आखिरी रात“तुम्हारा शरीर…”“अभी भी मेरा है।”आवाज मंदिर की दीवारों से टकराकर चारों तरफ फैल गई।आरव जमीन पर पड़ा था।उसकी ...
वह नाम जिसे सुनकर गाँव काँपता था“आखिरकार…”“मेरा बच्चा…”“अपना नाम याद कर चुका।”मंदिर के अंदर गूँजती वह आवाज इतनी भारी ...
चौथा बच्चाअंधेरा।चारों तरफ सिर्फ अंधेरा था।आरव को कुछ दिखाई नहीं दे रहा था।उसे सिर्फ अपनी साँसों की आवाज सुनाई ...
तीसरा हिस्सा“अब तीन हैं।”दीवार पर लिखे ये तीन शब्द अभी भी चमक रहे थे।आरव उन्हें घूरता रहा।उसकी आँखों के ...
दूसरा आरव“भैया…”आवाज फिर सुनाई दी।आरव वहीं खड़ा रह गया।सामने अंधेरे में एक लड़की थी।हाथ में वही लकड़ी की सीटी।चेहरा ...
हर दस साल बाद लौटने वालाआरव उस पालने के सामने खड़ा था।उसकी आँखें बच्चे के चेहरे पर टिकी थीं।वही ...
जिसे माँ ने जन्म नहीं दिया थाआरव ने आँखें खोलीं।कुछ सेकंड तक उसे समझ ही नहीं आया कि वह ...
जिस घर में आरव पहले भी रह चुका थासुबह के ठीक पाँच बज रहे थे।घर के अंदर अजीब-सी खामोशी ...
असली आरवआरव ने पीछे मुड़कर देखा।सड़क खाली थी।भैरवपुर…गायब हो चुका था।न मंदिर।न स्कूल।न वह पुराना गाँव।न उसकी माँ।कुछ भी ...
माँ जो कभी मरी ही नहीं“बेटा…”आवाज सुनते ही आरव की आँखें फैल गईं।वह आवाज…उसकी माँ की थी।वही आवाज जिसे ...