Love Stories Books in Hindi language read and download PDF for free

    रिश्ता तेरा मेरा - 4
    by PriBa

    पार्ट -4     _________________________ एक दिन शहर के सुपर फ़ूड मॉल में बडिमां के साथ पिया शॉपिंग कर रही था , पर अचानक से पिया ने देखा की, ...

    यादों के उजाले - 3
    by Lajpat Rai Garg

    यादों के उजाले लाजपत राय गर्ग (3) ‘रवि, तुम्हारी इस बात का क्या जवाब दूँ, कुछ सूझ नहीं रहा। मैं तो नि:शब्द हो गया हूँ।’ कुछ समय के लिये ...

    मुरझाई पंखुड़ियां:-(जब दिल सच मे टूटा करते थे)
    by S Choudhary

    फोन की घण्टी बजी,विकास ने फोन उठाया, सामने राहुल था। राहुल-विकास !आज अंकित के फ्लैट पे पार्टी है आजाना 7 बजे तक। विकास:- किस खुशी में ? राहुल:- हमेशा ...

    इश्क वाला ️️️️Love - 1
    by Sunil Gupta

    आजकल बहुत बड़ा हीरो बन रहा है तू, कल हम तुझे बुला रहे थे और तू लड़की के साथ जा रहा था तो तूने पलट कर देखा भी नहीं ...

    अनकहा अहसास - अध्याय - 8
    by Bhupendra Kuldeep

    अध्याय - 8रमा पैदल चलते हुए अपने सोसाईटी पहुँच गई।आज उसका मन एकदम अस्थिर था। उसने सोचा इस तरह तो रोज चिकचिक होगी। इसलिए बेहतर होगा कि मैं इस्तीफा ...

    नैना अश्क ना हो..भाग - 10
    by Neerja Pandey

    उस कार्यक्रम के बाद सभी घर आ गए। दिन भर की भाग - दौड़  की वजह से सभी थक गए । इस कारण सभी अपने - अपने कमरे में ...

    कामनाओं के नशेमन - 9
    by Husn Tabassum nihan

    कामनाओं के नशेमन हुस्न तबस्सुम निहाँ 9 रात में अमल ने बेला को अपने हाथों से सजाया संवारा। उसके जूड़े में एक खुबसूरत रजनी गंधा की वेणी लगाई। वह ...

    अनचाहा रिश्ता (शादी मुबारक) ७
    by Veena

    " ये क्या है मीरा ? तुम्हे पता है ना मेरी मीटिंग है। फिर भी  तुम्हे अभी वो फाइल गुमानी थी। याद करो कहा रखी है।" स्वप्निल गुस्से में ...

    नीलांजना--भाग(२)
    by Saroj Verma

    चंद्रदर्शन के ऐसे शब्द सुनकर, दिग्विजय हतप्रभ हो गया,अब उसे लगा कि शायद उससे बहुत बड़ी भूल हो गई है, उसे जब तक अपने किए पर पछतावा होता,तब तक ...

    अनजान रीश्ता - 43
    by Heena katariya

    पारुल अस्पताल में थी उससे अभी तक होश नहीं आया था । उसके माता पिता डॉक्टर का इंतज़ार कर रहे थे। दोनों चिंता में बैठे हुए थे। सेम के ...

    यादों के उजाले - 2
    by Lajpat Rai Garg

    यादों के उजाले लाजपत राय गर्ग (2) पीरियड समाप्त हुआ और वह क्लास से बाहर निकल गया। प्रह्लाद और विमल अभिन्न मित्र थे। दोनों में किसी प्रकार का दुराव-छिपाव ...

    अनकहा अहसास - अध्याय - 7
    by Bhupendra Kuldeep

    अध्याय - 7क्या बात है डियर, तू क्लास लेने नहीं गयी। माला ने अंदर आते ही पूछा।नहीं यार आज मन नहीं था। क्यों भला ?बस ऐसे ही मन नहीं कर ...

    अनफॉरट्यूनेटली इन लव (कन्फेशन-२) 9
    by Veena

     इस तरह से मस्तिष्क में सभी प्रकार की गतिविधि के साथ, वह थोड़ा परेशान महसूस करती थी।  होटल तक बस से उनकी व्यक्तिगत देखभाल के तहत, और अंत में ...

    नीलांजना--भाग(१)
    by Saroj Verma

    सुंदर पहाड़ और झरनें ,पंक्षियो का कलरव और घना जंगल, उसके समीप बसा एक सुंदर और धन-धान्य से परिपूर्ण राज्य, जहां की प्रजा बहुत सुखपूर्वक अपना जीवन बिता रही ...

    प्यार का दर्द है, मीठा मीठा प्यारा प्यारा
    by Saroj Prajapati

    शादी के बाद प्रिया पहली बार मायके रुकने आई थी। एक महीने पहले ही उसकी शादी राज से हुई थी। ससुराल में एक महीना सबको देखने समझने में ही ...

    अधूरी कहानी - अंतिम भाग
    by Heena katariya

    विशाल ओर लता को साथ में काम करते हुए 3-4 माह हो जाते है। दोनों अभी भी एक दूसरे को पसंद नहीं करते । एक दूसरे को नीचा दिखाने ...

    कामनाओं के नशेमन - 8
    by Husn Tabassum nihan

    कामनाओं के नशेमन हुस्न तबस्सुम निहाँ 8 ‘‘यह आपका आशीर्वाद है बाबू जी।‘‘ बेला ने बहुत ही रूंघे गले से कहा।- ‘‘यही सब पा कर जिंदा हूँ। अब देखिए ...

    एक लड़की पहेली सी
    by Rahul Sagar Advocate

    टाइपिंग इंस्टिट्यूट में सागर का पहला दिन था वह अपनी सीट पर बैठा टाइप सीखने के लिए टाइपिंग पुस्तक पढ़ रहा था तभी उसकी नजर अपने केबिन के गेट ...

    गलतफहमियां - 2
    by Rajesh Kumar

    गलतफहमियां शीर्षक के साथ प्रस्तुत है  "भाग-2"      राज को बड़ा अजीब लगा, लड़की ने खुद ही तो फोन किया और अब मना क्यों कर रही है। 4 से ...

    इंतज़ार
    by Shraddha

    इंतज़ार   नमिता अपनी बालकनी में बैठी थी की अचानक उसकी नज़र एक आदमी पर पड़ी जो अपने ठेले पर ढेर सारे पौधे बेच रहा था।  उस ठेले को ...

    अनचाहा रिश्ता (रिश्ते बदलते हैं) - 6
    by Veena

    उस रात के बाद मीरा का स्वप्निल की तरफ देखने का नजरिया बदल सा गया था। वो सोचना नहीं चाहती थी फिर भी उसी के बारे में सोचती। दूसरी ...

    गुङ़िया भीतर गुङ़िया
    by Poonam Gujrani Surat

    कहानीगुङिया भीतर गुङियागुङ़िया भीतर गुङ़ियाचांदनी.... चांदनी.... चांदनी.... चिल्लाते हुए मैं लगातार उसके पीछे भाग रहा था पर वो मेरी पकड़ में नहीं आ पाई। हांफते-हांफते किसी ठोकर से गिरा ...

    सजना साथ निभाना--(अंतिम भाग)
    by Saroj Verma

    मधुसुदन,अब एक -दो दिन में यामिनी का चेकअप करने आ ही जाता, यामिनी तो बस बहाना थी,वो तो बस विभावरी को एक नजर देखने आता था, ऐसा नहीं है ...

    शायरी - 8
    by pradeep Kumar Tripathi

    ब्राह्मण कौन है? ब्राह्मण वह है जो वशिष्ठ के रूप में केवल अपना एक दंड जमीन में गाड़ देता है,जिससे विश्वामित्र के समस्त अस्त्र शस्त्र चूर हो जाते हैं और ...

    अनजान रीश्ता - 42
    by Heena katariya

    पारुल और सेम सबको बाय कहते हुए घर से निकलते हैं । पारुल कार में बैठते हुए ऐसे ही सोच में डूबी हुई थी । सेम के चहेरे से ...

    हमसफर - (भाग3)
    by किशनलाल शर्मा

    "हो सकता है तुम्हारी मौत से तुम्हारे जीवन का दर्द मिट जाता।लेकिन यह तो दर्द मिटाने का कोई तरीका नही हुआ।अगर दर्द मिटाने का यही सही तरीका है,तो फिर ...

    कामनाओं के नशेमन - 7
    by Husn Tabassum nihan

    कामनाओं के नशेमन हुस्न तबस्सुम निहाँ 7 ‘‘क्या आपको पता था कि मोहिनी एक विवाहित महिला है?‘‘ ‘‘नहीं, मैने कल ही जाना ऐसा।‘‘ ‘‘क्या आप यह नहीं जानते थे ...

    अनकहा अहसास - अध्याय - 6
    by Bhupendra Kuldeep

    अध्याय - 6घर पहुँच कर पिता ने रमा से पूछा।उन्होंने क्या कहा बेटी ?उन्होने कहा कि यदि मैं अनुज से शादी करूँगी तो वो अनुज को जायदाद से बेदखल ...

    रिश्ता तेरा मेरा - 3
    by PriBa

    पार्ट -३     _________________________ कई दिन बीत चुके थे पर २-३ जॉब इंटरव्यू देकर भी पिया को सिलेक्शन का कॉल नहीं आ रहा था कारन, पिया जब भी ...

    दोस्ती से परिवार तक - 4
    by Akash Saxena

    मनीष अपनी शर्ट से अपने आंसू पोंछता है और अपने हाथ मे पकड़ी उस चीज को देखता है... "ये क्या है" खून से सनी होने की वजह से उसे साफ ...