GYAN AUR MOH by Ajay Amitabh Suman in Hindi Poems PDF

ज्ञान और मोह

by Ajay Amitabh Suman Matrubharti Verified in Hindi Poems

(1) ज्ञान और मोह दो राही चुपचाप चल रहे,ना नर दोनों एक समान,एक मोह थालोभ पिपासु ,औ ज्ञान कोनिज पेमान। कल्प गंगके तट पे दोनों,राही धीरे चले पड़े ,एक साथ थे दोनों किंतु,मन से दोनों दूर खड़े ...Read More