मटन बिरयानी की खुशबू अब भी हवा में तैर रही थी। मंत्री जगनमोहन दयाल ने उँगलियाँ धोते हुए तसल्ली ...
बाथरूम वाली घटना की उसी शाम, बड़ी हवेली होने वाली शादी की सजावट से जगमगा रही थी। यही हवेली ...
घर भरा हुआ था। आँगन में रिश्तेदारों की आवाज़ें थीं—हँसी, गाने, बर्तनों की खनक। शादी की तारीख़ पास थी, ...
रंजीत की कहानी समाप्त होते ही अलाव की धीमी चटक सबसे तेज़ आवाज़ बन गई। कोई कुछ नहीं बोला। ...
अस्पताल से लौटकर शाम ढलने तक हम सब चुपचाप एक साथ बैठे रहे। मौसी के कमरे की डरावनी हालत, ...
मैंने फ़ोन स्क्रीन की आख़िरी लाइन दोबारा पढ़ी—“जमालीपुरा अस्पताल पहुँचिए। जल्दी।” दिल की धड़कन तेज़ हो गई। “निश! बाहर ...
नदी तक जाने वाला रास्ता गाँव से थोड़ा बाहर निकलकर जंगल की ओर मुड़ता था। सुबह की धूप हल्की-हल्की ...
सुबह गाँव में कुछ अलग ही तरह का उजाला था। रात की भारी चुप्पी के बाद यह रोशनी मानो ...
दुकानों के उस क्लस्टर को पीछे छोड़ हम पहाड़ की और गहरी चढ़ाई में बढ़ते गए। सड़क सँकरी और ...
अलाव की गरम लपटें अभी भी हल्की-हल्की तड़क रही थीं, मगर अब किसी की भी नज़रें आग पर नहीं ...