंने आज दफ्तर से अवकाश लिया हुआ था। खुद कभी किचन में झाँकने का मौका ...

    अस्तित्व
    by Jayu Nagar

    नमस्ते। आशा करती हु इस covid महामारी मे आप सब सुरक्षित और कुशल होगे।    ये मेरी पहली लघुकथा है जो में मातृृृभारती में प्रकाशित करने जा रही हूँ।  ...

    तुम साथ हो जब मेरे...
    by Ravi maharshi

                     यह कहानी है एक ऐसे परिवार की जो लॉक डाउन होने के बाद मुसीबतों का सामना कर रहा था और एक ...

    एक लड़की को देखा तो ऐसा लगा.......
    by zeba Praveen

    पहली बार वह मुझे तब दिखी थी जब वो पौधों में पानी डालने आयी थी, उसके होंटो पर हँसी जैसे चिपक सी गयी थी ऐसा लग रहा था जैसे ...

    तारू - 1
    by Sruti

                                  आज तारू अपने घर आने वाली थी। घरमे कोई खुश नही था उसके आनेसे। ...

    मास्टरनीजी
    by S Sinha

                                                                                     कहानी  - मास्टरनीजी     सरला ने बी ए  पास करने के बाद कुछ समय तक नौकरी पाने का प्रयास किया था   .  उसे आशा की ...

    खुशनसीब
    by भूपेन्द्र चौहान“राज़”

    “प्रिय रवि, सुना है,अभी तुम्हारा वहाँ मन नहीं लग रहा है। वापस घर आने का मन बना रहे हो, ऐसा कुविचार  तुम्हारे मन में क्यूँ आया? बताओ ऐसी  भी ...

    आधुनिक गिरगिट
    by Anand M Mishra

    राष्ट्र्भूमि केंद्र विद्यालय का समाज में बहुत नाम है। यहाँ से पढ़कर निकलनेवाले छात्र उच्च पदों पर सुशोभित हैं। इस विद्यालय को सजाने-संवारने में यहाँ के अध्यापकों, शिक्षकेतर कर्मचारियों ...

    टिकैत बाबा और मनचाहे गीत
    by Bhupendra Singh chauhan

    तब रामू की उम्र 13-14 वर्ष रही होगी जब वह अपनी भैंस चराने दूर खेतों में ले जाता था।हर रोज दोपहर 3 बजे स्कूल से आने के बाद वह ...

    हरखू
    by shubham mishra

    अभी सुबह होने में कुछ देर बाकी थी | हरखू , बाबू जी जमीदार की घर की ओर भगा जा रहा था| भोथरे काका जिनका द्वार हरखू से सटा ...

    एक सच
    by अनुराधा अनुश्री

    अजीब सी कहानी है एक अनकहा सा सच जिसे बताने कि कोशिश तो की गई लेकिन बताया जा ना सका ...लेकिन किसी की जिंदगी से जुड़ी है।पता नहीं इसे ...