Triya Charitra by Munshi Premchand in Hindi Short Stories PDF

त्रिया चरित्र

by Munshi Premchand Matrubharti Verified in Hindi Short Stories

एक रोज शाम के वक्त चम्पा किसी काम से बाजार गई हुई थी और मगनदास हमेशा की तरह चारपाई पर पड़ा सपने देख रहा था रम्भा अद्भूत कहता के साथ आ कर उसके सामने खड़ी हो गई ...Read More