Love Stories Books in Hindi language read and download PDF for free

    बन्धन--भाग(१)
    by Saroj Verma
    • 23

    आइए ठाकुर साहब!! पधारिए,       कहिए क्या लेना चाहते हैं? दुकान के मालिक सेठ मगनलाल ने ठाकुर राघव प्रताप सिंह से पूछा!!   बस,सेठ जी कुछ कम्बल खरीदने है, ...

    अनजान रीश्ता - 31
    by Heena katariya
    • (14)
    • 199

    पारुल अपने घर का दरवाजा धीरे से चाबी से खोलते हुए घर में पहुंचती है। हॉल और किचेन कि लाइट बंद थी मतलब उसके माता पिता दोनों ही सो ...

    नानी तुमने कभी प्यार किया था - 8
    by महेश रौतेला
    • 82

    नानी तुमने कभी प्यार किया था? भाग-8उसने तीन-चार रचनाएं प्रकाशनार्थ भेजी हैं। वह आज के प्रदूषित वातावरण पर लिखता है-"इस प्रदूषण भरे शहर मेंमैंने आज तारों कोटिमटिमाते पायाऔर मैं ...

    तैय्यब अली प्यार का दुश्मन
    by Husn Tabassum nihan
    • 204

    तैय्यब अली प्यार का दुश्मन दिन का मुँह धुंआं धुआं हो रहा था। सूरज अपने कंधे पर दिन का लहू-लुहान जिस्म लिए चलता हुआ। लौटे हुए पंछी हाय-तौबा मचाए ...

    फास्ट बोलर
    by मधु सोसि गुप्ता
    • 87

    “ फास्ट बोलर ”                   आराधना का पैंतीसवां  जन्मदिन था | वो  रात भर की नींद में सो कर ,सुबह  उठी थी  | उसे ऐसा प्रतीत हो रहा था, ...

    चंद लम्हों की टकरार
    by Gal Divya
    • 125

                                 चंद  लम्हों की टकरार              पूरे 4 साल.....        ...

    आलिंगन
    by Chaya Agarwal
    • (12)
    • 1.4k

    आलिंगनगीतेश के दो ही शौक थे। एक दिन में पेंटिंग बनाना और दूसरा रात को मशहूर कहानीकारों की कहानियां पढ़ना। तूलिका और कैनवास से उसका गहरा रिश्ता था। चित्रकारी ...

    ख़ुशी - भाग-२
    by Anil Sainger
    • 219

    हार्दिक दरवाजे के पास पहुँच कर धीमी आवाज में बोला ‘मैडम ऐसा ही कुछ मेरे एक दोस्त आयुष के साथ भी हुआ था’| यह सुनते ही सोनाली धम्म से ...

    अधूरी कहानी - 8
    by Heena katariya
    • 387

    सना और जय रेस्टोरेंट में पहुंचते हैं । सना अभी भी जय से गुस्सा थी । जिस तरह जय ने गाड़ी में बरताव किया वह सना की सोच से ...

    दो पल का प्यार
    by Rajesh Mewade
    • 215

    सुबह-सुबह जागते ही घर के बरामदे में पहुंचा। वही रोज की हल्की-फुल्की कसरत करने के लिए। पर आज कोई जल्दबाजी नहीं , क्योंकि आज रविवार था। रोज की तरह ...

    प्रेम की परिभाषा न पूछो
    by Devendra Prasad
    • 232

    दो दोस्त थे यश और राज दोनों की दोस्ती कक्षा ६ में हुई थी जब दोनों अपने नए  स्कूल में आये थे  दोनों ने अपनी   १२वी तक की  पढाई ...

    GANGTOK@मिनि
    by Chinmayee
    • 96

    आरे मिनि कि याद् आ रहि हे क्या...?सन्तोष का मिनि नाजाने अब कैसे होगि..मिनि कि हातों से बानाये हुए मोमोस्, एग् अमलेट् को सन्तोष तो अभि तक् भुला नेहि ...

    रिश्ता एक कागज का । - 2
    by Dhruv oza
    • 360

    निशांत - ये लीजिये दयानंदजी आपकी फाइल, ओर ये फोटो जो उसमे से मैने निकाला है , ये लड़की मुजे पसंद है,दयानंद - दिखाईये ज़रा ये लड़की? अरे ये ...

    ख़ुशी - भाग-१
    by Anil Sainger
    • 378

    ‘मैं मुंबई से गोवा जा रहा था | दूसरी श्रेणी के वातानुकूलित डिब्बे में खिड़की के साथ वाली बर्थ पर मैं अभी आराम से बैठा ही था कि एक ...

    फिर मुलाकात होगी - भाग १
    by Lalit Raj
    • 391

    प्यार की ऐसी दास्तान जो अधुरी है मगर एक दूसरे का एहसास उन्हें जोड़े रखता है,वो चाहकर भी मिल न पाऐ फिर भी एक उम्मीद में है कि "फिर ...

    मध पंखीड़ा मध पांजरे
    by मालिनी गौतम
    • 539

    मध पंखीड़ा मध पाँजरे “मध पंखीड़ा, मध पाँजरे संसार माया जाल छे...........” ( हे शहद का निर्माण करने वाले पंखियों (मधुमक्खियों), तुम्हारे ही द्वारा रचा हुआ यह शहद का ...

    अनजान रीश्ता - 30
    by Heena katariya
    • (19)
    • 649

    सेम पारुल को उसके घर छोड़कर अपने घर की ओर ड्राइव कर रहा होता है । तभी वह खिड़की के बहार अंधेरी रात में चमक रही चांदनी को देख ...

    गुनगुनी धूप सी बातें और मालूशाही व राजुला
    by महेश रौतेला
    • 183

    गुनगुनी धूप सी बातें:सहपाठी बोला करते हैं "वे दिन बहुत याद आते हैं।"न सुबह होने का पता होता था, न शाम होने का। कालेज की भाग्यशाली सीढ़ियों में फटाफट ...

    वह चेहरा - 3 - अंतिम भाग
    by Roop Singh Chandel
    • 253

    वह चेहरा (3) उनके पिता पारंपरिक सोच के थे और अपनी बढ़ती उम्र से चिन्तित. एक दिन वह दिल्ली आ पहुंचे और उन्हें धमकाने के अंदाज में बोले,''तपिश,मैं उस ...

    अधूरी कहानी - 7
    by Heena katariya
    • (14)
    • 673

    सना शॉपिंग के वजह से काफी थक गई थी। वह शॉपिंग के लिए कभी आती ही नहीं। पर उसकी दी ने उसे निवेदन किया था । तो वह मना ...

    वह चेहरा - 2
    by Roop Singh Chandel
    • 240

    वह चेहरा (2) उन दिनों वह दिल्ली में विदेश मंत्रालय में अनुवादक थे. अपने को पी-एच.डी. के लिए पंजीकृत करवाने में दो बार असफल हो चुके थे. यह उन ...

    बनावटी रिश्ते
    by Tusharkumar
    • (13)
    • 601

    जो ईन्सान आपके लिये रोता हो उसे  कभी मत छोडनाक्योंकि किस्मतवालो को ही ऐसे चाहनेवाले मिलते है जब ईन्सान गुस्सा भी करें और रोये भी तब वो जो कुछ ...

    ये इश्क नहीं आसान - 3 - अंतिम भाग
    by प्रेम पुत्र
    • (12)
    • 460

    अब नील का खेल शुरू होता है। वो एक दिन परिणीता के खाने में नींद की दवाई की ओवर डोज़ मिला कर उसको खिला देता है। जिसे खा कर ...

    रिश्ता एक कागज का । - 1
    by Dhruv oza
    • 548

    निशांत :- पोपकोर्न खाओगी ? ये भैया बहोत अच्छे पॉपकॉर्न बनाता है पता है ?क्यारा :- हम यहा शायद पोपकोर्न खाने नही आये निशांत ? एक साल में कुछ ...

    बात उस रात की
    by Vishesh Gupta
    • 554

                     "  बात उस रात की "           रोज़ कि तरह आज भी अलार्म घडी कि घण्टी से मेरी आँख नही खुली।।। मां ने आकर मुझे उठाया घडी ...

    वह चेहरा - 1
    by Roop Singh Chandel
    • 393

    वह चेहरा (1) मध्य दिसम्बर का एक दिन. सुबह की खिली-खिली धूप और लॉन में पड़ी बेंचें. बेंचों पर बैठे कई चेहरे..... धूप में नहाये चेहरे.... धूप सेकते चेहरे. ...

    मतलब का प्यार
    by Lalit Raj
    • (11)
    • 579

    मै लेखक राज और मै जब भी कोई कहानी लिखता हूँ तो मै रेल यात्रा करता हूँ क्योंकि मुझे ऐसी जगह पर ही लिखने में आनंद आता है ।आज ...

    विश्वास - भाग-२
    by Anil Sainger
    • 433

    एक रात मैं खाना खाकर अभी अपने कमरे में आया ही था कि मेरे फ़ोन की घंटी बज उठी | मैंने काँपते हांथो से फ़ोन उठाया और देखा तो ...

    स्पर्श
    by Saroj Verma
    • (17)
    • 517

    स्पर्श..!! सरकारी स्कूल में नौकरी लगी, मैं बहुत खुश था कि चलो अब घरवालों को मुझसे कोई शिकायत नहीं रहेंगी,घर में दो छोटे भाइयों की तो कब की नौकरी ...

    अनजान रीश्ता - 29
    by Heena katariya
    • (13)
    • 798

    अविनाश तेज़ी से रोड पर ड्राइव करते हुए अपना गुस्से को काबू में करने की कोशिश करता है। लेकिन बार बार उसके सामने सेम और पारुल का चित्र उसके ...