Vah raat kidhar nikal gai by Geeta Shri in Hindi Social Stories PDF

वह रात किधर निकल गई

by Geeta Shri Matrubharti Verified in Hindi Social Stories

वह रात नसीबोवाली नहीं थी. देर रात फोन पर झगड़ने के बाद बिंदू किसी काम के लायक नहीं बची थी। आयशा और वैभव दोनों दूर से सब देख समझ रहे थे, खामोशी से। आयशा ने कई बार कूल..रहने का इशारा आंखों ...Read More