RAKH by Ajay Amitabh Suman in Hindi Poems PDF

राख़

by Ajay Amitabh Suman Verified icon in Hindi Poems

(१) ये कविता मैंने आदमी की फितरत के बारे में लिखा है . आदमी की फितरत ऐसी है कि इसकी वासना मृत्यु पर्यन्त भी बरकरार रहती है. ये मृत्यु के बाद भी ईक्छा करता है कि मारने के ...Read More