Vivek you tolerated a lot! - 4 by S Bhagyam Sharma in Hindi Detective stories PDF

विवेक तुमने बहुत सहन किया बस! - 4

by S Bhagyam Sharma Matrubharti Verified in Hindi Detective stories

अध्याय 4 डॉ. अमरदीप ने पोरको को आश्चर्य से देखा ‌। "क्या आत्मा ?" अमरदीप के होंठो पर एक हंसी आई। "कौन सी आत्मा.... भाप…... वाली आत्मा...?" "मनुष्य की आत्मा डॉक्टर ! मेरा फ्रेंड एक.... कुप्पुस्वामी। आत्माओं से बात ...Read More