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अरबपति वारिस से गुमनाम लड़की तक.

by Shanaya khan
  • 66.2k

एक ऐसी दुनिया जहां कमजोरो की कोई जगह नहीं बस ताकतवर लोग ही हुकूमत चलते है और ताकत का ...

झपाटलेला वाडा.

by kalyan mhaslekar
  • 15k

आर्यन जेव्हा आरशात बघायचा तेव्हा त्याला लेखक नाही, एक भिकारी दिसायचा. तीन पुस्तकं. तीनही आपटली होती. शेवटच्या प्रकाशकाने पुस्तक तोंडावर ...

बिसात का आखिरी मोहरा

by Aarti Garval
  • 23.4k

रुद्रपुर की पहाड़ियों पर आज रात आसमां से पानी नहीं, बल्कि साक्षात कहर बरस रहा था। बादलों के गरजने ...

రుధిరపు అడుగులలో

by Twist Master Sandeep
  • 66k

రాత్రి పదకొండైంది. బెంగళూరు నగరం వెలుపల ఉన్న ఆ పాత, పాడుబడిన సిమెంట్ ఫ్యాక్టరీ ప్రాంగణంలో శ్మశాన నిశ్శబ్దం ఆవరించింది. ఆకాశంలో నల్లటి మబ్బులు కమ్ముకుని, ...

DASTAN-E-KARB - भ्रम से परे क्या है?

by Azoorey
  • 28.9k

"क्या है जिंदगी हक़िक़त या छलावा या कोई भ्रम? इतनी मुद्दत की जिंदगी जिसे हम हक़िक़त समझते रहे क्या ...

अधूरे इश्क की पूरी दास्तान

by Nirali Ahir
  • 97.2k

खुली खिड़की से आती ठंडी हवा प्रीतम के कुछ कुछ सफेद हुए बालों को धीरे धीरे सहेला रही थी। ...

दो पतियों की लाडली पत्नी (Season 2)

by Sonam Brijwasi
  • 14.6k

बड़ा सा फ्लैट…जहाँ पहले हँसी गूंजती थी, वहाँ अब एक अजीब-सी खामोशी थी। 7 साल का शिवांश दौड़ता हुआ ...

ध्रुव की तारा

by Anamika
  • 24.4k

सूरज की गुनगुनी धूप में सामान से भरी पिकअप वैन नई सोसाइटी के गेट पर आकर रुकी। आज से ...

આનંદનગર.

by Rupen Patel
  • 56.5k

આનંદનગર એ માત્ર ઈંટ-સિમેન્ટથી બનેલી ચાર દીવાલો કે ફ્લેટોનું સરનામું નથી, પણ “મિની ભારત”નું જ્વલંત ઉદાહરણ છે. અહીં હિન્દુ, ...

ભૂલ છે કે નહીં ?

by Mir
  • (4.3/5)
  • 615.3k

દોસ્તો,આજે બસમાં જવાનું થયું. મારી બાજુમાં એક બહેન બેઠા હતાં. કંઈક ગંભીર વિચારમાં હોય એવું લાગ્યું. એમની આંખો પાણી ...

પાછા વળ્યા પાછલા દિવસો

by Dhamak
  • 27.7k

૩૬ વર્ષની સિંગલ મધર જાનવી એકલા હાથે પોતાના ૪ વર્ષના દીકરાને સાચવવામાં ભાંગી પડે છે અને તેને પોતાની સ્વર્ગસ્થ ...

बॉलीवुड की गुमनाम डांसर

by S Sinha
  • 28.3k

नोट - इस लेख में बॉलीवुड फिल्मों में पुरानी डांसर पर चर्चा की गयी है जो आज ...

1926 की अमावस की वो खौफनाक रात

by RAAHULL SHARMA
  • 50.7k

भाग 1: देवपुर रियासत सन 1926, भारत भूमि पर फिरंगियों का क्रूर शासन अपने चरम पर था। चारों ओर ...

प्रहेलिका (एक तलाश )

by Devaki Singh
  • 35k

मैं... अपने ऑफिस का काम जल्द से जल्द निपटाने में व्यस्त था तभी मुझे कुछ हल्की सी चिल्लाने की ...

द्वितिय महायुद्ध

by Siddhesh Chaudhari
  • 41.8k

महायुद्धाची पहिली ठिणगी आणि 'व्हर्सायचा तह' २८ जून १९१९. फ्रान्सची राजधानी पॅरिसपासून काही अंतरावर असलेला 'व्हर्साय'चा (Versailles) भव्य राजवाडा आज ...

જીવન પથ

by Rakesh Thakkar
  • (4.5/5)
  • 302.7k

નમસ્તે મિત્ર! જીવનમાં આગળ વધવાનું દરેકનું ધ્યેય હોય છે. એમાં અનેક અડચણો અને પડાવ આવે છે. આ સમયમાં જો યોગ્ય ...

अधूरापन

by Falguni Dost
  • 59.4k

समर्पित उन सभी स्त्रियों को जो किसी न किसी बंधन में जकड़ी हुई हैं। प्रस्तावना यह कहानी मेरा पहला सह-लेखन प्रयास ...

ప్రణయ గీతిక

by sreelu
  • 77.8k

ఉషోదయాన భానుడి లేలేత కిరణాలు పడుతూ ఉండగా పొగ మంచు మెల్లమెల్లగా తెరతీస్తూ ఉంటే చుట్టూ మొక్కలు, చెట్లు కనిపించగా బస్సులో కిటికీ అద్దాలను ...

छठी मैया का आशीर्वाद.

by Aloka Patel
  • 17.4k

गंगा के किनारे बसा वह छोटा-सा गाँव सूर्योदय के साथ ही जाग जाता था। सुबह के पाँच बजे थे। आसमान अभी ...

गैंगस्टर का सनकी इश्क

by Sanju
  • 90.6k

लाई हूं, एक ऐसी स्टोरी जिसमे सस्पेंस और लव है जो शुरू होता है हरिद्वार के शहर से जहाँ ...