-----------------चारू पर्दे के पीछे से पाले देख रही थी। उसकी भंवे सिकुडी हुई थी। होंठ भींच हुए थे। और ...
---------------अवासा की वादियाँ जितनी हसीन थीं, यहाँ का मौसम उतना ही अप्रत्याशित था। अभी थोड़ी देर पहले खिली धूप ...
----------------चारू भोचक्की सी खडी थी। उसके सामने अमर खडा था जो इस समय गुस्से से लाल हो गया था।अमर ...
----------------- दिल्ली से छः सौ किलोमिटर दूर हिमाचल प्रदेश की गोद बसा एक टाउन अवासा इस समय शांत था। ...
----------------नव्या , चारू और शशांक तीनो कैंटीन मे बैठे थे। और चारू उन्हे प्ले की स्टोरी बता रही थी।" ...
-------------वो युनिवर्सिटी का थिएटर क्लब था। शशांक और चारू किसी बात पर बहस कर रहे थे।" यार..दिस इज निडिड! ...
-------------'आर्कषण का प्यार मे..और प्यार का मोहब्बत बनना..क्या इस बदलाव को देखा है? मैने भी नही देख। पर क्या ...
-----------------नैना सांसे थामे खडी थी। अमोघ गहरी नजरो से उसे देख रहा था।" अमोघ मै..."नैना बोलने लगी ही थी ...
-----------चारू हॉल मे अमर के सामने बैठी पढ रही थी। वही अमर कॉफी पीते हुए उसे घूर रहा था। ...
---------------चारू जोर से चिखी, " अन्वी दीदी ! "अन्वी जो अभी तक किसी बात पर हँस रही थी उसकी ...