Short Stories Books in Hindi language read and download PDF for free

    झील गहरी
    by Sneh Goswami
    • 47

      झील गहरी   बठिन्डा शहर के बीचोबीच दूर दूर तक फैली दो बङी बङी झीलें । उन झीलों में बत्तखों जैसी तैरती रंग बिरंगी किश्तियाँ ।  सङक के ...

    एक दिया मुंडेर पर
    by Satish Sardana Kumar
    • 931

    सिरसा!जाने कैसा शहर है यह?फतेहाबाद से पीलीबंगा बुआ के घर जाते समय यह शहर रास्ते में पड़ता था।बचपन से लेकर कॉलेज में ग्रेजुएशन करने तक मैं बहुत कम बार ...

    मन की बात
    by इंदर भोले नाथ
    • 970

    फूलचंद नाम का एक किसान था,उसके दो बेटे थे, रमेश और महेश। महेश की उमर १३ साल और रमेश की ३ साल थी फूलचंद की पत्नी का नाम पार्वती था, वो ...

    हंस चुगेगा दाना दुनका कौवा मोती खायेगा
    by S Sinha
    • 944

                                               कहानी  -    हंस चुगेगा  दाना दुनका  कौवा ...

    गांव से लौटकर
    by Lalit Rathod
    • 882

    गांव का आख़री दिन बहुत अजीब सा अकेलापन में शामिल कर लेता है। रात में ही दिमाग से घर में बिताया समय खत्म हो चुका होता है। अगली सुबह ...

    मालिक...The GOD
    by Pratap Singh
    • 362

    मालिक“ए मालिक तेरे बंदे हम.. ऐसे हो हमारे करम….। घर पर तेज़ आवाज में रेडियो पर बज रहे गाने की आवाज को सुगंधा ने कम कर किसी से पैसों ...

    मोबाइल बड़े कमाल की चीज़ है
    by Sushree Mukherjee
    • 294

    मोबाइल बड़े काम की चीज़ है। इंसान के जीने का तरीका ही इसने बदल दिया है। इसे के कारण इंसान को कॉल, मैसेज, ऑफिस का काम, घड़ी, मूवी, गाने, ...

    छोटू
    by saba vakeel
    • 441

    चाय पीने के लिए छोटे से ढाबे पर गई थी। देखा तो वहां पर एक छोटा लड़का काम कर रहा था। सब उसको छोटू-छोटू कह रहे थे। वह छोटू ...

    रँगरेज़ा के रंगों की थाप
    by कल्पना मनोरमा
    • 468

    घर में जब से स्वच्छंद विचार धारा वाली बहू ब्याहकर आई थी तब से घर की रंगत ऐसी बदली कि अपने भी अपनों को पहचानने से इनकार करने लगे ...

    सितौलिया
    by Amitabh Mishra
    • 462

    सितौलिया वे पांच थे, बहुत कम उम्र के लड़के । सबसे बड़े कीउम्र 8 साल होगी तो सबसे छोटा सिर्फ 4 साल का ही होगा । उन पांचों की ...

    रुधिचुस्तत्ता ( माँ- बाप का फर्ज)
    by Madhuri Vaghasana
    • 495

    ठीक है पैदा कहा होना है वो तो हमारे हाथ मे माही है रुधिचुस्तता को जितना अपनाओगे उतना आप दूसरों को ज्यादा ही दुखी करोगे। मेरा एक रिलेटिव में ...

    शिकायत है ऊपर वाले से
    by डिम्पल गौड़
    • 395

    हुकुम सिंह ने आते ही सबसे पहले ननकी को ऊपर से नीचे तक घूरा । उसकी पैनी दृष्टि के बाण ननकी सहन नहीं कर पा रही थी। महसूस होने ...

    दादा
    by Shilpa Sharma
    • 340

    ‘‘न जाने क्यों इतना दिल पसीज जाता है तुम्हारा? ऐसे ही चलता रहा तो मदद मांगनेवालों की लाइन लग जाएगी हमारे यहां. हर किसी की समस्या सुलझाने बैठ जाते ...

    जीवन अभी बाकी है...
    by Shivani Verma
    • 246

    "जीवन अभी बाकी है” वृद्धाश्रम में सुबह से ही काफी चहल पहल है. सभी लोग शाम को होने वाले समारोह की तयारी में जुटे है, और कुछ दिव्यांग और ...

    गरीब का
    by Monty Khandelwal
    • 270

    रात केे 9 बज गये थे दुकान  बंद करने का समय होगया था सटर को आधा  खींच लिया था लेकिन  अभि तक  गरमा गरम मूंगफली बेचने वाला  नहीं आया ...

    बुद्धि बड़ी या धन :- यशवर्धन
    by YashVardhan
    • 302

    महाराज रुद्र सिंह जनकपूर के राजा थे। उनके दो पुत्र थे ।बड़ा पुत्र परिमल और छोटा पुत्र हार्दिक। परिमल को धन का बड़ा घमंड था। वही हार्दिक बुध्दि को ...

    एक प्रेम कहानी
    by Navdeep
    • 273

    ये कहानी कॉलेजिएट स्कूल के लड़के की  है। वे लड़का बोहात ही सुंदर और स्मार्ट  और टैलेंटेड वी होता था ।उस लड़के  का स्कूल में पहला दिन था।और उस ...

    पहला तनख्बाहा
    by Chinmayee
    • 305

    गर्मी के सहिना, गर्म हावा से थोडा राहात पाने के लिये,रानी कि मामा हर शाम को घरको अनंधेरा करके खिड़की को खुला छोड देते थे, इस उमिद मे कि ...

    भूख
    by Kumar Kishan Kirti
    • 339

    "अरे मोहन बेटा, यह क्या कर रहे हो?"प्रोफेसर डॉ०विनय शर्मा अपने पाँच साल के बेटे को देखकर थोड़ा गुस्से के साथ पूछ बैठे,दरअसल उनका पाँच साल का बेटा मोहन ...

    अनकही
    by Ashish Saxena
    • 336

    " हेलो अक्षय " "क्या हाल हैं ? इतने दिनों बाद कैसे याद आ गयी |" अक्षय ने फ़ोन उठाते ही पूछा  . "ठीक हूँ , क्या तुम्हे याद ...

    सकरिया रहता किस देश में है
    by Amitabh Mishra
    • 304

    सकरिया रहता किस देश में है   बीस साल पहले लिखी एक कविता से बाहर निकल कर सकरिया एकदम मेरे सामने खड़ाहो गया। वह सकरिया जो छककर दारू, ताड़ी पीता, ...

    कद्दू
    by Arjit Mishra
    • 274

    रात के साढ़े ग्यारह बजे दिल्ली की सड़कों पर अजय तेज रफ़्तार से अपनी बाइक चलाता हुआ कहीं जा रहा था कि तभी एक तीव्र मोड़ पर बाइक फिसल ...

    एक पिता की व्यथा
    by Sanjay Prajapati
    • 387

    इस लोकडाउन मे बात एक पिता की भी होनी ज़रूरी है जो पिता रात दिन काम करता था आज वो घर पे बिना काम के बेठा हे फिर भी मुस्कुरा ...

    पहली हवाई यात्रा
    by Lalit Rathod
    • 419

    मैं वर्तमान को खुलकर जीने और कल्पना को सच मानने में विश्वास करता हूँ. जब भी किसी यात्रा में जाता हूँ उस वर्तमान की ढेरों कल्पना करता हूँ, जिसे ...

    हमारी मिनी रानी (बिल्ली)
    by Jignesh Shah
    • 300

    बात कुछ समय पहले की है, हा कई दिनो से मरेे घर पर नया महेमान बिल्ली के रूप में आया था, हमने नाम रखा था मिनी जो मेरे घर ...

    आत्म रक्षा
    by डिम्पल गौड़
    • 509

    मूसलाधार बारिश । सुनसान रास्ता । आज ऑफिस में मीटिंग देर तक चली थी । शुभ्रा जब ऑफिस से निकली थी तो हल्की बूंदाबांदी हो रही थी ।अपने भीने ...

    चाँद से गुफ्तगू
    by Archana Anupriya
    • 399

    " चाँद से गुफ्तगू "कल पूनम के चांद पर मन जा अटका। बड़ी सी गोल बिंदी जैसा... प्रकृति मानो सितारों से भरी चुनरी पहने,बड़ी सी बिंदी लगाए मुझे मेरी ...

    कीमती साड़ी
    by monika kakodia
    • (11)
    • 370

    कीमती साड़ी" माँ ! कहाँ रखी हैं अलमारी की चाबियाँ ? दो ना जल्दी से " दीपू राजधानी एक्सप्रेस की गति से मां के कमरे में चिल्लाती हुए आयी ...

    मॉडर्न रामायण
    by Neelam Kulshreshtha
    • 400

    मॉडर्न रामायण नीलम कुलश्रेष्ठ दादू से रामायण की कथा सुनने के बाद कीवी ने पूछा ,"राम कहाँ रहते हैं?" " आसमान में बादलों से ऊपर." दादू के होंठों को ...

    नक़ाब
    by किशनलाल शर्मा
    • 407

    "मै आपको जहमत देना  चाहूंगी",नसीम ऑफिस में बैठा रिजर्वेशन ऑफिस से आये चार्टों को देख रहा था।तभी एक औरत उसके पास आकर बोली थी।उस औरत की आवाज मै ऐसा ...