Motivational Stories Books in Hindi language read and download PDF for free

    उजाले की ओ - संस्मरण
    by Pranava Bharti

    उजाले की ओर—संस्मरण -------------------------- स्नेही मित्रों सस्नेह नमस्कार       हमारे ज़माने में बच्चे इतनी जल्दी बड़े नहीं हो जाते थे | आप कहेंगे ,उम्र तो अपना काम करती है ...

    सच का सामना
    by राज कुमार कांदु

    कई दिनों से अमर की रजनी से बात नहीं हो पा रही थी । उम्र का अर्ध शतक लगाने के बाद उसकी मुुुलाकात आभासी दुनिया में एक आकर्षक महिला ...

    आधार - 17 - मैत्री-भावना, व्यक्तित्व की प्यास है।
    by Krishna

    मैत्री-भावना, व्यक्तित्व की प्यास है।मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है। जिसको सुखमय जीवन व्यतीत करने के लिए संबंधों की आवश्यकता होती है। दैनिक और पारिवारिक जीवन में एक व्यक्ति को अनेकों ...

    आप हमारे हिस्से में नहीं
    by Swati Kumari

                   आप हमारे हिस्से में नहींमैं गणेश प्रसाद उम्र लगभग 65 या 70 के आसपास होगा। घर...., छोड़िए क्या फायदा बता कर पर ...

    उजाले की ओर (संस्मरण )
    by Pranava Bharti

    उजाले की ओर (संस्मरण ) --------------      जीवन का एक शाश्वत सत्य ! आने वाला जाने का समय लिखवाकर ही अपने साथ इस दुनिया में अवतरित होता है | ...

    ...और इंसानियत मुस्कुरा उठी
    by राज कुमार कांदु

     कोरोना ने अपने विकराल स्वरूप में पूरे देश में दुबारा दस्तक दे दिया था और हजारों जिंदगियों को लील कर अपने भयानक इरादे का परिचय दे रहा था।  पचासी वर्षीय ...

    आधार - 16 - मस्तिष्क, आचरण का निर्माता है।
    by Krishna

    मस्तिष्क, आचरण का निर्माता है।मनुष्य का मस्तिष्क दुनिया के आधुनिकतम सुपर कंप्यूटर से भी लाखों गुना तीव्र गति से कार्य करता है। मस्तिष्क में दिन रात विचार उत्पन्न होते रहते ...

    ट्रेन्ड
    by Divya

         "चलो... चलो... सभी को डिन मेम साहब ने बुलाया है। सभी को कंपल्सरी आना है, जल्दी से सभी सेमिनार होल में जाओ कोई फेमस वकता आए हैं। ...

    जीवन का आधार कर्म
    by Roop Kishore

    श्रीमद भगवत गीता के दूसरे अध्याय के 47वें श्लोक "कर्मण्य वाधिकारस्ते माँ फलेशु कदाचन" के अनुसार  मनुष्य का अधिकार केवल उसके कर्मो पर है ।  यूं तो कर्मों की  ...

    मेरी अकेली रात
    by नाथूराम जाट

     बस बस बस बस बस बस करो अब थक गईं हूँ ।मैं तुम से प्यार की उम्मीद रखना, अब नहीं शहा जाता की ख़ुदा कभी मेरी झोली मैं खुशियाँ ...

    स्वर्गारोहण प्रकृति पुरुष का
    by Anand M Mishra

    ऋषिपुरुष एक सच्चा प्रकृति प्रेमी ! श्री सुन्दरलाल बहुगुणा - महान पर्यावरणविद! हिमालय के महत्त्व को समझने-समझाने वाले तथा रक्षक। उनके स्वर्गारोहण के समाचार से देश स्तब्ध! पेड़ बचाओ-पेड़ ...

    सूरत और सीरत
    by S Sinha

                       कहानी - सूरत  और सीरत                                       मनोज बाबू घर में प्रवेश कर कुर्सी पर बैठ अपने जूते खोल रहे थे . जूते ...

    शब्द
    by Roop Kishore

    मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है प्रज्ञा के कारण वह संसार के सभी प्राणियों में श्रेष्ठ है। हमारे जीवन में तीन अक्षरों के कॉम्बिनेशन का अत्याधिक महत्व है जो  हमारे ...

    आधार - 15 - सज्जनता, व्यक्तिव का दर्पण है।
    by Krishna

    सज्जनता, व्यक्तिव का दर्पण है।सज्जनता मनुष्य का स्वभाविक गुण है और अच्छा बनना जन्मसिद्ध अधिकार। अच्छाई को फैलाना हमारी शक्ति है। हम सब अच्छा दिखना चाहते हैं और अच्छा कहलवाना ...

    जिंदगी के दोपल
    by May6367

    ये जिंदगी बस सिरफ पल दो पल है, जिस में ना तो आज और ना ही कल है, जी लो इस जिंदगी का हर पल इस तरह, जैसे बस यही जिंदगी का ...

    अपनी पहचान कैसे बनाएं
    by AJMAL SHAKIL

    एक प्रसिद्ध लेखक पत्रकार और राजनयिक पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ जो बेहद ही हंसमुख स्वभाव और आकर्षक व्यक्तित्व के धनी है। उनकी पत्रकारिता देश ही नहीं अपितु विदेश में भी प्रसिद्ध ...

    उजाले की ओर - 38
    by Pranava Bharti

    उजाले की ओर  ------------------  स्नेही मित्रो      नमस्कार        बहुत बार मनुष्य के मन में यह संवेदना उभरती है कि वास्तव में जीवन है क्या? क्या जीवन यह ...

    Aprilfool जिंदगी.......
    by Dhvani Upadhyay

    हेल्लो दोस्तों,  नमस्कार ,आज हम एक ऐसी बात कर रहे हैं, जिसका अनुभव पृथ्वी पर जन्म लिए सभी सजीवो ने किया है, शीर्षक देख के लगता है की कभी ...

    आधार - 14 - निस्वार्थता, एक उत्कृष्ट गुण है।
    by Krishna

    निस्वार्थता, एक उत्कृष्ट गुण है।आज के व्यस्त समय में मनुष्य संबंधों का निर्माण स्वार्थपरता के आधार पर करता है। हमारे संबंध अपने पड़ोसियों व सगे-संबंधियों से उनकी उपयोगिता के अनुसार ...

    धवल चाँदनी सी वे - 5 - अंतिम भाग
    by Neelam Kulshreshtha

    एपीसोड –5 नीलम कुलश्रेष्ठ मधु जी का प्रथम काव्य संग्रह 'भाव निर्झर 'पास के एक बैंक ऑफ़ बड़ौदा के ऑफ़िसर उमाकांत स्वामी जी की सहायता से प्रकाशित हुआ व ...

    उजाले की ओर - 37
    by Pranava Bharti

    उजाले की ओर  ------------------ स्नेही मित्रों     नमस्कार      मानव-मन बहुत जल्दी दुखी हो जाता है |कोई बात किसीके विपरीत हुई नहीं कि  मन उसको अपने ऊपर ढाल ...

    धवल चाँदनी सी वे - 4
    by Neelam Kulshreshtha

    एपीसोड –4 नीलम कुलश्रेष्ठ पंडित जी ने उन्हें निपट अकेले घर में जीने के लिये तैयार किया था । उन्होंने दुनियाँ को बखूबी जीकर दिखा भी दिया है । ...

    मेहनत
    by Kumar Kishan Kirti

       सुबह का समय था.मैं अपने कमरे में बैठकर अखबार पढ़ रहा था. तभी नौकर चाय का प्याला लाकर सामने रखकर दिया तथा स्वयं बोला"मालिक आपसे कोई मिलने आया ...

    आधार - 13 - निष्पाप व्यक्तित्व, जीवन का आधार है।
    by Krishna

    निष्पाप व्यक्तित्व,जीवन का आधार है।पाप कर्म, मानव जीवन की एक ऐसी भूल है, जो उसके व्यक्तित्व को सदा के लिए कलंकित कर देता है। यह मानव जीवन में एक ...

    धवल चाँदनी सी वे - 3
    by Neelam Kulshreshtha

    एपीसोड --3 नीलम कुलश्रेष्ठ "पंडित जी के कारण । उन्होंने मुझे धीरे-धीरे प्राणायाम सिखाया, शवासन सिखाया, ध्यान करना सिखाया । मेरी तानों की अवधि कम होती गई । अब ...

    मैं मृत्यु शीखाता हुं - ओशो
    by Sonu dholiya

    एक फकीर हुआ, एक व्यक्ति निरंतर उसके पास आता था। एक दिन आकर उस व्यक्ति ने उस फकीर को पूछा : आपका जीवन इतना पवित्र हे आपके जीवन में ...

    धवल चाँदनी सी वे - 2
    by Neelam Kulshreshtha

    एपीसोड --2 नीलम कुलश्रेष्ठ चाँदोद के उस मंदिर के महंत बड़ी गंभीरता से बिना आरती गाये सोलह दीपों वाले दीपक से भगवान की आरती उतारा करते थे । वैसे ...

    धवल चाँदनी सी वे - 1
    by Neelam Kulshreshtha

    एपीसोड --1 नीलम कुलश्रेष्ठ गुजरात की प्रथम हिन्दी कवयित्री कुमारी मधुमालती चौकसी के संघर्षशील रोगी जीवन का जीवंत दस्तावेज [ 'धर्मयुग' से अपना लेखन आरम्भ करने वाली मधु जी ...

    खुद की तलाश
    by Dr Sonika Sharma

    कोरोना के इस आपातकाल में जहां चारों तरफ हाहाकार मचा हैं। चाहे न्यूजपेपर हो चाहे न्यूज चैनल चाहे सोशल प्लेटफार्म बस हर जगह नकारात्मकता फैली है। अगर गलती से ...

    आधार - 12 - व्यक्तित्व निर्माण, जीवन का प्रथम चरण है।
    by Krishna

    व्यक्तित्व निर्माण,जीवन का प्रथम चरण है।सुबह सवेरे उठते ही जब हम मोबाइल को जांचते हैं तो सर्वप्रथम हमारा ध्यान वाटस ऐप पर भेजे गए संदेशों पर केंद्रित हो जाता ...