i love my self ... my family

खुदा खैर करे ऐसे पौधे का
जिन्होंने पूरी उम्र इस वहम में गुजार दी की फूल पर हक उनका है

-Arti Shukla

चलो तुम कह देना हम मान लेंगे
रोना मुझे आता नही मुस्कुराना तुम सीखा ना पाए

तुमसे बेहतर तुम्हे कोई नहीं जानता
फिर क्या देखना चाहते हो मेरी आंखो में

मैने सारे रंग को खुद से दूर कर दिया
सोचा बेरंग सी जिंदगी में कयामत का रंग भरूं

कहते है तस्वीरे बोला करती है
तो फिर आंखे क्या कहती होगी

चलो आज वफाओं को थोड़ा और गहरा करते है
सुनामी सा इश्क़ है तेरा हमदम
हम उठते हुए तूफानों को आंखो में कैद करते है

Read More

अधूरापन भी अच्छा है
पूरे होने की आस तो है
पल पल घटते बढ़ते चांद को पूर्णिमा की प्यास तो है
जैसे रात अमावस की जैसे चांद अधूरा है
तुम वेदना बन उतर आओ हृदय में की अभी प्यार अधूरा है

-Arti Shukla

Read More

चलो आज ना कुछ कहा जाए
तुम बस देखते रहो और मैं खामोश तुझे महसूस करू

मुझे मेरे ना होने का मलाल नहीं ,,तेरे जिक्र में कुछ कुछ पूरी होती हूं ,,
अगर मैं बेवफा होती तो शायद महफ़िल रौशन करती,,,पर इल्म वफाओं का था इसलिए रातें तन्हा गुजरती हैं मेरी

-Arti Shukla

Read More

कुछ धुंधली धुंधली सी इश्क़ है
एक बड़ा सा यादों का पिटारा है
चलो आज उन यादों से
थोड़ी मुलाकात की जाए

-Arti Shukla

Read More