VYAVDHAN by Ajay Amitabh Suman in Hindi Poems PDF

व्यवधान

by Ajay Amitabh Suman Verified icon in Hindi Poems

एक फूल का मिट जाना हीं उपवन का अवसान नहीं,एक रोध का टिक जाना हीं विच्छेदित अवधान नहीं । जिन्हें चाह है इस जीवन में स्वर्णिम भोर उजाले की,उन राहों पे स्वागत करते घटाटोप अन्धियारे भी।इन घटाटोप अंधियारों का ...Read More