Ae hawa sun jara by pradeep Kumar Tripathi in Hindi Poems PDF

ऐ हवा सुन जरा..

by pradeep Kumar Tripathi in Hindi Poems

1. ऐ हवा सुन जरा....ऐ हवा सुन जरा आ इधर से चलें।रास्ते में खड़ा एक शक्स है जरा आ इधर से चलें।।ऐ हवा सुन जरा....हांथ में है लिये वो प्रेम का दिया आ इधर से चलें।बुझ न जाए प्रेम ...Read More