आर्यन तेरा वर्षांचा झाला. काल त्याचा वाढदिवस होता. तो या वाढदिवसाची कितीतरी दिवसांपासून वाट पाहत होता. तो खूप उत्सुक ...
యంత్రం ఐదు గంటలు................వాతావరణం చాలా చల్లగా ఆహ్లాదకరంగా ఉంది.... రోడ్డు మీద వెళ్తున్న వెహికల్స్నడుచుకుంటూ ఇళ్ళకు చేరుతున్న జనం, అలసిపోయి ఆ చల్లటి గాలికి సేద తీరుతూరేపటి పని ...
नमस्कार माझ्या प्रिय वाचक मित्र आणि मैत्रिणींनो...?? माझे नाव मेघना उर्फ मेघा.... आज मी तुम्हा सर्वांसाठी एक खुप छान अशी ...
उस वक़्त मैं तीन साल का था, मेरा बड़ा भाई सुखेश पांच साल का था औऱ मेरी छोटी ...
बहुत लंबे और थकान भरे दिन के बाद अगर जिंदगी में कहीं सुकून है तो वो है सिर्फ़ ये ...
जिंदगी के पार जिंदगी कहते हैं जिंदगी एक रहस्य से भरा हुआ है एक पजल की तरह जिंदगी की ...
মহাভারতের কাহিনি – পর্ব-১ প্রাককথন সেইসব মানুষের সংখ্যা অত্যন্ত নগণ্য, যাঁরা বিশালাকার মহাগ্রন্থ মহাভারত সম্পূর্ণ পাঠ করেছেন। ...
मध्य प्रदेश के रायसेन जिला में अवस्थित भीमबैठका शैलाश्रय (Bhimbetka Rock Shelters) भोपाल से लगभग 45 किमी दूर विंध्य ...
एक दिन उनके राज्य में एक भिखारी आ पहुँचा। उसके कपड़े फटे-पुराने थे और उसकी त्वचा पर बड़े-बड़े फोड़े-फुंसियाँ ...
शाम का समय था । जानवी अपने पापा अशोक मुखर्जी से अपने पसंद के लड़के से शादी करने की ...
वो रात, जहाँ सब शुरू हुआ उस रात की खामोशी में एक अजीब सा तूफान छुपा था। हवा ठंडी थी, मगर ...
Hello everyone, This story is entirely fictional. It has no connection with any real person, place, or incident. Since this ...
આ રચના સંપૂર્ણપણે કાલ્પનિક છે જેનો જીવિત કે મૃત તથા કોઈપણ ઘટના, ધર્મ, પ્રદેશ સાથે સંબંધ નથી. જો કોઈ ...
அந்த நாளை எப்படி துவங்குவது என்பது பிரேமுக்கு தெரியவில்லை. எப்போதும் போல இருந்து விட முடியவில்லை. வேலையில்லா நாட்கள் பெரும் சுமையாய் இருந்தன. படிப்பு முடிந்து ...
ಬೆಂಗಳೂರಿನ ಆ ಅರೆಬರೆ ಕತ್ತಲ ರಸ್ತೆಗಳಲ್ಲಿ ರಾತ್ರಿ ಒಂದು ಗಂಟೆಯೆಂದರೆ ಅದು ಕೇವಲ ಸಮಯವಲ್ಲ ಅದು ಮನುಷ್ಯರ ಲೋಕ ಮತ್ತು ಮೃತ್ಯುಲೋಕದ ನಡುವಿನ ಒಂದು ತೆಳುವಾದ ...
सुबह के साढ़े पांच बजे थे। शहर की भागदौड़ अभी शुरू नहीं हुई थी, लेकिन भूपेंद्र के घर की ...
मजबूरी की शादीबारिश की वो रात भूला न जाने वाली थी। पटना की तंग गलियों में पानी की धाराएँ ...
Heroine: शानवी सिंह Hero: कार्तिकेय (दिन में बिल्ली, रात में इंसान) शानवी सिंह को अकेलापन काटने दौड़ता था। बड़े शहर में छोटी ...
15 अक्टूबर 2003 को दिल्ली की अस्पताल में मेरा जम्म हुआ था. उस वक़्त वक़्त तेज बारिश हो रही ...
दस वर्षीया पारुल दौड़ती जा रही है। नदी के किनारे-किनारे। रेत पैरों में चुभ रही है, मगर वह हँस रही है। बालों ...