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    बहीखाता - 7
    by Subhash Neerav Verified icon
    • 108

    बहीखाता आत्मकथा : देविन्दर कौर अनुवाद : सुभाष नीरव 7 सपना भाबो अर्थात मामी हर समय मेरे अंग-संग ही रहती थी। कभी वह मुझसे पूछती कि मैं क्या बनना ...

    बहीखाता - 6
    by Subhash Neerav Verified icon
    • 189

    बहीखाता आत्मकथा : देविन्दर कौर अनुवाद : सुभाष नीरव 6 माहौल हमारी गली का माहौल पूरी तरह पंजाबी था। हमारी गली क्या, पूरा मुल्तानी ढांडा ही पंजाबी था। जो ...

    शौर्य गाथाएँ - 17 - अंतिम भाग
    by Shashi Padha
    • 102

    शौर्य गाथाएँ शशि पाधा (17) एक नदी-एक पुल सैनिक अधिकारी की पत्नी होने के नाते मैंने अपने जीवन के लगभग ३५ वर्ष वीरता, साहस एवं सौहार्द से परिपूर्ण वातावरण ...

    बहीखाता - 5
    by Subhash Neerav Verified icon
    • 184

    बहीखाता आत्मकथा : देविन्दर कौर अनुवाद : सुभाष नीरव 5 मिडल स्कूल यह सन् 1960 की बात है जब मैं प्राइमरी की पढ़ाई पूरी करके मिडल स्कूल में पहुँच ...

    ज़बाने यार मन तुर्की - 1
    by Prabodh Kumar Govil
    • 374

    - आप बाहर बैठिए, बच्ची को क्लास में भेज दीजिए। चिंता मत कीजिए, इतनी छोटी भी नहीं है। हैड मिस्ट्रेस ने कहा। बच्ची ने हाथ हिला कर मां को ...

    बहीखाता - 4
    by Subhash Neerav Verified icon
    • 246

    बहीखाता आत्मकथा : देविन्दर कौर अनुवाद : सुभाष नीरव 4 अंदर की दुनिया मेरी हालत अजीब-सी रहने लगी। मैं खोयी खोयी घूमने लगी। यद्यपि मैं पूरी तरह नहीं जानती ...

    शौर्य गाथाएँ - 16
    by Shashi Padha
    • 114

    शौर्य गाथाएँ शशि पाधा (16) शांतिदूत यह प्रसंग वर्ष १९९८ के आस -पास का है | कारगिल के भयंकर युद्ध में कितने ही शूरवीरों ने अपने जान की आहुति ...

    बहीखाता - 3
    by Subhash Neerav Verified icon
    • 156

    बहीखाता आत्मकथा : देविन्दर कौर अनुवाद : सुभाष नीरव 3 ट्रकों वाले गली नंबर चार के एक कोने पर ट्रकों वालों का घर था। वैसे गली दोनों तरफ खुलती ...

    शौर्य गाथाएँ - 15
    by Shashi Padha
    • 124

    शौर्य गाथाएँ शशि पाधा (15) शायद कभी वर्ष १९७१ के सितम्बर अक्टूबर के महीनों के आस पास भारत की सीमाओं पर पाकिस्तान की सेना का जमाव बढ़ रहा था ...

    बहीखाता - 2
    by Subhash Neerav Verified icon
    • 117

    बहीखाता आत्मकथा : देविन्दर कौर अनुवाद : सुभाष नीरव 2 पहाड़गंज पहाड़गंज का मुल्तानी ढांडा, गली नंबर चार। यह गली सभी गलियों से चैड़ी होती थी। गली के दोनों ...

    बहीखाता - 1
    by Subhash Neerav Verified icon
    • 174

    बहीखाता आत्मकथा : देविन्दर कौर अनुवाद : सुभाष नीरव 1 पहला कदम बचपन की पहली याद के बारे में सोचती हूँ तो मुँह पर ठांय-से पड़े एक ज़ोरदार थप्पड़ ...

    शौर्य गाथाएँ - 14
    by Shashi Padha
    • 71

    शौर्य गाथाएँ शशि पाधा (14) संकल्प और साहस की प्रतिमूर्ति ( मेजर विवेक बंडराल, सेना मेडल ) सर्दी का हल्का सा आभास दिला रही थी वो सुबह| हम कुछ ...

    शौर्य गाथाएँ - 13
    by Shashi Padha
    • 65

    शौर्य गाथाएँ शशि पाधा (13) बलिदान जम्मू कश्मीर राज्य में स्थित पीर पंचाल की पहाडियों में गुज्जर- बकरवाल जाति के लोग रहते हैं | ये लोग गर्मियों में ऊँचे ...

    शौर्य गाथाएँ - 12
    by Shashi Padha
    • 66

    शौर्य गाथाएँ शशि पाधा (12) तोलालोंग के रणघोष ( मेजर अजय जसरोटिया ) भारत के उत्तर मे जम्मू-कश्मीर एक ऐसा राज्य है जो अपने प्राकृतिक सौन्दर्य एवं प्रसिद्ध मंदिरों ...

    शौर्य गाथाएँ - 11
    by Shashi Padha
    • 89

    शौर्य गाथाएँ शशि पाधा (11) विदाई शादी के बाद प्रभा जब पहली बार सैनिक छावनी में अपने पति कैप्टेन हर पाल के साथ आई थी तो सैनिक परिवारों की ...

    शौर्य गाथाएँ - 10
    by Shashi Padha
    • 74

    शौर्य गाथाएँ शशि पाधा (10) प्रेरक पत्र मेरे जन्म दिवस पर मेरी एक सहेली ने मेरी रुचि का ध्यान रखते हुए तत्कालीन प्रधान मंत्री श्री अटल बिहारी बाजपेयी द्वारा ...

    शौर्य गाथाएँ - 9
    by Shashi Padha
    • 122

    शौर्य गाथाएँ शशि पाधा (9) विजय स्मारिका ( मेजर मोहित शर्मा, अशोक चक्र ) जनवरी १५ को भारत में प्रति वर्ष सेना दिवस मनाया जाता है | इस दिन ...

    शौर्य गाथाएँ - 8
    by Shashi Padha
    • 169

    शौर्य गाथाएँ शशि पाधा (8) अपना – अपना युद्ध मेरे पति अपने सैनिकों के साथ किसी कठिन अभियान के लिए गए हैं, यह बात मैं जानती थी । कहाँ गए ...

    शौर्य गाथाएँ - 7
    by Shashi Padha
    • 123

    शौर्य गाथाएँ शशि पाधा (7) प्रथा–कुप्रथा किसी भी समाज में सामिजिक प्रथाओं का अपना विशेष महत्व तथा तात्पर्य होता है | किसी न किसी विशेष कारणों से समाज के ...

    शौर्य गाथाएँ - 6
    by Shashi Padha
    • 218

    शौर्य गाथाएँ शशि पाधा (6) शाश्वत गाथा (मेजर सुधीर वालिया – अशोक चक्र, सेना मेडल *) रिश्ते ! ये साहचर्य और स्नेह के रिश्ते कभी-कभी खून के रिश्ते से ...

    शौर्य गाथाएँ - 5
    by Shashi Padha
    • 280

    शौर्य गाथाएँ शशि पाधा (5) अखंड ज्योत ( नायक सूरज भान) भारतीय दर्शन में दैनिक प्रार्थना-आराधना, जप-पाठ का विशेष महत्व है| हम जीवन में जब भी बहुत प्रसन्न होते ...

    ममता का सफर
    by Deepti Khanna
    • 160

    एक सफर जो शुरू हुआ इस कदर ,अब सोचती हूँ मैं आज ,तो मुस्कुराती हूँ फिर से होकर मगन l एक सफर मां से सहेली बनने का l हाँ ...

    शौर्य गाथाएँ - 4
    by Shashi Padha
    • 265

    शौर्य गाथाएँ शशि पाधा (4) एक और अभिमन्यु ( लेफ्टिनेंट सुशील खजुरिया, कीर्ति चक्र ) उन दिनों मैं अमेरिका में रह रही थी | देश में रहो या विदेश ...

    शौर्य गाथाएँ - 3
    by Shashi Padha
    • 322

    शौर्य गाथाएँ शशि पाधा (3) परम्परा ( नायक जगपाल सिंह, कीर्ति चक्र ) इतिहास साक्षी है कि युद्ध कितना भयानक होता है | आग, अँगार, बन्दूक, तोप, चीत्कार और ...

    मृत्युंजय सिंह की सफलता की कहानी, जिसने VGMSecurity की स्थापना की !
    by Mrityunjay Singh
    • 396

    यह कहानी 20 साल के एक ऐसे नौजवान के बारे में है जो बेहद कर्मठ, तेज-तर्रार और हर मुश्किल का डटकर सामना करने वाले लोगों के रूप में जाने ...

    शौर्य गाथाएँ - 2
    by Shashi Padha
    • 313

    ( लांस नायक रमेश खजुरिया – शौर्य चक्र ) रमेश से मेरी पहचान उस सैनिक छावनी में जाने के एक दो दिन बाद ही हो गयी थी मेरे पति ...

    जीवन गाथा - मेरे आज मे है बीते कल का हाथ
    by Anjali Dasuni
    • 146

    अंधेरे से दूर भागते भागते आज अंधेरा ही मेरा साथी बन गया।।यू  तो रंगो से कोई  शिकायत नहीं मुझको ,पर वर्तमान में चल रहे रंंगो के इस भेदभाव से ...

    मरु भूमि का वह मेघ, डा. अब्दुल जलील फरीदी (एक स्मृति)
    by Khan Ishrat Parvez
    • 136

    मरूभूमि का वह मेघ ;      डाक्टर अब्दुल जलील फरीदी (एक स्मृति)                                     ...

    शौर्य गाथाएँ - 1
    by Shashi Padha
    • 761

    (कैप्टन अरुण जसरोटिया, अशोक चक्र, सेना मेडल, निशाने पंजाब ) 'संत सिपाही', विरोधाभास लगता है न आप सब को, कि हिंसक - अस्त्र-शस्त्रों के साथ शत्रु संहार की शिक्षा-दीक्षा लेने ...

    मेरी पढ़ाई - 1
    by Neha
    • 235

     माफ़ कीजियेगा दोस्तों बड़े दिनों बाद फिर से एक कहानी आपको सुनाने जा रही हूं। उम्मीद है आप सबको पसंद आएगी और नहीं भी आए तो पढ़ तो लेना ...