आज घर में अफरा-तफरी का माहौल था।साजिया के फैसले से कोई खुश नहीं था।सास नाराज़ थी, नंद ताने दे ...
इंसान अपने मुताबिक़ रंग चुनता हैउसे लगता है की वो रंग चुनने माहिर हैजैसे...वह अपनी खुशी दर्शाने के लिएकभी ...
दिल्ली से देहरादून का सफ़र मानो किसी फ़िल्म का धीमा-सा खूबसूरत गीत बन गया था।रास्ते भर परी अपने छोटे ...
सास ने अपनी सूखी, कठोर आँखें उठाकरसीधे साजिया की तरफ देखा।कमरे की हवा अचानक और भारी हो गई।“अगर रेशमा ...
(वेदांत ओबरॉय काम्या से कहता है कि मेरे भाई शौर्य में कोई कमी नहीं पर वह नहीं मानती। वेदांत ...
सुबह की पहली किरणें NGO मे खिड़की से झाँक रही थीं।रसोई से आती खुशबू पूरे घर में फैल रही ...
महक चबूतरे पर बैठी थी, पैरों के पास फैली रजनीगंधा की खुशबू हवा में घुल रही थी।उसके होंठों पर ...
दिल्ली की सर्दी में कमरे की गरमाहट और गाजर के हलवे की खुशबू जैसे किसी को बचपन की मीठी ...
पिता न बन पाने का दर्दउसके भीतर के पति पर भारी पड़ चुका था।आसिफ ने धीमी मगर ठंडी आवाज़ ...
(कपूर ज्वेलर्स की बेटी वेटर को दो दिन का बॉयफ़्रेंड बनाती है। ओबेरॉय होटल में इंतजार करती है अपने ...