આપો પ્રેમ કે પછી પસ્તાવો શું ફરક પડે, હસતા રહેવાનો અમે નિયમ રાખ્યો છે....@win*

तेरी इस दुश्मनी के रिश्ते से
हम तेरे रिश्तेदार होते हैं

सुनाने की बजाय सुनने की आदत ड़ालिए ! दिमागी सुकून रहेगा !

रंगीन लिबास,न शोख़ियाँ ...
न तबीयत की क़दर होगी .....

जाएगी जो ख़ुदा के दर तलक ...
वो सादगी अमर होगी ....

साथ थे तो शहर भी छोटा लगता था..
जिंदगी
बिछडे तो गलिया भी लम्बी लगने लगी…,

क्यों तिथि देखें? क्यों करें?, शुक्ल पक्ष की खोज
चंद्रमुखी! तुम साथ तो, हमें पूर्णिमा रोज़

હું દુનિયા થી અલગ નથી !
પરંતુ, મારી દુનિયા જ અલગ છે !!

चाँद पे आज दाग नहीं था,
काजल की डिबिया खाली थी शायद!

कोई दुआ, कोई सलाम नहीं लेना है।
हमको हक़ चाहिए इनाम नहीं लेना है।।

જન્મજાત નહો'તો કે નહો'તો હું વારસાગત જુગારી,
બસ એ ચાર રાણીઓને લીધે ગંજીપો મને ગમે છે.!